{"_id":"6aa055831170b432a006f636","slug":"now-starting-from-class-1-children-will-be-taught-letter-recognition-vowel-markers-and-multiplication-tables-up-to-20-bageshwar-news-c-231-1-bgs1001-127890-2026-09-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: अब कक्षा एक से ही बच्चों को अक्षर ज्ञान, मात्राएं और 20 तक पहाड़े याद कराए जाएंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: अब कक्षा एक से ही बच्चों को अक्षर ज्ञान, मात्राएं और 20 तक पहाड़े याद कराए जाएंगे
Wed, 09 Sep 2026 12:05 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Wed, 09 Sep 2026 12:05 AM IST
विज्ञापन
बागेश्वर। जिले के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों के गिरते शैक्षिक स्तर और बुनियादी दक्षताओं में कमी को देखते हुए शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक (डीईओ) ने जिले के समस्त प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी कर प्राथमिक स्तर पर पठन-पाठन की गुणवत्ता में सुधार के लिए 12 सूत्री दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
डीईओ आशाराम ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, शौचालय, फर्नीचर, बिजली, पेयजल, कंप्यूटर, पुस्तकालय और शिक्षक प्रशिक्षण जैसे तमाम भौतिक संसाधन उपलब्ध कराने के बावजूद छात्रों की शैक्षिक संप्राप्ति का स्तर कक्षानुकूल नहीं हो पा रहा है। विभाग की ओर से शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों को कक्षा एक से शुरुआत पहले अक्षर और अंक बोलना सिखाया जाए, फिर पेंसिल से लिखे अक्षरों पर पेन चलवाकर लिखना सिखाया जाए। बिना मात्रा वाले दो अक्षरों के बाद एक मात्रा वाले शब्दों को बार-बार बोलने और लिखने का अभ्यास कराया जाए। बड़े शब्दों को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर पढ़ना सिखाया जाए। 100 तक गिनती के बाद बिना हासिल के जोड़-घटाव और अनिवार्य रूप से न्यूनतम 20 तक पहाड़े याद कराए जाएं। खेल-खेल में मनोरंजक तरीके से और स्वनिर्मित शिक्षण-सामग्री का प्रयोग कर अभ्यास कार्य विद्यालय में ही पूरा कराया जाए।
विज्ञापन
डीईओ आशाराम ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष, शौचालय, फर्नीचर, बिजली, पेयजल, कंप्यूटर, पुस्तकालय और शिक्षक प्रशिक्षण जैसे तमाम भौतिक संसाधन उपलब्ध कराने के बावजूद छात्रों की शैक्षिक संप्राप्ति का स्तर कक्षानुकूल नहीं हो पा रहा है। विभाग की ओर से शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों को कक्षा एक से शुरुआत पहले अक्षर और अंक बोलना सिखाया जाए, फिर पेंसिल से लिखे अक्षरों पर पेन चलवाकर लिखना सिखाया जाए। बिना मात्रा वाले दो अक्षरों के बाद एक मात्रा वाले शब्दों को बार-बार बोलने और लिखने का अभ्यास कराया जाए। बड़े शब्दों को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर पढ़ना सिखाया जाए। 100 तक गिनती के बाद बिना हासिल के जोड़-घटाव और अनिवार्य रूप से न्यूनतम 20 तक पहाड़े याद कराए जाएं। खेल-खेल में मनोरंजक तरीके से और स्वनिर्मित शिक्षण-सामग्री का प्रयोग कर अभ्यास कार्य विद्यालय में ही पूरा कराया जाए।
विज्ञापन