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Saharanpur News: बाजोरिया रोड की बीमार पार्किंग व्यवस्था से जाम में फंस रहे मरीज और तीमारदार
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सहारनपुर। बाजोरिया रोड की बीमार पार्किंग व्यवस्था के कारण प्रतिदिन सैकड़ों मरीज और तीमारदार जाम से जूझते हैं। कई बार एंबुलेंस को भी जाम में फंसे देखा जा सकता है। दशकों से चली आ रही इस समस्या का नगर निगम समाधान नहीं निकाल सका है।
जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल के अलावा सौ से अधिक निजी अस्पताल और क्लीनिक इसी मार्ग पर हैं। शहर की बड़ी पैथोलॉजी लैब, अल्ट्रासाउंड, सिटी स्कैन आदि सेंटर और अनगिनत मेडिकल स्टोर भी इसी के आसपास हैं। ऐसे में प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज और तीमारदारों का बाजोरिया रोड पर आना होता है। पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने की वजह से ज्यादातर चौपहिया वाहन डिवाइडर के बीच में छोड़ी गई जगह पर खड़े किए जाते हैं।
दुपहिया वाहन भी डिवाइडर के बीच और सड़क के दोनों ओर दी गई पार्किंग से बाहर तक खड़े होते हैं।
इसकी वजह से जनकपुरी तिराहा से चौधरी चरण सिंह चौक तक दिनभर जाम रहता है। रात नौ बजे के बाद राहत मिलती है, जो सुबह नौ बजे तक ही रहती है। ऐसे में मरीज और तीमारदारों के वाहन और एंबुलेंस जाम में फंसे रहते हैं। आम नागरिकों का भी इस मार्ग से निकलना मुश्किल रहता है। खास बात यह भी है कि 90 फीसदी से अधिक निजी अस्पतालों और क्लीनिक के पास पार्किंग की अपनी व्यवस्था नहीं है।
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जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल के अलावा सौ से अधिक निजी अस्पताल और क्लीनिक इसी मार्ग पर हैं। शहर की बड़ी पैथोलॉजी लैब, अल्ट्रासाउंड, सिटी स्कैन आदि सेंटर और अनगिनत मेडिकल स्टोर भी इसी के आसपास हैं। ऐसे में प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज और तीमारदारों का बाजोरिया रोड पर आना होता है। पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने की वजह से ज्यादातर चौपहिया वाहन डिवाइडर के बीच में छोड़ी गई जगह पर खड़े किए जाते हैं।
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दुपहिया वाहन भी डिवाइडर के बीच और सड़क के दोनों ओर दी गई पार्किंग से बाहर तक खड़े होते हैं।
इसकी वजह से जनकपुरी तिराहा से चौधरी चरण सिंह चौक तक दिनभर जाम रहता है। रात नौ बजे के बाद राहत मिलती है, जो सुबह नौ बजे तक ही रहती है। ऐसे में मरीज और तीमारदारों के वाहन और एंबुलेंस जाम में फंसे रहते हैं। आम नागरिकों का भी इस मार्ग से निकलना मुश्किल रहता है। खास बात यह भी है कि 90 फीसदी से अधिक निजी अस्पतालों और क्लीनिक के पास पार्किंग की अपनी व्यवस्था नहीं है।
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