मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर डिस्ट्रिक्ट चेस एसोसिएशन हरदा द्वारा पॉलिटेक्निक कॉलेज में 17वें जिला स्तरीय शतरंज टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में 90 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इनमें अंडर-14 वर्ग के 50 और ओपन वर्ग के 40 खिलाड़ी शामिल रहे। प्रतियोगिता में वैभव तोमर ने ओपन वर्ग और वेदांत कुमार मालवीय ने अंडर-14 वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया। हालांकि प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों को कई अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा, जिससे आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए।
आयोजन में खिलाड़ियों से 300 रुपए पंजीयन शुल्क लिया गया लेकिन शुल्क के अनुरूप बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं। खिलाड़ियों को गर्मी के बीच बैठकर मुकाबले खेलने पड़े। बैठने के लिए लगाई गई कुर्सियां भी सुविधाजनक नहीं थीं। वहीं प्रतियोगिता स्थल पर आम लोगों की आवाजाही और शोरगुल के कारण खिलाड़ियों की एकाग्रता प्रभावित होती रही। शतरंज जैसे खेल में शांत वातावरण और बेहतर बैठक व्यवस्था बेहद जरूरी होती है।
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प्रतियोगिता का आयोजन पहली मंजिल पर किया गया, जिससे दिव्यांग खिलाड़ियों और पैर में चोट वाले प्रतिभागियों को ऊपर पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ा। दूर-दराज से आए खिलाड़ियों को भी अपेक्षित सम्मान और सुविधाएं नहीं मिल सकीं। खिलाड़ियों का आरोप है कि प्रतियोगिता के दौरान आयोजक समिति के जिम्मेदार पदाधिकारी मौके पर मौजूद नहीं रहे और कार्यक्रम के अंतिम समय में पहुंचकर केवल फोटो खिंचवाने तक सीमित रहे।
समिति के पुनर्गठन की उठी मांग
खिलाड़ियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि शतरंज आयोजन समिति का पुनर्गठन किया जाए। समिति में ऐसे अनुभवी और जिम्मेदार लोगों को शामिल किया जाए, जिन्हें शतरंज खेल की जानकारी हो और जो खिलाड़ियों की जरूरतों एवं व्यवस्थाओं को समझ सकें। खिलाड़ियों का कहना है कि 300 रुपए शुल्क लेने के बाद भी उचित सुविधाएं नहीं मिलना गंभीर चिंता का विषय है। जिला प्रशासन को भविष्य में ऐसे आयोजनों की व्यवस्थाओं की निगरानी करनी चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को सम्मानजनक माहौल में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सके।