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Kasganj News: केबल जलने से चार घंटे चरमराईं स्वास्थ्य सेवाएं
Tue, 07 Jul 2026 12:11 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Updated Tue, 07 Jul 2026 12:11 AM IST
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कासगंज। कासगंज के जिला अस्पताल में सोमवार को मुख्य बिजली केबल जल जाने से करीब चार घंटे तक स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहीं। सुबह अचानक बिजली आपूर्ति ठप होने के बाद अस्पताल की नियमित और आपातकालीन व्यवस्थाओं पर गहरा असर पड़ा। पैथोलॉजी लैब में जांच कार्य बाधित होने से मरीजों को समय पर रिपोर्ट नहीं मिल सकी, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुबह के समय केबल में आई गंभीर तकनीकी खराबी के बाद अस्पताल की बिजली गुल हो गई। इसका सीधा असर ओपीडी, पैथोलॉजी, पंजीकरण काउंटर और अन्य प्रमुख विभागों के कामकाज पर देखने को मिला। बिजली न होने के कारण लैब में कई जरूरी जांचें समय पर नहीं हो सकीं, जिससे मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई तीमारदार और मरीज रिपोर्ट मिलने में हुई देरी के कारण चिकित्सकों से समय पर परामर्श भी नहीं ले सके और उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बिजली बाधित रहने से अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं में भी व्यवधान आया और कई जरूरी चिकित्सा उपकरण सुचारु रूप से संचालित नहीं हो सके। उमस भरे मौसम में वार्डों में भर्ती मरीजों, उनके तीमारदारों और ओपीडी में उपचार के लिए आए लोगों को भीषण गर्मी और चिपचिपाहट के बीच काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान कुछ समय के लिए अस्पताल प्रशासन की वैकल्पिक व्यवस्था (जेनरेटर आदि) भी प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सकी, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि बिजली की मुख्य केबल जल जाने के कारण यह समस्या खड़ी हुई थी। तकनीकी कर्मचारियों ने सूचना मिलते ही तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया और दोपहर करीब दो बजे बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल कर दी गई। उन्होंने स्वीकार किया कि केबल खराब होने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था भी पूरी तरह कारगर नहीं रह सकी, जिससे लैब रिपोर्ट जारी करने और अन्य सेवाओं में कुछ समय के लिए दिक्कत आई थी। हालांकि, अब अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं सामान्य कर दी गई हैं।
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सुबह के समय केबल में आई गंभीर तकनीकी खराबी के बाद अस्पताल की बिजली गुल हो गई। इसका सीधा असर ओपीडी, पैथोलॉजी, पंजीकरण काउंटर और अन्य प्रमुख विभागों के कामकाज पर देखने को मिला। बिजली न होने के कारण लैब में कई जरूरी जांचें समय पर नहीं हो सकीं, जिससे मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई तीमारदार और मरीज रिपोर्ट मिलने में हुई देरी के कारण चिकित्सकों से समय पर परामर्श भी नहीं ले सके और उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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बिजली बाधित रहने से अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं में भी व्यवधान आया और कई जरूरी चिकित्सा उपकरण सुचारु रूप से संचालित नहीं हो सके। उमस भरे मौसम में वार्डों में भर्ती मरीजों, उनके तीमारदारों और ओपीडी में उपचार के लिए आए लोगों को भीषण गर्मी और चिपचिपाहट के बीच काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इस दौरान कुछ समय के लिए अस्पताल प्रशासन की वैकल्पिक व्यवस्था (जेनरेटर आदि) भी प्रभावी ढंग से काम नहीं कर सकी, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि बिजली की मुख्य केबल जल जाने के कारण यह समस्या खड़ी हुई थी। तकनीकी कर्मचारियों ने सूचना मिलते ही तत्काल मरम्मत कार्य शुरू किया और दोपहर करीब दो बजे बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल कर दी गई। उन्होंने स्वीकार किया कि केबल खराब होने के कारण वैकल्पिक व्यवस्था भी पूरी तरह कारगर नहीं रह सकी, जिससे लैब रिपोर्ट जारी करने और अन्य सेवाओं में कुछ समय के लिए दिक्कत आई थी। हालांकि, अब अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं सामान्य कर दी गई हैं।