काशी में माहौल बिगाड़ने की कोशिश: विवादित पोस्टर चस्पा, लिखा जनता उठो, हिफाजत करो मस्जिद की; पहुंची पुलिस
लाट सरैया क्षेत्र में मस्जिद से जुड़े विवादित पोस्टर लगाए जाने की सूचना से हड़कंप मच गया। पोस्टर पर लिखा था, ‘जनता उठो, हिफाजत करो मस्जिद की...।’ सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पोस्टर हटवा दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टर लगाने वालों की पहचान की जा रही है।
विस्तार
लाट सरैया में जुम्मे की नमाज के दौरान मस्जिद की दीवार पर विवादित पोस्टर चस्पा कर शुक्रवार को माहौल खराब करने की कोशिश की गई। पोस्टर पर लिखा था, जनता उठो, हिफाजत करो लाट भैरव मस्जिद की... लाट भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे एक श्रद्धालु की नजर पोस्टर पर पड़ी तो उसने इसकी वीडियो बनाकर मंदिर प्रबंध समिति के पदाधिकारियों को जानकारी दी।
इसके बाद समिति की ओर से आदमपुर पुलिस को मामले से अवगत कराया गया। इस मामले में एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर आदमपुर थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंच कर विवादित पोस्टर को हटावा दिया है। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से पोस्टर चस्पा करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है।
शुक्रवार सुबह सामान्य दिनों की तरह श्रद्धालु लाट भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे थे। इस दौरान एक दर्शनार्थी भैरवी कूप की ओर पूजन के लिए गया। मंदिर के पीछे की तरफ पहुंचने पर उसकी नजर पोस्टर पर पड़ी। श्रद्धालु ने इसकी वीडियो बनाई और मंदिर प्रबंधन को जानकारी दी।
मामले की जानकारी मिलते ही श्री कपाल भैरव अथवा लाट भैरव प्रबंधक समिति की ओर से आदमपुर पुलिस को सूचना दी गई। समिति के अध्यक्ष व पार्षद रोहित जायसवाल ने पोस्टर लगाए जाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए इसे माहौल बिगाड़ने की कोशिश बताया है।
पोस्टर चिस्पा करने वालों की तलाश में जुटी पुलिस
आदमपुर थाना क्षेत्र में स्थित लाट भैरव मंदिर और मस्जिद का इलाका संवेदनशील माना जाता है। सुरक्षा के मद्देनजर यहां पुलिस के साथ पीएसी की भी ड्यूटी रहती है। ऐसे में जुमे के दिन मंदिर के पीछे विवादित पोस्टर चिपकाए जाने से पुलिस भी सतर्क हो गई है। पोस्टर किसने और किस मकसद से लगाया, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस मंदिर और मस्जिद परिसर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर पोस्टर चस्पा करने वालों की पहचान करने में जुटी है। इंस्पेक्टर आदमपुर विमल मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार दोपहर तक इस संबंध में किसी की ओर से थाने पर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर नहीं दी गई थी।