देश से मानसून की विदाई हो रही है। हालांकि सितंबर-अक्तूबर के महीने में देश में मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियों को जोखिम काफी ज्यादा देखा जाता रहा है। बारिश और मच्छरों का मौसम आते ही डेंगू और मलेरिया दोनों के मामले बढ़ जाते हैं। हालिया रिपोर्ट में हमने बताया कि किस तरह से सितंबर के महीने में दिल्ली-एनसीआर में डेंगू-मलेरिया के मामले रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं?
डेंगू-मलेरिया: मच्छरों से फैलने वाली दो बीमारियां एक साथ कर सकती हैं अटैक, जानिए ये कितनी खतरनाक
डेंगू और मलेरिया एक ही व्यक्ति में एक साथ हो सकते हैं। दोनों में बुखार, कमजोरी और बदन दर्द जैसे लक्षण मिल सकते हैं, इसलिए केवल लक्षणों से पहचान मुश्किल है। जानिए ये समस्या कितनी खतरनाक हो सकती है?
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
अमर उजाला से बातचीत में इंटेंसिव केयर के डॉक्टर अरविंद चौहान बताते हैं, डेंगू और मलेरिया दोनों एक साथ भी हो सकते हैं। हर साल अस्पतालों में की ऐसे मामले रिपोर्ट किए जाते रहे हैं। रेशानी यह है कि दोनों बीमारियों के कुछ लक्षण एक जैसे होते हैं।
- बुखार, बदन दर्द, कमजोरी और सिरदर्द जैसी शिकायतें दोनों में कॉमन हैं, ऐसे में सिर्फ इसे लक्षणों को देखकर देखकर ये नहीं पता किया जा सकता है बीमारी डेंगू है या मलेरिया।
- कुछ मामलों में दोनों संक्रमण साथ होने पर जांच और इलाज भी अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
डेंगू और मलेरिया की बीमारी
डॉक्टर बतातेहैं, डेंगू एडीज एजिप्टी नाम के मच्छर के काटने से होने वाली वायरल बीमारी है, जबकि मलेरिया प्लाज्मोडियम परजीवी से होता है, जो मादा एनोफिलीज मच्छर काटने से होता है।
- दोनों अलग संक्रमण हैं और इनके फैलने वाले मच्छर भी अलग होते हैं।
- फिर भी ऐसे इलाके में जहां दोनों बीमारियां बढ़ रही हैं, वहां पर एक व्यक्ति को दोनों संक्रमण एक साथ हो सकते हैं।
- भारत में हुए अध्ययनों में कई मामलों में ऐसे को-इंफेक्शन की पुष्टि हुई है।
लक्षण होते हैं एक जैसे
डेंगू और मलेरिया दोनों में बुखार, कमजोरी और शरीर में दर्द हो सकता है। मलेरिया में ठंड लगना और कंपकंपी जैसे लक्षण आम हैं। जबकि डेंगू में सिरदर्द, शरीर में दर्द, प्लेटलेट कम होने और कुछ मामलों में रक्तस्राव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन केवल लक्षण देखकर दोनों में पक्का अंतर करना मुश्किल हो सकता है।
क्या सावधानियां जरूरी?
डॉक्टर बताते हैं,को-इंफेक्शन में एक बीमारी की मौजूदगी दूसरी बीमारी को छिपा सकती है। इसी वजह से बुखार वाले मरीज में डॉक्टर जरूरत के अनुसार डेंगू और मलेरिया दोनों की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं। डेंगू-मलेरिया के को-इंफेक्शन वाले मरीजों में एनीमिया, प्लेटलेट कम होने और ठंड लगने जैसी दिक्कतें देखी जाती है, जो दोनों बीमारियों की ओर इशारा करती है, जिसके आधार पर डॉक्टर जांच की सलाह देते हैं।
डॉक्टर कहते हैं, डेंगू या मलेरिया का शक होने या तेज बुखार में खुद से एंटी-मलेरियल या दूसरी दवाएं न लें। हमेशा डॉक्टर से मिलकर लक्षण और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही दवा लें। कई बार खुद से ली गई दवाएं समस्या को और बढ़ाने वाली हो सकती हैं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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