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Ambedkar Nagar News: राजगीर की मौत पर 9.10 लाख मुआवजा देने के आदेश
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अंबेडकरनगर। अकबरपुर इलाके में वर्ष 2021 में सड़क हादसे में हुई राजगीर की मौत के मामले में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण बीमा कंपनी को 9.10 लाख रुपये मय सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
अकबरपुर के अहरिया निवासी शाहजहां की ओर से मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण फैजाबाद अयोध्या में याचिका दाखिल की गई थी। बताया था कि उनके पति अजीज आठ नवंबर 2021 को शाम 05:30 बजे साइकिल से बाजार जा रहे थे। रास्ते में जलालपुर अकबरपुर मार्ग पर गंजा गांव के पास पीछे से बाइक चालक ने साइकिल में टक्कर मार दी थी। हादसे में अजीज की मौत हो गई थी। इस मामले में अकबरपुर कोतवाली में भतीजे तौकीर ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
याचिका में बताया कि मृतक राजगीर का काम कर 20 हजार रुपये प्रतिमाह कमाते थे। पति के निधन से शाहजहां और उनके तीन बच्चे बेसहारा हो गए हैं। आईसीसीआई लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और विनोद निवासी ग्राम सिझौली को प्रतिवादी बनाते हुए 56.50 लाख रुपये मय 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से प्रतिकर दावा किया गया था। बीमा कंपनी ने दुर्घटना के समय वाहन बीमित न होने की दलील दी थी। साथ ही याचिका को झूठे तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करते हुए निरस्त योग्य बताया। वहीं, वाहन मालिक विनोद ने झूठा मामला दर्ज कराए जाने की दलील दी।
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दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद पीठासीन अधिकारी रवि कांत तृतीय ने पाया कि अजीज की मौत दुर्घटना में होने की बात सामने आई है। बीमा कंपनी की ओर से बीमा कवर नोट व अन्य प्रपत्रों पर कोई खंडन प्रस्तुत नहीं किया गया। मृतक की आय 20 हजार रुपये प्रतिमाह उपार्जित करने का उल्लेख है लेकिन राजगीर के श्रम विभाग में पंजीकृत न होने के कारण आय की गणना काल्पनिक आधार पर किया जाना प्रतीत होता है। मृतक की वार्षिक आय 90 हजार रुपये आकलित की गई। इस आधार पर कोर्ट ने 9.10 लाख रुपये प्रतिकर व उक्त धनराशि पर याचिका संस्थित होने के दिनांक 22 दिसंबर 2021 से सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित विपक्षीगण के विरुद्ध स्वीकार की। आईसीआईसीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी को निर्देश दिए गए कि आदेश की तिथि से 60 दिवस के अंदर संपूर्ण प्रतिकर धनराशि मय ब्याज भुगतान करें।
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अकबरपुर के अहरिया निवासी शाहजहां की ओर से मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण फैजाबाद अयोध्या में याचिका दाखिल की गई थी। बताया था कि उनके पति अजीज आठ नवंबर 2021 को शाम 05:30 बजे साइकिल से बाजार जा रहे थे। रास्ते में जलालपुर अकबरपुर मार्ग पर गंजा गांव के पास पीछे से बाइक चालक ने साइकिल में टक्कर मार दी थी। हादसे में अजीज की मौत हो गई थी। इस मामले में अकबरपुर कोतवाली में भतीजे तौकीर ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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याचिका में बताया कि मृतक राजगीर का काम कर 20 हजार रुपये प्रतिमाह कमाते थे। पति के निधन से शाहजहां और उनके तीन बच्चे बेसहारा हो गए हैं। आईसीसीआई लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और विनोद निवासी ग्राम सिझौली को प्रतिवादी बनाते हुए 56.50 लाख रुपये मय 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से प्रतिकर दावा किया गया था। बीमा कंपनी ने दुर्घटना के समय वाहन बीमित न होने की दलील दी थी। साथ ही याचिका को झूठे तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत करते हुए निरस्त योग्य बताया। वहीं, वाहन मालिक विनोद ने झूठा मामला दर्ज कराए जाने की दलील दी।
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दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद पीठासीन अधिकारी रवि कांत तृतीय ने पाया कि अजीज की मौत दुर्घटना में होने की बात सामने आई है। बीमा कंपनी की ओर से बीमा कवर नोट व अन्य प्रपत्रों पर कोई खंडन प्रस्तुत नहीं किया गया। मृतक की आय 20 हजार रुपये प्रतिमाह उपार्जित करने का उल्लेख है लेकिन राजगीर के श्रम विभाग में पंजीकृत न होने के कारण आय की गणना काल्पनिक आधार पर किया जाना प्रतीत होता है। मृतक की वार्षिक आय 90 हजार रुपये आकलित की गई। इस आधार पर कोर्ट ने 9.10 लाख रुपये प्रतिकर व उक्त धनराशि पर याचिका संस्थित होने के दिनांक 22 दिसंबर 2021 से सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित विपक्षीगण के विरुद्ध स्वीकार की। आईसीआईसीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी को निर्देश दिए गए कि आदेश की तिथि से 60 दिवस के अंदर संपूर्ण प्रतिकर धनराशि मय ब्याज भुगतान करें।