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Solan News: नगर निगम अपनी संपत्तियों का रखेगा डिजिटल रिकॉर्ड, होगी जीआईएस मैपिंग
Sun, 01 Nov 2026 06:00 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sun, 01 Nov 2026 06:00 PM IST
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सरकारी जमीन, दुकानें और पार्किंग की होगी डिजिटल इन्वेंटरी, संपत्तियों की पहचान होगी आसान
पुष्पलता शांडिल्य
सोलन। नगर निगम सोलन की संपत्तियों और सरकारी जमीनों का अब डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसके लिए जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) आधारित मैपिंग और डिजिटल इन्वेंटरी तैयार करने की योजना बनाई गई है। इससे निगम की जमीनों, दुकानों, पार्किंग स्थलों और अन्य संपत्तियों का पूरा ब्योरा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा।
इस परियोजना के तहत शहरी विकास विभाग ने नगर निगम शिमला और सोलन की सरकारी जमीनों व निगम की संपत्तियों की जीआईएस आधारित मैपिंग के लिए 25.50 लाख रुपये के टेंडर जारी किए हैं। इस कार्य की जिम्मेदारी पैन इंडिया कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई है। परियोजना का उद्देश्य निगम की सभी संपत्तियों का डिजिटल डाटा तैयार करना और उनके प्रबंधन को आसान बनाना है।
जमीनों और संपत्तियों की होगी अलग पहचान
डिजिटल इन्वेंटरी तैयार होने के बाद निगम की सभी संपत्तियों का ब्योरा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि निगम के पास कितनी जमीन है और उसका इस्तेमाल किस कार्य के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा दुकानों, पार्किंग स्थलों और अन्य व्यावसायिक संपत्तियों का रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहेगा। जीआईएस मैपिंग से सरकारी जमीनों की निगरानी आसान होगी। साथ ही अवैध कब्जों की पहचान और जमीन से जुड़े विवादों के निपटारे में भी मदद मिलेगी।
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संपत्तियों से बढ़ेगी निगम की आय
डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से निगम को अपनी संपत्तियों की वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा। इससे किराये पर दी गई दुकानों, खाली संपत्तियों और पार्किंग स्थलों की जानकारी एक जगह उपलब्ध होगी। खाली पड़ी संपत्तियों का बेहतर इस्तेमाल करने और राजस्व बढ़ाने की संभावनाएं भी तलाश की जा सकेंगी।
कोट
निगम का रिकॉर्ड डिजिटल होने से अपनी संपत्तियों की पहचान और निगरानी करना आसान होगा। इससे अवैध कब्जों की जानकारी भी मिल सकेगी। शहरी विकास विभाग की ओर से नगर निगम शिमला और सोलन की जमीनों की जीआईएस आधारित मैपिंग और डिजिटल इन्वेंटरी तैयार करने की योजना है। इसके लिए टेंडर जारी किए गए हैं। - गोपी चंद, एसडीओ, नगर निगम सोलन
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पुष्पलता शांडिल्य
सोलन। नगर निगम सोलन की संपत्तियों और सरकारी जमीनों का अब डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसके लिए जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) आधारित मैपिंग और डिजिटल इन्वेंटरी तैयार करने की योजना बनाई गई है। इससे निगम की जमीनों, दुकानों, पार्किंग स्थलों और अन्य संपत्तियों का पूरा ब्योरा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा।
इस परियोजना के तहत शहरी विकास विभाग ने नगर निगम शिमला और सोलन की सरकारी जमीनों व निगम की संपत्तियों की जीआईएस आधारित मैपिंग के लिए 25.50 लाख रुपये के टेंडर जारी किए हैं। इस कार्य की जिम्मेदारी पैन इंडिया कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को सौंपी गई है। परियोजना का उद्देश्य निगम की सभी संपत्तियों का डिजिटल डाटा तैयार करना और उनके प्रबंधन को आसान बनाना है।
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जमीनों और संपत्तियों की होगी अलग पहचान
डिजिटल इन्वेंटरी तैयार होने के बाद निगम की सभी संपत्तियों का ब्योरा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। इससे यह पता लगाना आसान होगा कि निगम के पास कितनी जमीन है और उसका इस्तेमाल किस कार्य के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा दुकानों, पार्किंग स्थलों और अन्य व्यावसायिक संपत्तियों का रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहेगा। जीआईएस मैपिंग से सरकारी जमीनों की निगरानी आसान होगी। साथ ही अवैध कब्जों की पहचान और जमीन से जुड़े विवादों के निपटारे में भी मदद मिलेगी।
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संपत्तियों से बढ़ेगी निगम की आय
डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से निगम को अपनी संपत्तियों की वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा। इससे किराये पर दी गई दुकानों, खाली संपत्तियों और पार्किंग स्थलों की जानकारी एक जगह उपलब्ध होगी। खाली पड़ी संपत्तियों का बेहतर इस्तेमाल करने और राजस्व बढ़ाने की संभावनाएं भी तलाश की जा सकेंगी।
कोट
निगम का रिकॉर्ड डिजिटल होने से अपनी संपत्तियों की पहचान और निगरानी करना आसान होगा। इससे अवैध कब्जों की जानकारी भी मिल सकेगी। शहरी विकास विभाग की ओर से नगर निगम शिमला और सोलन की जमीनों की जीआईएस आधारित मैपिंग और डिजिटल इन्वेंटरी तैयार करने की योजना है। इसके लिए टेंडर जारी किए गए हैं। - गोपी चंद, एसडीओ, नगर निगम सोलन