{"_id":"6ab3d5d6c9292a39f3008cba","slug":"ceo-drafting-guidelines-for-ram-mandir-staff-operational-standards-to-be-finalized-after-seeking-feedback-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"अयोध्या: राम मंदिर कर्मियों के लिए गाइडलाइन तैयार कर रहे सीईओ, फीडबैक लेकर तय होंगे कामकाज के मानक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अयोध्या: राम मंदिर कर्मियों के लिए गाइडलाइन तैयार कर रहे सीईओ, फीडबैक लेकर तय होंगे कामकाज के मानक
Wed, 23 Sep 2026 07:31 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
अमर उजाला नेटवर्क, अयोध्या
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Wed, 23 Sep 2026 07:31 PM IST
सार
राम मंदिर के कर्मचारियों के लिए तैयार की जा रही गाइडलाइन में कर्मियों की ड्यूटी, जिम्मेदारी, व्यवहार, समयपालन, कार्य की निगरानी और जवाबदेही को प्रमुखता दी जा रही है।
विज्ञापन
अयोध्या का राम मंदिर।
- फोटो : amar ujala
विस्तार
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नवनियुक्त सीईओ एयर मार्शल (सेवानिवृत्त) जितेंद्र मिश्र कर्मियों के लिए नई गाइडलाइन तैयार कर रहे हैं। इसके लिए मंदिर परिसर में अलग-अलग दायित्व संभाल रहे कर्मचारियों से फीडबैक लिया जा रहा है। इसके आधार पर उनके कामकाज, जिम्मेदारी, अनुशासन और श्रद्धालु सुविधाओं से जुड़े मानक तय किए जाएंगे। प्रस्तावित गाइडलाइन में कर्मियों की ड्यूटी, जिम्मेदारी, व्यवहार, समयपालन, कार्य की निगरानी और जवाबदेही को प्रमुखता दी जा रही है।
विज्ञापन
मंदिर की विभिन्न व्यवस्थाओं में बड़ी संख्या में कर्मचारी तैनात हैं। ऐसे में सभी के लिए एक समान कार्यप्रणाली लागू करने की तैयारी है। जितेंद्र मिश्र ने कार्यभार संभालने के बाद से मंदिर की व्यवस्थाओं को जमीनी स्तर पर समझने पर जोर दिया है। वह अधिकारियों के साथ बैठक करने के साथ कर्मचारियों से उनकी समस्याएं और कामकाज में आने वाली व्यावहारिक दिक्कतों की जानकारी भी ले रहे हैं। फीडबैक के आधार पर मौजूदा व्यवस्था में सुधार और आवश्यक कार्यों के लिए स्पष्ट मानक तय किए जाएंगे।
विज्ञापन
ट्रस्ट की सहमति के बाद लागू होगी व्यवस्था
नई गाइडलाइन का प्रारूप तैयार होने के बाद इसे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के समक्ष रखा जाएगा। ट्रस्ट की सहमति मिलने के बाद इसे मंदिर परिसर में लागू किया जाएगा। इसके बाद तय मानकों के अनुपालन की निगरानी भी की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, इसका उद्देश्य व्यवस्था को व्यक्ति आधारित तरीके के बजाय निर्धारित प्रक्रिया और जवाबदेही के आधार पर संचालित करना है।
विज्ञापन
गेरुआ या पीले रंग की ड्रेस तय होगी
नई व्यवस्था के तहत मंदिर परिसर में तैनात कर्मचारियों के लिए गेरुआ या पीले रंग की ड्रेस तय करने पर सहमति बनी है। हालांकि, रंग को लेकर अंतिम निर्णय होना बाकी है। ड्रेस में जेब नहीं होगी, ताकि कर्मचारी उसमें नकदी या अन्य सामान न रख सकें। ड्रेस पर ट्रस्ट का लोगो और कर्मचारी की ड्यूटी या पद से संबंधित कोई पहचान भी नहीं लिखी जाएगी।