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Ludhiana News: किसानों के हित में सेना ने छोड़ा एक साल पुराना सर्वे, अब नए सिरे से होगा
Fri, 04 Sep 2026 06:46 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Fri, 04 Sep 2026 06:46 PM IST
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डैम निर्माण के लिए किया जाएगा सीमा क्षेत्र का सर्वेक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
फाजिल्का। सीमा क्षेत्र में किसानों और सेना के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सेना ने किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए एक साल पुराना सर्वे छोड़ने का फैसला किया है। अब डैम निर्माण को लेकर सीमा क्षेत्र का नए सिरे से सर्वे किया जाएगा।
पुराने सर्वे को तैयार करने में सेना ने करीब एक साल का समय और मेहनत लगाई थी। सेना ने इस प्रक्रिया में खर्च हुए समय और पैसे की परवाह नहीं की। किसानों की चिंताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। नए सर्वे में किसानों की जमीन और उनके हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। साथ ही देश की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सीमा की संवेदनशीलता को भी प्राथमिकता मिलेगी। इसका उद्देश्य किसानों के अधिकार सुरक्षित रखना और सीमा सुरक्षा से समझौता न करना है। करण फाउंडेशन के संस्थापक करण गिल्होत्रा ने बताया कि नए सर्वे की प्रक्रिया कल से शुरू होगी। उन्होंने कहा कि इसमें किसानों के हितों के साथ-साथ देश की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
किसान संघर्ष कमेटी ने अपनी मांग को लेकर करण गिल्होत्रा से संपर्क किया था। गिल्होत्रा कमेटी के प्रतिनिधियों को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के पास ले गए। राज्यपाल ने स्वयं मौके पर पहुंचकर किसानों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने समाधान के लिए सेना के अधिकारियों से बातचीत की थी। इस पूरे मामले के समाधान में राज्यपाल की पहल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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आपसी विश्वास और सहयोग
इस पहल के तहत गुरुद्वारा साहिब चढ़दी कला में अरदास की गई। इसमें किसानों और सेना के बीच बेहतर सहयोग तथा देश की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की गई। इस मौके पर संघर्ष कमेटी ने करण गिल्होत्रा को सम्मानित भी किया। गिल्होत्रा ने कहा कि फाजिल्का में एक बार फिर ‘जय जवान, जय किसान’ की भावना मजबूत हुई है। किसानों और सेना के बीच आपसी विश्वास और सहयोग सीमा क्षेत्र के लिए नई मिसाल बनेगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फाजिल्का। सीमा क्षेत्र में किसानों और सेना के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सेना ने किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए एक साल पुराना सर्वे छोड़ने का फैसला किया है। अब डैम निर्माण को लेकर सीमा क्षेत्र का नए सिरे से सर्वे किया जाएगा।
पुराने सर्वे को तैयार करने में सेना ने करीब एक साल का समय और मेहनत लगाई थी। सेना ने इस प्रक्रिया में खर्च हुए समय और पैसे की परवाह नहीं की। किसानों की चिंताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। नए सर्वे में किसानों की जमीन और उनके हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। साथ ही देश की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सीमा की संवेदनशीलता को भी प्राथमिकता मिलेगी। इसका उद्देश्य किसानों के अधिकार सुरक्षित रखना और सीमा सुरक्षा से समझौता न करना है। करण फाउंडेशन के संस्थापक करण गिल्होत्रा ने बताया कि नए सर्वे की प्रक्रिया कल से शुरू होगी। उन्होंने कहा कि इसमें किसानों के हितों के साथ-साथ देश की सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
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किसान संघर्ष कमेटी ने अपनी मांग को लेकर करण गिल्होत्रा से संपर्क किया था। गिल्होत्रा कमेटी के प्रतिनिधियों को पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के पास ले गए। राज्यपाल ने स्वयं मौके पर पहुंचकर किसानों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने समाधान के लिए सेना के अधिकारियों से बातचीत की थी। इस पूरे मामले के समाधान में राज्यपाल की पहल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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इस पहल के तहत गुरुद्वारा साहिब चढ़दी कला में अरदास की गई। इसमें किसानों और सेना के बीच बेहतर सहयोग तथा देश की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की गई। इस मौके पर संघर्ष कमेटी ने करण गिल्होत्रा को सम्मानित भी किया। गिल्होत्रा ने कहा कि फाजिल्का में एक बार फिर ‘जय जवान, जय किसान’ की भावना मजबूत हुई है। किसानों और सेना के बीच आपसी विश्वास और सहयोग सीमा क्षेत्र के लिए नई मिसाल बनेगा।