शिवपुरी जिले के पिछोर में एक पिता अपनी बेटी की पढ़ाई और सरकारी स्कूल की व्यवस्थाओं को लेकर इतना नाराज हुआ कि पानी की टंकी पर चढ़ गया। मनपुरा गांव निवासी दिनेश सगर 22 दिवसीय शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक परिवर्तन जागरूकता यात्रा निकालना चाहता था, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के बाद उसने एसडीएम कार्यालय के सामने स्थित पानी की टंकी पर चढ़कर विरोध शुरू कर दिया। युवक के पास पेट्रोल से भरी बोतल होने और टंकी से कूदने की धमकी की बात सामने आई है। पुलिस और प्रशासन लगातार उसे नीचे उतारने की कोशिश कर रहे हैं।
ये तस्वीरें शिवपुरी के पिछोर की हैं, जहां अपनी मांग को लेकर एक युवक पानी की टंकी पर चढ़ गया। मनपुरा गांव निवासी दिनेश सगर का कहना है कि उसकी बेटी सरकारी स्कूल में कक्षा 6 में पढ़ती है, लेकिन उसे शैक्षणिक सत्र में पूरी किताबें नहीं मिलीं। दिनेश ने स्कूल की शिक्षण व्यवस्था और मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। दिनेश का कहना है कि जब उसकी बेटी को इन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, तो दूसरे बच्चों की स्थिति भी ऐसी हो सकती है। इसी सोच के साथ वह गांव-गांव जाकर शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक परिवर्तन को लेकर 22 दिवसीय जागरूकता यात्रा निकालना चाहता था।
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दिनेश ने 19 अगस्त को पिछोर एसडीएम को आवेदन देकर 20 अगस्त से यात्रा शुरू करने की अनुमति मांगी थी। आवेदन में उसने किसी भी असंवैधानिक गतिविधि में शामिल नहीं होने की बात कही थी। अनुमति नहीं मिलने के बाद वह एसडीएम कार्यालय के सामने पानी की टंकी पर चढ़ गया। युवक के पास पेट्रोल से भरी बोतल होने की बात सामने आने के बाद पुलिस भी सतर्क हो गई। पिछोर थाना प्रभारी नीतू सिंह अहिरवार के मुताबिक युवक को लगातार समझाइश दी जा रही है, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ा हुआ है। युवक के टंकी से कूदने की धमकी देने की बात भी सामने आई है।
तहसीलदार शिवशंकर गुर्जर के मुताबिक दिनेश अपनी यात्रा के दौरान स्कूल, अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र और छात्रावासों में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करना चाहता है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी संस्थानों में इस तरह सीधे प्रवेश कर निरीक्षण करने की अनुमति देना प्रशासनिक नियमों के अनुरूप नहीं है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास में जुटी है। वहीं बेटी की पढ़ाई से शुरू हुआ यह मामला अब शिक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक अनुमति और युवक के विरोध प्रदर्शन के बीच बड़ा मुद्दा बन गया है।