जमुई नाबालिग प्रकरण: आरोपी हरेराम यादव को वकील ने जड़ा थप्पड़, पेशी के लिए आया था; पैरवी से भी किया गया इनकार
जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित छेड़छाड़ और बदसलूकी के आरोपी हरेराम यादव को कोर्ट में पेश किया गया। बाहर निकलते समय अधिवक्ता ने उसे थप्पड़ मार दिया। पुलिस ने स्थिति संभाली। जिला विधिज्ञ संघ ने आरोपितों की पैरवी से इनकार किया।
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नाबालिग छात्रा से कथित छेड़छाड़ और बदसलूकी के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी हरेराम यादव को बुधवार शाम कोर्ट में पेश किया गया। पेशी के बाद कोर्ट परिसर से बाहर निकलते समय अधिवक्ता आकाश पांडेय ने उसे थप्पड़ मार दिया। अचानक हुई इस घटना से कोर्ट परिसर में कुछ देर के लिए अफरातफरी की स्थिति बन गई। पुलिस ने तत्काल स्थिति को नियंत्रित किया और आरोपी को सुरक्षा के बीच वहां से निकाल लिया।
इस दौरान कोर्ट परिसर के बाहर मौजूद लोगों में भी आक्रोश देखा गया। भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने आरोपी से सवाल करते हुए कहा कि अगर ऐसी स्थिति में उसकी बहन होती तो क्या वह भी इसी तरह की हरकत करता। हालांकि, स्थिति बिगड़ने से पहले पुलिस ने आरोपी को वहां से हटा लिया।
अस्पताल से फिट होने के बाद कोर्ट में पेशी
पुलिस टीम बुधवार दोपहर बाद हरेराम यादव को अस्पताल से लेकर निकली थी। कोर्ट के बाहर भीड़ अधिक होने के कारण उसे तत्काल वहां नहीं लाया गया। बाद में स्थिति को देखते हुए शाम में उसकी पेशी कराई गई। जमुई एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि मंगलवार की पुलिस कार्रवाई के बाद गिरफ्तार किए गए दो आरोपितों में से हरेराम यादव चिकित्सकीय रूप से फिट हो गया था। इसलिए उसे बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। दूसरा आरोपित अभी पूरी तरह स्वस्थ नहीं है, इसलिए उसकी बुधवार को पेशी नहीं हो सकी।
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अधिवक्ता ने स्वीकार की थप्पड़ मारने की बात
अधिवक्ता आकाश पांडेय ने हरेराम यादव को थप्पड़ मारने की बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि छात्रा के साथ हुई घटना को लेकर उनके मन में काफी आक्रोश था। उनके अनुसार, थप्पड़ व्यक्तिगत प्रतिक्रिया के बजाय घटना को लेकर लोगों के आक्रोश की अभिव्यक्ति थी। अधिवक्ता ने कहा कि वकील होने से पहले वह एक इंसान हैं और उनके अंदर भी मानवीय संवेदनाएं हैं। उन्होंने माना कि यह कदम उन्होंने आक्रोश में उठाया। कानून हाथ में लेने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यदि इस मामले में कानून उन्हें सजा देता है तो वह उसे स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।
वकीलों ने आरोपितों की पैरवी से किया इनकार
नाबालिग छात्रा से कथित अभद्र व्यवहार और छेड़खानी के मामले को लेकर आम लोगों के साथ विभिन्न वर्गों में भी आक्रोश है। मामले में जिला विधिज्ञ संघ ने भी कड़ा रुख अपनाया है। संघ के अध्यक्ष सीताराम सिंह और महासचिव अमित कुमार ने कहा कि संघ के निर्णय के अनुसार कोई भी वकील आरोपितों की पैरवी नहीं करेगा।