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Bhiwani News: 15 करोड़ से निखरेगा बवानीखेड़ा का महर्षि वाल्मीकि स्टेडियम
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भिवानी। बवानीखेड़ा में रविवार को विकास संकल्प रैली के दौरान मुख्यमंत्री नायब सैनी ने महर्षि वाल्मीकि खेल स्टेडियम के निर्माण के लिए 15 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की घोषणा की। विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि ने मंच से युवाओं और खिलाड़ियों की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी थी जिसे उन्होंने पूरा करने की घोषणा की।
इसके साथ ही भूमि उपलब्धता के आधार पर लोहारी जाटू में नया स्टेडियम बनाने तथा तिगड़ाना और धनाना में 50-50 लाख रुपये की लागत से खेल सुविधाएं विकसित करने की घोषणा की गई।
वर्षों से मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे खेल मैदान
बवानीखेड़ा की करीब 30 हजार आबादी में 400 से 500 बच्चे रोजाना विभिन्न खेलों का अभ्यास करते हैं। कस्बे में प्रस्तावित महर्षि वाल्मीकि स्टेडियम और रेलवे लाइन के पास स्थित दादी गौरी मिनी स्टेडियम लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में उपेक्षित पड़े हैं। दोनों मैदानों में न तो चहारदीवारी पूरी है, न पर्याप्त खेल उपकरण और न प्रशिक्षित कोच की व्यवस्था। कस्बावासी रविंद्र, विवेक, तरुण और सक्षम ने बताया कि बेहतर कोचिंग, उपकरण और सुव्यवस्थित मैदान मिलने पर क्षेत्र के खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन कर सकते हैं।
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ग्रामीणों के अनुसार दादी गौरी स्टेडियम की नींव करीब दस वर्ष पहले रखी गई थी लेकिन निर्माण कार्य अब तक अधूरा है। खिलाड़ियों ने स्वयं रनिंग ट्रैक तैयार किया है। एथलेटिक्स, आर्चरी, वॉलीबाल और बॉक्सिंग की तैयारी भी सीमित संसाधनों में की जा रही है। स्टेडियम की चहारदीवारी कई स्थानों से क्षतिग्रस्त है। अवैध कब्जे बढ़ रहे हैं और ईंट चोरी की घटनाओं से दीवारें टूट चुकी हैं। मैदान में आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता है। मैदान से गुजरने वाले वाहनों के कारण रनिंग ट्रैक भी खराब हो रहा है।
खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद
मुख्यमंत्री की घोषणा से कस्बे के उभरते खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को उभारने के लिए खेल संबंधी मांगों को पूरा करने के साथ कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों के खेल स्टेडियमों में सुधार की घोषणाएं कीं। नगर पालिका अध्यक्ष सुंदर अत्री और समाजसेवी तरुण राठौड़ ने घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि यह कस्बे की वर्षों पुरानी मांग थी जो विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि के प्रयासों से पूरी हुई है।
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इसके साथ ही भूमि उपलब्धता के आधार पर लोहारी जाटू में नया स्टेडियम बनाने तथा तिगड़ाना और धनाना में 50-50 लाख रुपये की लागत से खेल सुविधाएं विकसित करने की घोषणा की गई।
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वर्षों से मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे खेल मैदान
बवानीखेड़ा की करीब 30 हजार आबादी में 400 से 500 बच्चे रोजाना विभिन्न खेलों का अभ्यास करते हैं। कस्बे में प्रस्तावित महर्षि वाल्मीकि स्टेडियम और रेलवे लाइन के पास स्थित दादी गौरी मिनी स्टेडियम लंबे समय से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में उपेक्षित पड़े हैं। दोनों मैदानों में न तो चहारदीवारी पूरी है, न पर्याप्त खेल उपकरण और न प्रशिक्षित कोच की व्यवस्था। कस्बावासी रविंद्र, विवेक, तरुण और सक्षम ने बताया कि बेहतर कोचिंग, उपकरण और सुव्यवस्थित मैदान मिलने पर क्षेत्र के खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर नाम रोशन कर सकते हैं।
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ग्रामीणों के अनुसार दादी गौरी स्टेडियम की नींव करीब दस वर्ष पहले रखी गई थी लेकिन निर्माण कार्य अब तक अधूरा है। खिलाड़ियों ने स्वयं रनिंग ट्रैक तैयार किया है। एथलेटिक्स, आर्चरी, वॉलीबाल और बॉक्सिंग की तैयारी भी सीमित संसाधनों में की जा रही है। स्टेडियम की चहारदीवारी कई स्थानों से क्षतिग्रस्त है। अवैध कब्जे बढ़ रहे हैं और ईंट चोरी की घटनाओं से दीवारें टूट चुकी हैं। मैदान में आवारा पशुओं का जमावड़ा रहता है। मैदान से गुजरने वाले वाहनों के कारण रनिंग ट्रैक भी खराब हो रहा है।
खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद
मुख्यमंत्री की घोषणा से कस्बे के उभरते खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को उभारने के लिए खेल संबंधी मांगों को पूरा करने के साथ कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों के खेल स्टेडियमों में सुधार की घोषणाएं कीं। नगर पालिका अध्यक्ष सुंदर अत्री और समाजसेवी तरुण राठौड़ ने घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि यह कस्बे की वर्षों पुरानी मांग थी जो विधायक कपूर सिंह वाल्मीकि के प्रयासों से पूरी हुई है।