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सरदार पटेल की 151वीं जयंती पर रतिया में निकाली रन फॉर यूनिटी
रतिया। लौह पुरुष एवं राष्ट्रीय एकता के महान शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर शनिवार को रतिया उपमंडल पर रन फॉर यूनिटी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में विधायक जरनैल सिंह ने शिरकत की जबकि समारोह की अध्यक्षता एसडीएम सुरेन्द्र सिंह ने की। कार्यक्रम के आरम्भ में मुख्यातिथि सहित सभी ने राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ व संकल्प लिया।मुख्यातिथि रतिया के विधायक सरदार जरनैल सिंह ने तहसील परिसर से रन फॉर यूनिटी दौड़ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। दौड़ में अधिकारियों, कर्मचारियों, और स्कूली बच्चों ने भाग लेकर एकता और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। सभी ने राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने की शपथ ली।
विधायक सरदार जरनैल सिंह ने कहा कि वल्लभभाई पटेल भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी, कुशल प्रशासक और राष्ट्रीय एकता के प्रबल समर्थक थे। उन्हें देश के प्रति उनके अद्वितीय योगदान के लिए लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है। उनका जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। उन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, साहस और नेतृत्व क्षमता से देश के इतिहास में अमिट छाप छोड़ी।
भारत की स्वतंत्रता के बाद देशी रियासतों का भारत संघ में विलय करवाने में सरदार पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने अपनी कूटनीति, दूरदर्शिता और दृढ़ संकल्प के बल पर अनेक रियासतों को एकजुट कर भारत की एकता और अखंडता को मजबूत किया। उनके इसी ऐतिहासिक योगदान के कारण उन्हें आधुनिक भारत के एकीकरण का प्रमुख शिल्पकार माना जाता है। विधायक ने कहा कि
सरदार पटेल ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। खेड़ा सत्याग्रह और बारडोली आंदोलन में उनके नेतृत्व ने किसानों को संगठित किया तथा अन्याय के विरुद्ध संघर्ष करने की प्रेरणा दी। बारडोली आंदोलन में उनके प्रभावशाली नेतृत्व के बाद उन्हें ‘सरदार’ की उपाधि मिली। उनका संपूर्ण जीवन देशसेवा, अनुशासन, साहस और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण का प्रतीक रहा। सरदार वल्लभभाई पटेल का मानना था कि देश की वास्तविक शक्ति उसकी एकता में निहित है। भाषा, क्षेत्र, जाति और धर्म की विविधताओं के बावजूद सभी भारतीयों को राष्ट्रहित में एकजुट रहना चाहिए। उनकी विचारधारा आज भी देशवासियों को आपसी भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि उनके सम्मान में गुजरात में विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ स्थापित की गई है, जो देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है। प्रतिवर्ष 31 अक्टूबर को उनकी जयंती ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ के रूप में मनाई जाती है। इस अवसर पर देशभर में ‘रन फॉर यूनिटी’ सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनका उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रीय एकता, अखंडता और भाईचारे की भावना को मजबूत करना है।
इस अवसर पर एसडीएम रतिया सुरेन्द्र सिंह, नायब तहसीलदार बलवान सिंह, उप सिविल सर्जन डॉ. भरत सिंह, थाना प्रभारी प्रवीन कुमार, बीईओ शशि प्रकाश, हेल्थ इंस्पेक्टर राजेश स्योकन्द, प्राचार्य तरुण गेरा, साहित्यकार डॉ. नैब सिंह मंडेर, बीआरसी कुलदीप सिंह, पीटीआई ओमप्रकाश, देवी लाल, संदीप कुमार, सुपरवाइजर हरदीप कौर, मीशू सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और स्कूली बच्चे मौजूद रहे।
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