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Sant Kabir Nagar News: आक्रामक हुए कुत्ते, बच्चे और बुजुर्ग बन रहे शिकार
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अस्पताल कुत्ता काटने से पीड़ित बच्चे को टीका लगाते फार्मासिस्ट-संवाद
संतकबीरनगर। जिले में मौसम बदलने के साथ ही कुत्तों के हमलों का सिलसिला तेज हो गया है। ये शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक आवारा कुत्ते बच्चों और बुजुर्गाें को निशाना बना रहे हैं। जिला अस्पताल और सीएचसी की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 270 के करीब लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। अभी हाल ही में सेमरियावां में एक ही दिन में 30 लोगों को सियार ने काट लिया था।
पशु चिकित्सक का कहना है कि सितंबर और अक्तूबर का महीना कुत्तों के प्रजनन का समय माना जाता है, जिसमें कुत्ते आक्रामक होते हैं। अक्तूबर के शुरुआती 14 दिनों में ही 800 लोग टीका लगवा चुके हैं। वहीं, बीते साढ़े तीन महीने में जिला अस्पताल और सीएचसी पर 5200 लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई है।
जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के टीकाकरण कक्षों के रिकॉर्ड के अनुसार, कुत्तों के काटने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों और टहलने निकलने वाले बुजुर्गों को विशेष रूप से खतरा बना हुआ है। कई इलाकों में लोग बाहर निकलने से भी कतरा रहे हैं। जिले के सेमरियांवा, मेंहदावल, धनघटा, रोसया बाजार आदि जगहों पर कुत्ते काटने के मामले सबसे ज्यादा आ रहे है।
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जिले में जिला अस्पताल, सीएचसी खलीलाबाद, सीएचसी मेंहदावल, सीएचसी सेमरियावां और सीएचसी हैंसर में ही एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाया जा रहा है। अन्य क्षेत्रों के पीड़ित भी इन अस्पतालों पर पहुंच कर रैबीज लगवा रहे है, जिससे अस्पताल में प्रतिदिन 270 के करीब लोग रैबीज लगवाने पहुंच रहे हैं।
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कुत्ता काटने पर क्या करें, क्या न करें
- घाव धोएं : कुत्ते के काटने पर घाव को बहते पानी और साबुन से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोएं।
- तुरंत चिकित्सा लें : बिना देर किए स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचें। चिकित्सक की सलाह के अनुसार एंटी रेबीज वैक्सीन और अन्य जरूरी उपचार कराएं।
- घरेलू नुस्खों से बचें : घाव पर मिर्च, तेल या अन्य घरेलू पदार्थ न लगाएं।
कुत्ते को न उकसाएं : सोते या आराम कर रहे कुत्ते के पास अचानक न जाएं और उस पर पत्थर न फेंकें।
- भागने की कोशिश न करें : कुत्ते के सामने अचानक दौड़ने या उसे डराने से बचें। शांत रहने की कोशिश करें और सुरक्षित स्थान की ओर धीरे-धीरे हटें।
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मेंहदावल में एबीसी के लिए खोजी जा रही जमीन
खलीलाबाद शहर में कुत्तों के लिए एबीसी (एनीमल बर्थ कंट्रोल) केंद्र बनाने के लिए भूमि चिह्नित करने की कवायद चल रही थी। इसमें करीब साढ़े सात बीघा जमीन की जरूरत थी लेकिन इतनी जमीन शहर में नहीं मिली। इसके बाद इसे मेंहदावल में बनाने की योजना बनी है। इसके लिए डीएम के माध्यम से वहां के तहसील प्रशासन से जमीन चिह्नित करने को कहा गया है।
- अवधेश भारती, ईओ, नगर पालिका, खलीलाबाद
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नगर पालिका कुत्तों का संरक्षण कराएगी उसके बाद से उसके बंध्याकरण का कार्य शुरू होगा। इस समय कुत्तों के प्रजनन का समय होता है। इस वजह से वह आक्रामक हो जाते है। ऐसे में इस समय लोगों को कुत्तों के हमले से बचना चाहिए।
-डॉ. सुरेश तिवारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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एक ही सियार ने 30 लोगों को काटा
छह अक्तूबर की शाम को सेमरियावां ब्लॉक के परसादपुर, सफियाबाद, ऊचहरा कला, महुआरी आदि गांव के 30 लोगों को एक ही सियार ने काट लिया था। इन लोगों को सीएचसी सेमरियावां में रैबीज लगाया गया। ग्रामीण चार से पांच दिनों तक गांव की रखवाल किए लेकिन उसके बाद से सियार नहीं दिखा, जिसके बाद राहत की सांस ली।
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किस माह में कितना लगा रैबीज
जुलाई में 1370 को रैबीज लगा
अगस्त में 1430 को रैबीज लगा
सितंबर में 1600 को रैबीज लगा
अक्तूबर में अब तक 800 लोगों को रैबीज लग चुका है।
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पशु चिकित्सक का कहना है कि सितंबर और अक्तूबर का महीना कुत्तों के प्रजनन का समय माना जाता है, जिसमें कुत्ते आक्रामक होते हैं। अक्तूबर के शुरुआती 14 दिनों में ही 800 लोग टीका लगवा चुके हैं। वहीं, बीते साढ़े तीन महीने में जिला अस्पताल और सीएचसी पर 5200 लोगों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई है।
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जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के टीकाकरण कक्षों के रिकॉर्ड के अनुसार, कुत्तों के काटने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों और टहलने निकलने वाले बुजुर्गों को विशेष रूप से खतरा बना हुआ है। कई इलाकों में लोग बाहर निकलने से भी कतरा रहे हैं। जिले के सेमरियांवा, मेंहदावल, धनघटा, रोसया बाजार आदि जगहों पर कुत्ते काटने के मामले सबसे ज्यादा आ रहे है।
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जिले में जिला अस्पताल, सीएचसी खलीलाबाद, सीएचसी मेंहदावल, सीएचसी सेमरियावां और सीएचसी हैंसर में ही एंटी रैबीज का इंजेक्शन लगाया जा रहा है। अन्य क्षेत्रों के पीड़ित भी इन अस्पतालों पर पहुंच कर रैबीज लगवा रहे है, जिससे अस्पताल में प्रतिदिन 270 के करीब लोग रैबीज लगवाने पहुंच रहे हैं।
कुत्ता काटने पर क्या करें, क्या न करें
- घाव धोएं : कुत्ते के काटने पर घाव को बहते पानी और साबुन से कम से कम 15 मिनट तक अच्छी तरह धोएं।
- तुरंत चिकित्सा लें : बिना देर किए स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचें। चिकित्सक की सलाह के अनुसार एंटी रेबीज वैक्सीन और अन्य जरूरी उपचार कराएं।
- घरेलू नुस्खों से बचें : घाव पर मिर्च, तेल या अन्य घरेलू पदार्थ न लगाएं।
कुत्ते को न उकसाएं : सोते या आराम कर रहे कुत्ते के पास अचानक न जाएं और उस पर पत्थर न फेंकें।
- भागने की कोशिश न करें : कुत्ते के सामने अचानक दौड़ने या उसे डराने से बचें। शांत रहने की कोशिश करें और सुरक्षित स्थान की ओर धीरे-धीरे हटें।
मेंहदावल में एबीसी के लिए खोजी जा रही जमीन
खलीलाबाद शहर में कुत्तों के लिए एबीसी (एनीमल बर्थ कंट्रोल) केंद्र बनाने के लिए भूमि चिह्नित करने की कवायद चल रही थी। इसमें करीब साढ़े सात बीघा जमीन की जरूरत थी लेकिन इतनी जमीन शहर में नहीं मिली। इसके बाद इसे मेंहदावल में बनाने की योजना बनी है। इसके लिए डीएम के माध्यम से वहां के तहसील प्रशासन से जमीन चिह्नित करने को कहा गया है।
- अवधेश भारती, ईओ, नगर पालिका, खलीलाबाद
नगर पालिका कुत्तों का संरक्षण कराएगी उसके बाद से उसके बंध्याकरण का कार्य शुरू होगा। इस समय कुत्तों के प्रजनन का समय होता है। इस वजह से वह आक्रामक हो जाते है। ऐसे में इस समय लोगों को कुत्तों के हमले से बचना चाहिए।
-डॉ. सुरेश तिवारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
एक ही सियार ने 30 लोगों को काटा
छह अक्तूबर की शाम को सेमरियावां ब्लॉक के परसादपुर, सफियाबाद, ऊचहरा कला, महुआरी आदि गांव के 30 लोगों को एक ही सियार ने काट लिया था। इन लोगों को सीएचसी सेमरियावां में रैबीज लगाया गया। ग्रामीण चार से पांच दिनों तक गांव की रखवाल किए लेकिन उसके बाद से सियार नहीं दिखा, जिसके बाद राहत की सांस ली।
किस माह में कितना लगा रैबीज
जुलाई में 1370 को रैबीज लगा
अगस्त में 1430 को रैबीज लगा
सितंबर में 1600 को रैबीज लगा
अक्तूबर में अब तक 800 लोगों को रैबीज लग चुका है।