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अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अच्छी खबर: सितंबर में कोर सेक्टर की वृद्धि दर 7.9 फीसदी, किन उद्योगों ने मारी बाजी?
Wed, 21 Oct 2026 07:11 PM IST
नितिन गौतम
आईएएनएस, नई दिल्ली
आईएएनएस, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 21 Oct 2026 07:11 PM IST
सार
अर्थव्यवस्था के लिहाज से अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल देश के कोर सेक्टर्स ने सितंबर माह में 7.9 फीसदी की दर से वृद्धि की है। इनमें लौह अयस्क उत्पादन में जबरदस्त तेजी आई है।
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कोर सेक्टर्स की वृद्धि दर में तेज उछाल
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
भारत के आठ प्रमुख बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर सितंबर में बढ़कर 30 महीने के उच्चतम स्तर 7.9 प्रतिशत पर पहुंच गई। पिछले साल के इसी महीने की तुलना में इस वृद्धि में लौह अयस्क, बिजली, कोयला, रिफाइनरी उत्पाद, सीमेंट और इस्पात क्षेत्रों के मजबूत प्रदर्शन का प्रमुख योगदान रहा। यह जानकारी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों में दी गई।
लौह अयस्क में जबरदस्त वृद्धि
सितंबर में लौह अयस्क के उत्पादन में 18.4 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई। उत्पादन प्रक्रिया में लौह अयस्क के व्यापक इस्तेमाल और औद्योगिक विकास में इसके योगदान को देखते हुए इसे संशोधित कोर इंडस्ट्रीज इंडेक्स (आईसीआई) की नई श्रृंखला में एक नई मद के रूप में शामिल किया गया है। इसके साथ ही नई श्रृंखला में प्रमुख उद्योगों की संख्या आठ से बढ़कर नौ हो गई है। इस नई श्रृंखला को पहली बार पिछले महीने लागू किया गया था।
सितंबर के दौरान बिजली उत्पादन में 11.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि कोयला उत्पादन 10.7 प्रतिशत बढ़ा। महीने के दौरान रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में भी 10.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। आर्थिक गतिविधियों के बढ़ते स्तर के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की मांग में तेजी आने से इस क्षेत्र को मजबूती मिली।
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सीमेंट और इस्पात उत्पादन में भी बढ़ोतरी
सीमेंट क्षेत्र में 10.3 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि इस्पात उत्पादन में 4.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। राजमार्गों, बंदरगाहों और रेलवे जैसी बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सरकार के भारी निवेश के कारण मांग मजबूत बनी रही, जिससे इन क्षेत्रों को समर्थन मिला।
इन सेक्टर्स में नकारात्मक वृद्धि दर्ज हुई
सितंबर में उर्वरक, प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल के उत्पादन में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। अगस्त 2026 के अंतिम सूचकांक को 119.2 से संशोधित कर 120.4 कर दिया गया है। इसके अनुसार, सालाना वृद्धि दर को भी 4.8 प्रतिशत से संशोधित कर 5.9 प्रतिशत कर दिया गया है।
अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान प्रमुख उद्योगों के सूचकांक की संचयी वृद्धि दर अब 5.1 प्रतिशत रही, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 2.5 प्रतिशत थी। यह बुनियादी ढांचा उद्योगों की वृद्धि में तेजी को दर्शाता है।
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लौह अयस्क में जबरदस्त वृद्धि
सितंबर में लौह अयस्क के उत्पादन में 18.4 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई। उत्पादन प्रक्रिया में लौह अयस्क के व्यापक इस्तेमाल और औद्योगिक विकास में इसके योगदान को देखते हुए इसे संशोधित कोर इंडस्ट्रीज इंडेक्स (आईसीआई) की नई श्रृंखला में एक नई मद के रूप में शामिल किया गया है। इसके साथ ही नई श्रृंखला में प्रमुख उद्योगों की संख्या आठ से बढ़कर नौ हो गई है। इस नई श्रृंखला को पहली बार पिछले महीने लागू किया गया था।
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सितंबर के दौरान बिजली उत्पादन में 11.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि कोयला उत्पादन 10.7 प्रतिशत बढ़ा। महीने के दौरान रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में भी 10.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। आर्थिक गतिविधियों के बढ़ते स्तर के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की मांग में तेजी आने से इस क्षेत्र को मजबूती मिली।
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सीमेंट और इस्पात उत्पादन में भी बढ़ोतरी
सीमेंट क्षेत्र में 10.3 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि इस्पात उत्पादन में 4.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। राजमार्गों, बंदरगाहों और रेलवे जैसी बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सरकार के भारी निवेश के कारण मांग मजबूत बनी रही, जिससे इन क्षेत्रों को समर्थन मिला।
इन सेक्टर्स में नकारात्मक वृद्धि दर्ज हुई
सितंबर में उर्वरक, प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल के उत्पादन में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई। अगस्त 2026 के अंतिम सूचकांक को 119.2 से संशोधित कर 120.4 कर दिया गया है। इसके अनुसार, सालाना वृद्धि दर को भी 4.8 प्रतिशत से संशोधित कर 5.9 प्रतिशत कर दिया गया है।
अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान प्रमुख उद्योगों के सूचकांक की संचयी वृद्धि दर अब 5.1 प्रतिशत रही, जबकि पिछले वर्ष की इसी अवधि में यह 2.5 प्रतिशत थी। यह बुनियादी ढांचा उद्योगों की वृद्धि में तेजी को दर्शाता है।