सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण: अखिलेश यादव बोले- जो दूसरे धर्मों का सम्मान नहीं करते, वे सच्चे सनातनी नहीं
सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के मामले पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि जो दूसरे धर्मों का सम्मान नहीं करते, वे सच्चे सनातनी नहीं हो सकते। उन्होंने ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का हवाला देते हुए धार्मिक सम्मान और भाईचारे की बात कही।
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विस्तार
सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण के मामले पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरे धर्मों का सम्मान नहीं करते, वे कभी सच्चे सनातनी नहीं हो सकते। अखिलेश यादव ने कहा कि दूसरों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने वाला व्यक्ति सनातन धर्म की मूल भावना को नहीं समझता।
Lucknow, Uttar Pradesh: On the demolition of an illegal mosque in Saharanpur, Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav says, "Those who do not respect other religions can never be true Sanatanis. They can never be Sanatanis if they play with the faith of others. They can never be… pic.twitter.com/cEUE0N5cpt
— IANS (@ians_india) September 5, 2026
दूसरों की आस्था का सम्मान करना जरूरी
अखिलेश यादव ने कहा, “जो लोग दूसरे धर्मों का सम्मान नहीं करते, वे कभी सच्चे सनातनी नहीं हो सकते।” उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति दूसरे धर्म की आस्था के साथ खिलवाड़ करता है तो वह सनातनी होने का दावा नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि एक सच्चा हिंदू कभी दूसरे का अपमान नहीं करेगा। उनके मुताबिक यही बात उन्होंने सनातन धर्म में सीखी है।
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‘वसुधैव कुटुंबकम’ का दिया हवाला
अखिलेश यादव ने अपने बयान में ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसकी परिभाषा बताती है कि पूरा समाज और पूरी पृथ्वी एक परिवार है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की इसी भावना के तहत सभी धर्मों और उनकी आस्था का सम्मान किया जाना चाहिए।
धार्मिक सौहार्द का संदेश
अखिलेश यादव का बयान ऐसे समय आया है जब सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्तीकरण को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हैं। उन्होंने अपने बयान के जरिए धार्मिक सम्मान, भाईचारे और सभी आस्थाओं के प्रति सम्मान का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म की आस्था का अपमान करना सनातन की मूल भावना के अनुरूप नहीं है।