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चीन की पांच कंपनियों पर अमेरिकी प्रतिबंध: गूगल के पूर्व इंजीनियर से क्या है कनेक्शन, बीजिंग ने जताई नाराजगी?
Wed, 21 Oct 2026 05:08 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 21 Oct 2026 05:08 AM IST
सार
अमेरिका ने गूगल के पूर्व इंजीनियर लिनवेई डिंग से जुड़ी पांच चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं, जिस पर एआई से जुड़े व्यापारिक रहस्य चुराने का आरोप है। चीन ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए जवाबी कदम उठाने की चेतावनी दी है। आखिर इस मामले में डिंग, झिसुआन टेक्नोलॉजी और मिरेकलप्लस का क्या कनेक्शन है? पढ़िए इस रिपोर्ट में।
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गूगल के पूर्व इंजीनियर लिनवेई डिंग
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/लिंक्ड इन/लिनवेई डिंग
विस्तार
चीन ने मंगलवार को ट्रंप प्रशासन की ओर से पांच चीनी कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंधों का कड़ा विरोध किया। ये कंपनियां गूगल के एक पूर्व इंजीनियर से जुड़ी हैं। उस इंजीनियर पर बौद्धिक संपदा की चोरी करने का आरोप है।
चीन ने क्या प्रतिक्रिया दी?
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस कदम से चीनी कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। मंत्रालय ने कहा, इस कार्रवाई की प्रकृति बेहद गंभीर है। चीन की कंपनियां इसका विरोध करती हैं। मंत्रालय ने अमेरिका से अपनी गलत कार्रवाई सुधारने की भी अपील की। उसने कहा कि बीजिंग जरूरी कदम उठाएगा। हालांकि, मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि चीन कौन-से कदम उठाएगा।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को पांच चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए थे। ये कंपनियां लिनवेई डिंग से जुड़ी हैं। डिंग ने शंघाई झिसुआन टेक्नोलॉजी की स्थापना की थी। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, डिंग ने गूगल में अपने अनुभव का प्रचार किया था। उसने दावा किया था कि उसकी कंपनी अमेरिकी तकनीकी दिग्गज गूगल की सुपर इंटेलिजेंस से जुड़ी बुनियादी तकनीक को दोबारा तैयार कर सकती है।
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मंत्रालय के मुताबिक, झिसुआन के साथ स्टार्टअप को शुरुआती पूंजी देने वाले कार्यक्रम मिरेकलप्लस पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। मिरेकलप्लस ने झिसुआन में हिस्सेदारी के बदले शुरुआती निवेश किया था। प्रतिबंधों के दायरे में आईं तीन अन्य चीनी कंपनियां भी मिरेकलप्लस से जुड़ी हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, झिसुआन ने पांच जनवरी 2023 या उसके बाद अमेरिकी नागरिकों के व्यापारिक रहस्यों की बड़े पैमाने पर चोरी में जानबूझकर हिस्सा लिया या इस गतिविधि से लाभ उठाया।
ये भी पढ़ें: शांति प्रस्ताव...: ईरान-अमेरिका में इस हफ्ते सहमति संभव, छह अरब डॉलर के फंड में मिल सकती है रियायत?
डिंग पर क्या आरोप लगा था?
डिंग पर 2024 में गूगल से एआई से जुड़े व्यापारिक रहस्य चुराने का आरोप लगाया गया था। आरोप था कि वह गुप्त रूप से चीन में स्थित दो कंपनियों के लिए भी काम कर रहा था। जनवरी में सैन फ्रांसिस्को की एक संघीय जूरी ने उसे आर्थिक जासूसी और व्यापारिक रहस्यों की चोरी के कई मामलों में दोषी ठहराया था।
बाद में एक जज ने आर्थिक जासूसी से जुड़े आरोप खारिज कर दिए। इसके बाद डिंग को 12 महीने जेल की सजा सुनाई गई। अमेरिकी न्याय विभाग आर्थिक जासूसी के आरोपों को खारिज किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील कर रहा है।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि देश में एआई का विकास बुनियादी शोध में लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों, लगातार नवाचार में निवेश और स्वतंत्र वैज्ञानिक एवं तकनीकी नवाचार के साथ खुले सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता का नतीजा है।मंत्रालय ने कहा कि चीन की उपलब्धियों का व्यापारिक रहस्यों की कथित चोरी से कोई संबंध नहीं है।
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चीन ने क्या प्रतिक्रिया दी?
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस कदम से चीनी कंपनियों के वैध अधिकारों और हितों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। मंत्रालय ने कहा, इस कार्रवाई की प्रकृति बेहद गंभीर है। चीन की कंपनियां इसका विरोध करती हैं। मंत्रालय ने अमेरिका से अपनी गलत कार्रवाई सुधारने की भी अपील की। उसने कहा कि बीजिंग जरूरी कदम उठाएगा। हालांकि, मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि चीन कौन-से कदम उठाएगा।
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अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने सोमवार को पांच चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए थे। ये कंपनियां लिनवेई डिंग से जुड़ी हैं। डिंग ने शंघाई झिसुआन टेक्नोलॉजी की स्थापना की थी। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, डिंग ने गूगल में अपने अनुभव का प्रचार किया था। उसने दावा किया था कि उसकी कंपनी अमेरिकी तकनीकी दिग्गज गूगल की सुपर इंटेलिजेंस से जुड़ी बुनियादी तकनीक को दोबारा तैयार कर सकती है।
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मंत्रालय के मुताबिक, झिसुआन के साथ स्टार्टअप को शुरुआती पूंजी देने वाले कार्यक्रम मिरेकलप्लस पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। मिरेकलप्लस ने झिसुआन में हिस्सेदारी के बदले शुरुआती निवेश किया था। प्रतिबंधों के दायरे में आईं तीन अन्य चीनी कंपनियां भी मिरेकलप्लस से जुड़ी हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, झिसुआन ने पांच जनवरी 2023 या उसके बाद अमेरिकी नागरिकों के व्यापारिक रहस्यों की बड़े पैमाने पर चोरी में जानबूझकर हिस्सा लिया या इस गतिविधि से लाभ उठाया।
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डिंग पर क्या आरोप लगा था?
डिंग पर 2024 में गूगल से एआई से जुड़े व्यापारिक रहस्य चुराने का आरोप लगाया गया था। आरोप था कि वह गुप्त रूप से चीन में स्थित दो कंपनियों के लिए भी काम कर रहा था। जनवरी में सैन फ्रांसिस्को की एक संघीय जूरी ने उसे आर्थिक जासूसी और व्यापारिक रहस्यों की चोरी के कई मामलों में दोषी ठहराया था।
बाद में एक जज ने आर्थिक जासूसी से जुड़े आरोप खारिज कर दिए। इसके बाद डिंग को 12 महीने जेल की सजा सुनाई गई। अमेरिकी न्याय विभाग आर्थिक जासूसी के आरोपों को खारिज किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील कर रहा है।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने कहा कि देश में एआई का विकास बुनियादी शोध में लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों, लगातार नवाचार में निवेश और स्वतंत्र वैज्ञानिक एवं तकनीकी नवाचार के साथ खुले सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता का नतीजा है।मंत्रालय ने कहा कि चीन की उपलब्धियों का व्यापारिक रहस्यों की कथित चोरी से कोई संबंध नहीं है।