भाजपा कार्यालय में विवाद: पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में मंच पर बहसबाजी, जमकर हाथापाई और थप्पड़बाजी; वीडियो वायरल
भाजपा जिला कार्यालय में रविवार को बैठक के दौरान मंच से एक वरिष्ठ नेता का नाम नहीं लिए जाने पर विवाद हो गया। कहासुनी के बाद दो वरिष्ठ नेताओं में कथित हाथापाई और थप्पड़बाजी हुई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष, एमएलसी और जिला प्रभारी डॉ. धर्मेंद्र सिंह भी मौजूद थे।
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भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में रविवार को आयोजित बैठक के दौरान उस समय हंगामा हो गया, जब मंच से एक वरिष्ठ नेता का नाम नहीं लिए जाने को लेकर विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और मामला कथित तौर पर हाथापाई तक पहुंच गया। इस दौरान दो वरिष्ठ नेताओं के बीच थप्पड़बाजी होने की बात भी सामने आई है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पार्टी के भीतर और बाहर चर्चा तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि भाजपा जिला कार्यालय में रविवार को संगठन से जुड़े विषयों को लेकर बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष, एमएलसी और जिला प्रभारी डॉ. धर्मेंद्र सिंह समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। इसी दौरान मंच से भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का नाम नहीं लिए जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाम नहीं लिए जाने को लेकर पहले संबंधित नेताओं के बीच कहासुनी हुई। कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच हाथापाई की स्थिति बन गई। इस दौरान एक-दूसरे को थप्पड़ मारने की बात भी सामने आई है। बैठक में मौजूद अन्य लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराने का प्रयास किया।
घटना के दौरान मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया। बैठक समाप्त होने के बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद भाजपा के जिला कार्यालय में हुए विवाद को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी घटना को लेकर चर्चा होती रही।
बैठक में पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और जिला प्रभारी की मौजूदगी के दौरान हुए इस विवाद ने संगठन के भीतर अनुशासन को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह और घटनाक्रम को लेकर पार्टी की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम और उससे जुड़ी चर्चाओं की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस या पार्टी स्तर पर मामले में किसी कार्रवाई की जानकारी भी अभी सामने नहीं आई है। अब इस पूरे प्रकरण पर भाजपा संगठन की प्रतिक्रिया का इंतजार है।