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Sitapur News: सरयू-शारदा खतरे के करीब, गोमती-केवानी भी उफनाई
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बाढ़ का असर
सीतापुर। भारी बारिश और बैराजों से छोड़े गए पानी से सरयू, शारदा और गोमती नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रामपुर मथुरा में पांच गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं, जबकि करीब 25 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। नैमिषारण्य में गोमती के पानी से राजघाट डूब गया है और चक्रतीर्थ लबालब हो गया है। रविवार को तीनों बैराजों से 5.18 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके सोमवार को जिले में पहुंचने पर हालात और बिगड़ने की आशंका है।
सरयू का जलस्तर 90 सेंटीमीटर बढ़कर 118.80 मीटर पहुंच गया। यह खतरे के निशान 119 मीटर से 20 सेंटीमीटर नीचे है। शारदा का जलस्तर 35 सेंटीमीटर बढ़कर 135.10 मीटर हो गया। गोमती का जलस्तर 1.40 मीटर बढ़कर 121.50 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान 123.10 मीटर से 1.60 मीटर नीचे है। चौका नदी 118.40 मीटर पर स्थिर है।
रविवार को घाघरा बैराज से 2,29,667, शारदा बैराज से 1,46,172 और बनबसा बैराज से 1,42,460 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
सरयू के बढ़ते पानी से ग्रामीण सहमे
रामपुर मथुरा में नागेश्वरपुरवा, छोटेपुरवा, बुचऊपुरवा, प्यारेपुरवा और बाबाकुटी में पानी तेजी से भर रहा है। करीब 25 गांवों में बाढ़ और कटान का डर है। चौका का पानी कई मार्गों पर बह रहा है। रपटा पुल पर दो फीट से अधिक पानी है। करीब 35 गांवों के हजारों किसान प्रभावित हैं और एक हजार बीघे से अधिक फसल जलमग्न है।
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नावों की व्यवस्था
कटान प्रभावित अधिकांश परिवारों को गृहस्थी समेत तटबंध पर पहुंचाया गया है। उन्हें राशन किट भी दी गई है। आवागमन के लिए पर्याप्त नावें लगाई गई हैं।
- अभिषेक प्रियदर्शी, एसडीएम महमूदाबाद
केवानी की बाढ़ से घरों में घुसा पानी
जहांगीराबाद में केवानी नदी का पानी वार्ड एक और तीन के घरों में घुस गया है। वार्ड तीन के 18 से अधिक परिवार करीब 10 दिन से पंचायत भवन और प्राथमिक विद्यालय में शरण लिए हैं। मातृ एवं शिशु परिवार केंद्र में भी पानी भर गया है। बाढ़ के पानी में मगरमच्छ आने से ग्रामीण परेशान हैं। सैकड़ों बीघा फसलें नष्ट हो चुकी हैं। आरा मशीनें बंद होने से मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट है।
राजघाट डूबा, चक्रतीर्थ लबालब
नैमिषारण्य में गोमती का पानी राजघाट को पूरी तरह डुबो चुका है। सुरक्षा बांध की सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है। सत्संग हॉल, कैंटीन और जनशौचालय बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर घाटों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। चक्रतीर्थ का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है।
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सरयू का जलस्तर 90 सेंटीमीटर बढ़कर 118.80 मीटर पहुंच गया। यह खतरे के निशान 119 मीटर से 20 सेंटीमीटर नीचे है। शारदा का जलस्तर 35 सेंटीमीटर बढ़कर 135.10 मीटर हो गया। गोमती का जलस्तर 1.40 मीटर बढ़कर 121.50 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान 123.10 मीटर से 1.60 मीटर नीचे है। चौका नदी 118.40 मीटर पर स्थिर है।
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रविवार को घाघरा बैराज से 2,29,667, शारदा बैराज से 1,46,172 और बनबसा बैराज से 1,42,460 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
सरयू के बढ़ते पानी से ग्रामीण सहमे
रामपुर मथुरा में नागेश्वरपुरवा, छोटेपुरवा, बुचऊपुरवा, प्यारेपुरवा और बाबाकुटी में पानी तेजी से भर रहा है। करीब 25 गांवों में बाढ़ और कटान का डर है। चौका का पानी कई मार्गों पर बह रहा है। रपटा पुल पर दो फीट से अधिक पानी है। करीब 35 गांवों के हजारों किसान प्रभावित हैं और एक हजार बीघे से अधिक फसल जलमग्न है।
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नावों की व्यवस्था
कटान प्रभावित अधिकांश परिवारों को गृहस्थी समेत तटबंध पर पहुंचाया गया है। उन्हें राशन किट भी दी गई है। आवागमन के लिए पर्याप्त नावें लगाई गई हैं।
- अभिषेक प्रियदर्शी, एसडीएम महमूदाबाद
केवानी की बाढ़ से घरों में घुसा पानी
जहांगीराबाद में केवानी नदी का पानी वार्ड एक और तीन के घरों में घुस गया है। वार्ड तीन के 18 से अधिक परिवार करीब 10 दिन से पंचायत भवन और प्राथमिक विद्यालय में शरण लिए हैं। मातृ एवं शिशु परिवार केंद्र में भी पानी भर गया है। बाढ़ के पानी में मगरमच्छ आने से ग्रामीण परेशान हैं। सैकड़ों बीघा फसलें नष्ट हो चुकी हैं। आरा मशीनें बंद होने से मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट है।
राजघाट डूबा, चक्रतीर्थ लबालब
नैमिषारण्य में गोमती का पानी राजघाट को पूरी तरह डुबो चुका है। सुरक्षा बांध की सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है। सत्संग हॉल, कैंटीन और जनशौचालय बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। प्रशासन ने अलर्ट जारी कर घाटों पर सुरक्षा बढ़ा दी है। चक्रतीर्थ का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है।

बाढ़ का असर

बाढ़ का असर