{"_id":"6a4bdf4180bd619e8f021d01","slug":"the-water-level-of-the-saryu-has-risen-the-percolation-and-geo-bags-have-sunk-erosion-has-started-ambedkar-nagar-news-c-91-1-brp1007-160006-2026-07-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ambedkar Nagar News: सरयू का जलस्तर बढ़ा, परक्यूपाइन और जीओ बैग डूबे, कटान शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ambedkar Nagar News: सरयू का जलस्तर बढ़ा, परक्यूपाइन और जीओ बैग डूबे, कटान शुरू
विज्ञापन
बाढ़ खंड विभाग की ओर से जून माह में लगवाई गयी परक्यूपाइन ज्यादातर नदी में डूब गयी।संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजेसुल्तानपुर/विद्युतनगर। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश से सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर इजाफा हुआ है। आलापुर में जलस्तर सामान्य है, लेकिन टांडा क्षेत्र में परक्यूपाइन और जीओ बैग डूबने के साथ शुरू हुआ कटान ग्रामीणों के लिए चिंता का सबब बन गया है।
आलापुर तहसील क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर रविवार को 81.40 मीटर था, जो सोमवार को सुबह 81.55 मीटर पहुंच गया है। इससे 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज हुई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र आलापुर तहसील के मांझा कम्हरिया व आराजी देवारा सहित अन्य स्थानों पर हलचल तेज हो गई है। मांझा कम्हरिया के ग्रामीण रामचंद्र ने बताया कि नदी के जलस्तर में दो दिनों से धीरे-धीरे वृद्धि हो रही है, हालांकि नदी का जलस्तर अभी नदी क्षेत्र से काफी नीचे है।
वहीं, टांडा क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर सोमवार सुबह 8 बजे 90.220 मीटर तथा दिन में 12 बजे 90.260 मीटर दर्ज किया गया। खतरे का निशान 92.730 मीटर है। लिहाजा नदी अभी खतरे के निशान से 2 मीटर 47 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। मुबारकपुर निवासी संदीप माझी ने बताया कि जल स्तर बढ़ने से ठोकर नंबर 22 डूब गया है। वहीं, छज्जापुर राजघाट से छज्जापुर पूरब तक बाढ़ खंड की ओर से जून महीने में लगाए गए जीओबैग व परक्यूपाइन डूब गए हैं। इसके साथ ही कच्चे नाले पर कटान होने लगा है। एसडीएम आलापुर सुभाष सिंह व एसडीएम टांडा डाॅ. शशिशेखर ने बताया कि अभी बाढ़ से कोई खतरा नहीं है, लेकिन हमारी मुकम्मल तैयारी है। जहां जलस्तर बढ़ा रहा है, वहां निगरानी की जा रही है। फिलहाल आबादी के इलाके खतरे से दूर हैं।
विज्ञापन
सतर्क हुआ प्रशासन
विद्युतनगर। गत वर्ष टांडा तहसील के उल्टहवा माझा, माझा कला, माझा चिंतौरा, केवटला, नदी नसरुल्लापुर, अवसानपुर, नैपुरा, सलोनाघाट, ढेलमऊ, फूलपुर और डुहिया समेत लगभग डेढ़ दर्जन गांवों के लोगों की चिंताएं बढ़ गई थीं। स्थानीय प्रशासन की ओर से बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है तथा ग्रामीणों को बाढ़ से बचाव के लिए जागरूक भी किया जा चुका है। बाढ़ खंड विभाग के अवर अभियंता धीरेंद्र कुमार ने बताया कि फिलहाल क्षेत्र में बाढ़ का कोई खतरा नहीं है, फिर भी विभाग चौकन्ना है। हर स्थिति की निगरानी की जा रही है।
विज्ञापन
आलापुर तहसील क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर रविवार को 81.40 मीटर था, जो सोमवार को सुबह 81.55 मीटर पहुंच गया है। इससे 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज हुई है। नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ प्रभावित क्षेत्र आलापुर तहसील के मांझा कम्हरिया व आराजी देवारा सहित अन्य स्थानों पर हलचल तेज हो गई है। मांझा कम्हरिया के ग्रामीण रामचंद्र ने बताया कि नदी के जलस्तर में दो दिनों से धीरे-धीरे वृद्धि हो रही है, हालांकि नदी का जलस्तर अभी नदी क्षेत्र से काफी नीचे है।
विज्ञापन
वहीं, टांडा क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर सोमवार सुबह 8 बजे 90.220 मीटर तथा दिन में 12 बजे 90.260 मीटर दर्ज किया गया। खतरे का निशान 92.730 मीटर है। लिहाजा नदी अभी खतरे के निशान से 2 मीटर 47 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। मुबारकपुर निवासी संदीप माझी ने बताया कि जल स्तर बढ़ने से ठोकर नंबर 22 डूब गया है। वहीं, छज्जापुर राजघाट से छज्जापुर पूरब तक बाढ़ खंड की ओर से जून महीने में लगाए गए जीओबैग व परक्यूपाइन डूब गए हैं। इसके साथ ही कच्चे नाले पर कटान होने लगा है। एसडीएम आलापुर सुभाष सिंह व एसडीएम टांडा डाॅ. शशिशेखर ने बताया कि अभी बाढ़ से कोई खतरा नहीं है, लेकिन हमारी मुकम्मल तैयारी है। जहां जलस्तर बढ़ा रहा है, वहां निगरानी की जा रही है। फिलहाल आबादी के इलाके खतरे से दूर हैं।
विज्ञापन
सतर्क हुआ प्रशासन
विद्युतनगर। गत वर्ष टांडा तहसील के उल्टहवा माझा, माझा कला, माझा चिंतौरा, केवटला, नदी नसरुल्लापुर, अवसानपुर, नैपुरा, सलोनाघाट, ढेलमऊ, फूलपुर और डुहिया समेत लगभग डेढ़ दर्जन गांवों के लोगों की चिंताएं बढ़ गई थीं। स्थानीय प्रशासन की ओर से बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है तथा ग्रामीणों को बाढ़ से बचाव के लिए जागरूक भी किया जा चुका है। बाढ़ खंड विभाग के अवर अभियंता धीरेंद्र कुमार ने बताया कि फिलहाल क्षेत्र में बाढ़ का कोई खतरा नहीं है, फिर भी विभाग चौकन्ना है। हर स्थिति की निगरानी की जा रही है।