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Fatehabad News: 6 माह में 110 साइबर ठग गिरफ्तार, पीड़ितों को लौटाए 83.44 लाख रुपये
Tue, 06 Oct 2026 11:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Tue, 06 Oct 2026 11:00 PM IST
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फतेहाबाद में साइबर क्राइम थाना स्त्रोत लाइब्रेरी
फतेहाबाद। साइबर ठगी के बढ़ते मामलों के बीच पुलिस ने पिछले 6 माह में कार्रवाई और जागरूकता का दोहरा अभियान चलाया। एक अप्रैल से 30 सितंबर तक पुलिस ने साइबर अपराध के 110 आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं ठगी का शिकार हुए लोगों को 83 लाख 44 हजार 194 रुपये की रकम वापस दिलाई गई।
इसके साथ ही साइबर अपराधियों पर कार्रवाई के साथ पुलिस ने पीड़ितों की रकम बचाने पर भी जोर दिया। राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर समय रहते मिली शिकायतों के आधार पर 52 लाख 82 हजार 495 रुपये की रकम होल्ड करवाकर पीड़ितों को वापस दिलाई गई। वहीं दर्ज मामलों की जांच के दौरान आरोपियों से 30 लाख 61 हजार 699 रुपये बरामद किए गए। इस तरह छह माह में कुल 83.44 लाख रुपये पीड़ितों को वापस मिले।
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190 गुम मोबाइल फोन बरामद कर मालिकों को लौटाए
साइबर पुलिस ने केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (सीईआईआर) पोर्टल के माध्यम से 190 गुम मोबाइल फोन बरामद किए। इन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा गया। साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जांच में आरोपियों से 35 मोबाइल फोन और तीन लैपटॉप भी बरामद किए गए। इन उपकरणों से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को मामलों की कड़ियां जोड़ने में मदद मिली।
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54 सोशल मीडिया खाते बंद
पुलिस ने सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन, आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वाले खातों पर भी कार्रवाई की। एक अप्रैल से अब तक 54 आपराधिक किस्म के सोशल मीडिया खाते बंद करवाए गए जबकि 412 लोगों को अनफॉलो करवाया गया। पुलिस के अनुसार ऐसे खातों की निगरानी लगातार जारी है।
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170 कार्यक्रमों में साइबर ठगी से बचाव का पाठ
पुलिस ने छह माह में जिलेभर में 170 साइबर जागरूकता कार्यक्रम और नुक्कड़ सभाएं आयोजित कीं। इनमें विद्यार्थियों और आमजन को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी बैंक कॉल, ओटीपी-सीवीवी ठगी, फिशिंग लिंक, सोशल मीडिया फ्रॉड और निवेश के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से बचाव के तरीके बताए गए।
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साइबर ठगी होते ही बिना देरी 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर सूचना मिलने से ठगी की रकम को रोकने और वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है। लोगों को जागरूक होने की जरूरत है और किसी भी प्रलोभन में न आएं।
- निकिता खट्टर, एसपी
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इसके साथ ही साइबर अपराधियों पर कार्रवाई के साथ पुलिस ने पीड़ितों की रकम बचाने पर भी जोर दिया। राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर समय रहते मिली शिकायतों के आधार पर 52 लाख 82 हजार 495 रुपये की रकम होल्ड करवाकर पीड़ितों को वापस दिलाई गई। वहीं दर्ज मामलों की जांच के दौरान आरोपियों से 30 लाख 61 हजार 699 रुपये बरामद किए गए। इस तरह छह माह में कुल 83.44 लाख रुपये पीड़ितों को वापस मिले।
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190 गुम मोबाइल फोन बरामद कर मालिकों को लौटाए
साइबर पुलिस ने केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (सीईआईआर) पोर्टल के माध्यम से 190 गुम मोबाइल फोन बरामद किए। इन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा गया। साइबर अपराध से जुड़े मामलों की जांच में आरोपियों से 35 मोबाइल फोन और तीन लैपटॉप भी बरामद किए गए। इन उपकरणों से मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को मामलों की कड़ियां जोड़ने में मदद मिली।
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54 सोशल मीडिया खाते बंद
पुलिस ने सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन, आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री प्रसारित करने वाले खातों पर भी कार्रवाई की। एक अप्रैल से अब तक 54 आपराधिक किस्म के सोशल मीडिया खाते बंद करवाए गए जबकि 412 लोगों को अनफॉलो करवाया गया। पुलिस के अनुसार ऐसे खातों की निगरानी लगातार जारी है।
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170 कार्यक्रमों में साइबर ठगी से बचाव का पाठ
पुलिस ने छह माह में जिलेभर में 170 साइबर जागरूकता कार्यक्रम और नुक्कड़ सभाएं आयोजित कीं। इनमें विद्यार्थियों और आमजन को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी बैंक कॉल, ओटीपी-सीवीवी ठगी, फिशिंग लिंक, सोशल मीडिया फ्रॉड और निवेश के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से बचाव के तरीके बताए गए।
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साइबर ठगी होते ही बिना देरी 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर सूचना मिलने से ठगी की रकम को रोकने और वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है। लोगों को जागरूक होने की जरूरत है और किसी भी प्रलोभन में न आएं।
- निकिता खट्टर, एसपी