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Ludhiana News: मीरी-पीरी खालसा मार्च का दूसरा चरण आनंदपुर साहिब के लिए रवाना
Fri, 04 Sep 2026 11:36 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Fri, 04 Sep 2026 11:36 PM IST
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मीरी-पीरी खालसा मार्च ने सैकड़ों गांवों में सिख धर्म और नशा-मुक्ति का संदेश दिया - एडवोकेट धामी
संवाद न्यूज एजेंसी
रोपड़। श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू हुए मीरी-पीरी खालसा मार्च का दूसरा चरण शुक्रवार को तख्त श्री केसगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) के लिए रवाना हुआ। यह मार्च वीरवार रात रोपड़ के गुरुद्वारा श्री भट्टा साहिब में विश्राम के बाद आगे बढ़ा। मार्च की शुरुआत में कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित थीं।
इस अवसर पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज मौजूद थे। शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी भी उपस्थित थे। सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी केवल सिंह ने गुरुओं का इतिहास साझा किया। वरिष्ठ अकाली नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने पालकी साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब को सुशोभित किया। ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने बताया कि मार्च सैकड़ों गांवों से गुजरा है। इसने गुरु सिद्धांतों और पंथिक परंपराओं का संदेश दिया है। उन्होंने पंजाब में नशीले पदार्थों की समस्या पर चिंता जताई। कई युवाओं ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया है।
सामाजिक बुराइयों पर जोर
हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि गुरु साहिब ने समाज से ऊंच-नीच और जाति-पाति का भेदभाव खत्म किया। उन्होंने सभी को बराबरी और सम्मान दिया। छठे गुरु, श्री गुरु हरगोबिंद साहिब ने सिखों को मीरी-पीरी का सिद्धांत दिया। शिरोमणि कमेटी नेपाल में बाढ़ पीड़ितों की मदद भी कर रही है। खालसा मार्च का मकसद मानवता के भले के सिद्धांत का प्रचार करना है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रोपड़। श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू हुए मीरी-पीरी खालसा मार्च का दूसरा चरण शुक्रवार को तख्त श्री केसगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) के लिए रवाना हुआ। यह मार्च वीरवार रात रोपड़ के गुरुद्वारा श्री भट्टा साहिब में विश्राम के बाद आगे बढ़ा। मार्च की शुरुआत में कई प्रमुख हस्तियां उपस्थित थीं।
इस अवसर पर श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज मौजूद थे। शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी भी उपस्थित थे। सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी केवल सिंह ने गुरुओं का इतिहास साझा किया। वरिष्ठ अकाली नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने पालकी साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब को सुशोभित किया। ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने बताया कि मार्च सैकड़ों गांवों से गुजरा है। इसने गुरु सिद्धांतों और पंथिक परंपराओं का संदेश दिया है। उन्होंने पंजाब में नशीले पदार्थों की समस्या पर चिंता जताई। कई युवाओं ने नशे से दूर रहने का संकल्प लिया है।
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सामाजिक बुराइयों पर जोर
हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि गुरु साहिब ने समाज से ऊंच-नीच और जाति-पाति का भेदभाव खत्म किया। उन्होंने सभी को बराबरी और सम्मान दिया। छठे गुरु, श्री गुरु हरगोबिंद साहिब ने सिखों को मीरी-पीरी का सिद्धांत दिया। शिरोमणि कमेटी नेपाल में बाढ़ पीड़ितों की मदद भी कर रही है। खालसा मार्च का मकसद मानवता के भले के सिद्धांत का प्रचार करना है।
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