बालोद जिले में गणेश उत्सव के चलते शाम होते ही लोग शहर के अलग-अलग गणेश पंडालों में दर्शन के लिए निकल रहे हैं, लेकिन इसी दौरान बालोद शहर की प्रमुख सड़कों और चौक-चौराहों पर आवारा मवेशियों की मौजूदगी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। शहर के कई प्रमुख इलाकों में सड़क पर बैठे और घूमते मवेशियों के कारण यातायात प्रभावित होने के साथ हादसों का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय रिपोर्ट में भी गणेश उत्सव के दौरान शहर में इस समस्या के बने रहने की बात सामने आई है।
मामले को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने प्रदेश सरकार और स्थानीय प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आवारा मवेशियों की समस्या का अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है और सड़क दुर्घटनाओं में गौवंश की मौत की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। हिरवानी ने सरकार को लेकर राजनीतिक टिप्पणी करते हुए इसे विफलता बताया।
वहीं, मुख्य नगर पालिका अधिकारी के अनुसार नगर पालिका के पास एक गौशाला है, जो फिलहाल पूरी क्षमता से भरी हुई है। उन्होंने बताया कि प्रशासन स्तर पर बैठक लेकर गौ-संरक्षण से जुड़े समूहों के साथ मिलकर समस्या के स्थायी समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं।
इन इलाकों में रोज दिखते हैं मवेशी
बालोद शहर में दल्लीराजहरा की ओर से प्रवेश करने के बाद जेल के पास पहला मोड़, थाने के सामने का इलाका, बस स्टैंड के पास का मोड़, जयस्तंभ चौक, बुधवार बाजार, मधु चौक, राजहरा चौक और झलमला चौक सहित कई जगहों पर मवेशियों के सड़कों पर बैठे रहने की शिकायत है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई स्थानों पर सुबह और शाम के समय सड़क पर मवेशियों की संख्या बढ़ जाती है। इससे वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
त्योहारी सीजन में बढ़ी परेशानी
गणेश उत्सव के दौरान शहर में जगह-जगह पंडाल लगाए गए हैं। शाम के समय बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए घरों से निकल रहे हैं। ऐसे में कुछ पंडालों के आसपास भी मवेशियों के जुटने की बात सामने आई है। इससे श्रद्धालुओं और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगर पालिका की ओर से समय-समय पर गौ-कैचर के जरिए मवेशियों को पकड़कर हटाने की कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है। हालांकि, इसके बावजूद शहर के प्रमुख मार्गों पर समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
कांग्रेस ने उठाए सवाल, प्रशासन ने बताया समाधान का प्रयास
चंद्रेश हिरवानी ने सवाल उठाते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा और गौवंश की सुरक्षा दोनों के लिहाज से इस समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है। उन्होंने नगर प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर राजनीतिक सवाल भी उठाए। दूसरी ओर, नगर पालिका का कहना है कि सीमित गौशाला क्षमता के बीच मवेशियों को व्यवस्थित करने और समस्या के समाधान के लिए संबंधित समूहों के साथ समन्वय किया जा रहा है। अब देखना होगा कि त्योहारी सीजन के बीच शहर की सड़कों से आवारा मवेशियों को हटाने के लिए प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है।