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Mau News: जनवरी में चलाया अभियान, जुलाई में दी चेतावनी फिर भी अतिक्रमण
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चिरैयाकोट बाजार में सड़क किनारे हुआ अतिक्रमण। संवाद, पड़ताल की खबर में फोटो
जनवरी में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इसके बाद जुलाई में भी सभी को चेतावनी दी गई थी लेकिन मऊ नगर पालिका, 10 नगर पंचायतों और प्रमुख बाजारों में जिन सड़कों और सार्वजनिक जगहों को प्रशासन ने अतिक्रमण मुक्त कराया था, वहां फिर से अतिक्रमण हो गया है।
बाजारों में दुर्गा पूजा के पंडाल सज चुके हैं और दिवाली-दशहरे की खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ रही है, ऐसे में अतिक्रमण राहगीरों और वाहन चालकों के लिए नासूर बन चुका है। नगर के जिला अस्पताल, आजमगढ़ मोड़, भीटी, मिर्जाहादीपुरा चौक, फातिमा तिराहा, बाल निकेतन सहित विभिन्न स्थानों पर दोनों पटरियों पर पटरी दुकानदारों के अतिक्रमण से जाम की स्थिति रहती है। इससे शहरवासियों और बाहर से आने वालों को रोजाना परेशानी होती है।
वाहनों की पार्किंग से सड़क संकरी हुई
शहर के आजमगढ़ मोड मार्ग पर डिवाइडर बन जाने के बाद भी सड़क के दोनों ओर वाहनों की पार्किंग से सड़क संकरी हो गई है। इससे भारी वाहन गुजरने के चलते आवागमन बाधित हो जाता है। घोसी, कोपागंज, दोहरीघाट, मधुबन, कुर्थीजाफरपुर, मुहम्मदाबाद गोहना, चिरैयाकोट नगर पंचायत में सुबह 11 बजे से अस्थायी अतिक्रमण शुरू हो जाता है। यही हाल इंदारा बाजार, रतनपुरा बाजार, थानीदास मोड़, रानीपुर बाजार, खुरहट बाजार, करहां बाजार में अतिक्रमण से राहगीरों की परेशानी बढ़ जाती है।
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घोसी और मऊ नगर पालिका में दुकानदार दुकान के दायरे से सात फीट आगे सड़क की पटरी तक अपनी दुकान का प्रचार करने के लिए साइनबोर्ड रख देते हैं। वहां तक कपड़ों और बर्तन के स्टॉल सजा देते हैं। इनके अलावां सब्जी, फास्ट फूड की दुकान लगाने वालों ने फुटपाथ पर अतिक्रमण कर लिया है। इसके चलते सामान की खरीदारी करने आए लोग सड़क पर ही वाहन खड़े करके दुकान में चले जाते हैं।
तय नहीं हो पाई वेंडिंग जोन
नगरपालिका के अधिकारी बीते साढ़े आठ साल में वेडिंग जोन निर्धारित नहीं कर पाए हैं। उप्र पथ विक्रेता नियामवली लागू होने के बाद से वेडिंग जोन की कवायद 2017 से नगर पालिका प्रशासन की ओर से जारी है। वेंडिंग जोन का चयन कर उनका जीआई टैग लैंडमार्क होना है। जगह तय न होने के कारण ठेला और अस्थायी दुकानदार एक स्थान से दूसरे स्थान पर भ्रमण करते रहते हैं। पथ विक्रेताओं का कहना है कि यदि उनको उस स्थान से हटाया जाए तो यह भी बताया जाए कि किस स्थान पर उन्हें दुकान लगाने का स्थान मिल रहा है। नगर पालिका का कहना है कि जमीन चिह्नित न होने और दूसरी कई बाधा से प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। पटरी दुकानदार राधेश्याम, बृजलाल सोनकर, सोम्मर, हरिगोविंद ने बताया कि वेंडिग जोन निर्धारित हो जाय या नगर पालिका द्वारा एक स्थायी जगह दे दी जाय तो वहां दुकान लगाते। उसके लिए टैक्ट देने के लिए भी तैयार हैं।
शहर में स्थायी पार्किंग की सुविधा जरूरी
समाजसेवी छोटेलाल गांधी, किसान नेता देवप्रकाश राय, शिक्षक कुंजबिहारी गुप्ता, युवा मधु पांडेय, अधिवक्ता अखंड प्रताप सिंह और ओमकार सिंह ने बताया कि नगर में पार्किंग की सुविधा न होने से लोग जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से वे सड़क ही बाइक या चार पहिया वाहन खड़े करते हैं। लेकिन उसे नियम विरुद्ध बताकर नो पार्किंग जोन में चालान काटा जाता है। जाम का कारण बनने वाले वाहनों का चालान करना जरूरी है, लेकिन उतना ही जरूरी है कि बाजार के विकसित होने पर पार्किंग की सुविधा मुहैया कराई जाए। पार्किंग की सुविधा पहले से होनी चाहिए। मुख्य स्थानों पर पार्किंग की सुविधा बनने के बाद ही पुलिस को चालान काटने की कार्रवाई शुरू करनी चाहिए।
अंडरग्राउंड पार्किंग तो बनी, लेकिन चलती हैं दुकानें
करीब पांच लाख की आबादी वाले मऊ शहर में दर्जनों सुपरमार्केट, बड़े शोरूम और बड़ी-बड़ी दुकानें हैं, लेकिन इनमें से केवल तीन के पास पार्किंग की उचित सुविधा है। कई शॉपिंग मॉल और प्रतिष्ठान कागजों में अंडरग्राउंड पार्किंग का दावा करते हैं, लेकिन हकीकत में उनकी बेसमेंट में दुकानें चल रही हैं। जिला अस्पताल के सामने स्थित शॉपिंग मॉल की आंडरग्राउंड पार्किंग में रेस्टोरेंट संचालित होता है। इसी तरह आजमगढ़ तिराहा से गाजीपुर तिराहा, तक कई शॉपिंग मॉल हैं, लेकिन उन्होंने उसे अपना गोदाम बना लिया है या सैलून के लिए किराये पर दे दिया है।
खरीदारी के लिए बाजार जाने पर पैदल चलने तक की जगह नहीं मिलती। दुकानदारों ने अपनी दुकान के आगे 6-7 फीट तक कपड़े और बर्तनों का सामान सजा लिया है। फुटपाथ पूरी तरह गायब हो चुके हैं, जिससे मजबूरन सड़क पर गाड़ी खड़ी करके जाना पड़ता है। - मंगलेश सिंह, निवासी ब्रह्मस्थान।
जिला अस्पताल रोड और आजमगढ़ मोड़ जैसी प्रमुख सड़कों पर पटरी दुकानदारों ने सड़क तक स्टॉल और साइनबोर्ड लगा रखे हैं। सड़क पर ही गाड़ियां खड़ी हो जाती हैं। पूजा पंडालों और खरीदारी की भीड़ के बीच इस जाम में एंबुलेंस और आम लोगों का निकलना भी दूभर हो गया है। - वैभव गुप्ता, निवासी बल्लीपुरा।
छोटे व्यवसायी साढ़े आठ साल से सिर्फ आश्वासन सुन रहे हैं कि वेंडिंग जोन बनेगा। अगर प्रशासन अतिक्रमण के नाम पर हटाता है, तो उसे यह भी बताना चाहिए कि दुकानदार रोजी-रोटी चलाने के लिए कहां जाएं। वो कोई अवैध कब्जा नहीं करना चाहते, अगर नगर पालिका हमें एक निश्चित जगह दे दे, तो वहां स्थाई रूप से दुकान लगाने और हर तरह का टैक्स देने को पूरी तरह तैयार हैं। - डॉ. रामगोपाल गुप्ता, व्यापारी नेता
जब तक वेंडिंग जोन तय नहीं होंगे, तब तक सड़क पर जाम की स्थिति बनी रहेगी और वेंडर्स भी मारे-मारे फिरेंगे। प्रशासन को चाहिए कि जल्द जमीन तय कर इन छोटे दुकानदारों को जगह उपलब्ध कराए, ताकि शहर की व्यवस्था भी सुधरे और गरीबों का रोजगार भी सुरक्षित रहे। - मनीष सर्राफ, व्यापारी नेता
अभियान के कुछ दिनों बाद हालत जस की तस
जनवरी में नगर पालिका और नगर पंचायतों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। इसके अलावा 27 जुलाई को फातिमा तिराहा से अस्पताल तक अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया गया था। घोसी नगर पंचायत में भी उसी समय पुलिस और नगर पंचायत प्रशासन ने पहले चेतावनी दी थी, फिर अगले दिन से मुख्य मार्ग के किनारे से अतिक्रमण हटवाया था। सितंबर महीने में कोपागंज नगर पंचायत द्वारा नाले से 20 जगहों पर अतिक्रमण हटाया गया था। लेकिन कुछ दिनों बाद हालत जस की तस हो गई।
नगर पालिका में कुछ जगहों को वेंडिंग जोन बनाया गया है। वहां दुकानें आवंटित की गई हैं या नहीं इसकी जांच कराई जाएगी। सड़क की पटरियों पर अतिक्रमण को लेकर हमेशा हिदायत दी जाती है। अतिक्रमण हटवाना निरंतर चलने वाला अभियान है। जहां जहां अतिक्रमण किया गया है, वहां से हटवाया जाएगा। - प्रवेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी मऊ
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बाजारों में दुर्गा पूजा के पंडाल सज चुके हैं और दिवाली-दशहरे की खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ रही है, ऐसे में अतिक्रमण राहगीरों और वाहन चालकों के लिए नासूर बन चुका है। नगर के जिला अस्पताल, आजमगढ़ मोड़, भीटी, मिर्जाहादीपुरा चौक, फातिमा तिराहा, बाल निकेतन सहित विभिन्न स्थानों पर दोनों पटरियों पर पटरी दुकानदारों के अतिक्रमण से जाम की स्थिति रहती है। इससे शहरवासियों और बाहर से आने वालों को रोजाना परेशानी होती है।
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वाहनों की पार्किंग से सड़क संकरी हुई
शहर के आजमगढ़ मोड मार्ग पर डिवाइडर बन जाने के बाद भी सड़क के दोनों ओर वाहनों की पार्किंग से सड़क संकरी हो गई है। इससे भारी वाहन गुजरने के चलते आवागमन बाधित हो जाता है। घोसी, कोपागंज, दोहरीघाट, मधुबन, कुर्थीजाफरपुर, मुहम्मदाबाद गोहना, चिरैयाकोट नगर पंचायत में सुबह 11 बजे से अस्थायी अतिक्रमण शुरू हो जाता है। यही हाल इंदारा बाजार, रतनपुरा बाजार, थानीदास मोड़, रानीपुर बाजार, खुरहट बाजार, करहां बाजार में अतिक्रमण से राहगीरों की परेशानी बढ़ जाती है।
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घोसी और मऊ नगर पालिका में दुकानदार दुकान के दायरे से सात फीट आगे सड़क की पटरी तक अपनी दुकान का प्रचार करने के लिए साइनबोर्ड रख देते हैं। वहां तक कपड़ों और बर्तन के स्टॉल सजा देते हैं। इनके अलावां सब्जी, फास्ट फूड की दुकान लगाने वालों ने फुटपाथ पर अतिक्रमण कर लिया है। इसके चलते सामान की खरीदारी करने आए लोग सड़क पर ही वाहन खड़े करके दुकान में चले जाते हैं।
तय नहीं हो पाई वेंडिंग जोन
नगरपालिका के अधिकारी बीते साढ़े आठ साल में वेडिंग जोन निर्धारित नहीं कर पाए हैं। उप्र पथ विक्रेता नियामवली लागू होने के बाद से वेडिंग जोन की कवायद 2017 से नगर पालिका प्रशासन की ओर से जारी है। वेंडिंग जोन का चयन कर उनका जीआई टैग लैंडमार्क होना है। जगह तय न होने के कारण ठेला और अस्थायी दुकानदार एक स्थान से दूसरे स्थान पर भ्रमण करते रहते हैं। पथ विक्रेताओं का कहना है कि यदि उनको उस स्थान से हटाया जाए तो यह भी बताया जाए कि किस स्थान पर उन्हें दुकान लगाने का स्थान मिल रहा है। नगर पालिका का कहना है कि जमीन चिह्नित न होने और दूसरी कई बाधा से प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। पटरी दुकानदार राधेश्याम, बृजलाल सोनकर, सोम्मर, हरिगोविंद ने बताया कि वेंडिग जोन निर्धारित हो जाय या नगर पालिका द्वारा एक स्थायी जगह दे दी जाय तो वहां दुकान लगाते। उसके लिए टैक्ट देने के लिए भी तैयार हैं।
शहर में स्थायी पार्किंग की सुविधा जरूरी
समाजसेवी छोटेलाल गांधी, किसान नेता देवप्रकाश राय, शिक्षक कुंजबिहारी गुप्ता, युवा मधु पांडेय, अधिवक्ता अखंड प्रताप सिंह और ओमकार सिंह ने बताया कि नगर में पार्किंग की सुविधा न होने से लोग जाम की समस्या से जूझ रहे हैं। पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से वे सड़क ही बाइक या चार पहिया वाहन खड़े करते हैं। लेकिन उसे नियम विरुद्ध बताकर नो पार्किंग जोन में चालान काटा जाता है। जाम का कारण बनने वाले वाहनों का चालान करना जरूरी है, लेकिन उतना ही जरूरी है कि बाजार के विकसित होने पर पार्किंग की सुविधा मुहैया कराई जाए। पार्किंग की सुविधा पहले से होनी चाहिए। मुख्य स्थानों पर पार्किंग की सुविधा बनने के बाद ही पुलिस को चालान काटने की कार्रवाई शुरू करनी चाहिए।
अंडरग्राउंड पार्किंग तो बनी, लेकिन चलती हैं दुकानें
करीब पांच लाख की आबादी वाले मऊ शहर में दर्जनों सुपरमार्केट, बड़े शोरूम और बड़ी-बड़ी दुकानें हैं, लेकिन इनमें से केवल तीन के पास पार्किंग की उचित सुविधा है। कई शॉपिंग मॉल और प्रतिष्ठान कागजों में अंडरग्राउंड पार्किंग का दावा करते हैं, लेकिन हकीकत में उनकी बेसमेंट में दुकानें चल रही हैं। जिला अस्पताल के सामने स्थित शॉपिंग मॉल की आंडरग्राउंड पार्किंग में रेस्टोरेंट संचालित होता है। इसी तरह आजमगढ़ तिराहा से गाजीपुर तिराहा, तक कई शॉपिंग मॉल हैं, लेकिन उन्होंने उसे अपना गोदाम बना लिया है या सैलून के लिए किराये पर दे दिया है।
खरीदारी के लिए बाजार जाने पर पैदल चलने तक की जगह नहीं मिलती। दुकानदारों ने अपनी दुकान के आगे 6-7 फीट तक कपड़े और बर्तनों का सामान सजा लिया है। फुटपाथ पूरी तरह गायब हो चुके हैं, जिससे मजबूरन सड़क पर गाड़ी खड़ी करके जाना पड़ता है। - मंगलेश सिंह, निवासी ब्रह्मस्थान।
जिला अस्पताल रोड और आजमगढ़ मोड़ जैसी प्रमुख सड़कों पर पटरी दुकानदारों ने सड़क तक स्टॉल और साइनबोर्ड लगा रखे हैं। सड़क पर ही गाड़ियां खड़ी हो जाती हैं। पूजा पंडालों और खरीदारी की भीड़ के बीच इस जाम में एंबुलेंस और आम लोगों का निकलना भी दूभर हो गया है। - वैभव गुप्ता, निवासी बल्लीपुरा।
छोटे व्यवसायी साढ़े आठ साल से सिर्फ आश्वासन सुन रहे हैं कि वेंडिंग जोन बनेगा। अगर प्रशासन अतिक्रमण के नाम पर हटाता है, तो उसे यह भी बताना चाहिए कि दुकानदार रोजी-रोटी चलाने के लिए कहां जाएं। वो कोई अवैध कब्जा नहीं करना चाहते, अगर नगर पालिका हमें एक निश्चित जगह दे दे, तो वहां स्थाई रूप से दुकान लगाने और हर तरह का टैक्स देने को पूरी तरह तैयार हैं। - डॉ. रामगोपाल गुप्ता, व्यापारी नेता
जब तक वेंडिंग जोन तय नहीं होंगे, तब तक सड़क पर जाम की स्थिति बनी रहेगी और वेंडर्स भी मारे-मारे फिरेंगे। प्रशासन को चाहिए कि जल्द जमीन तय कर इन छोटे दुकानदारों को जगह उपलब्ध कराए, ताकि शहर की व्यवस्था भी सुधरे और गरीबों का रोजगार भी सुरक्षित रहे। - मनीष सर्राफ, व्यापारी नेता
अभियान के कुछ दिनों बाद हालत जस की तस
जनवरी में नगर पालिका और नगर पंचायतों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया था। इसके अलावा 27 जुलाई को फातिमा तिराहा से अस्पताल तक अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया गया था। घोसी नगर पंचायत में भी उसी समय पुलिस और नगर पंचायत प्रशासन ने पहले चेतावनी दी थी, फिर अगले दिन से मुख्य मार्ग के किनारे से अतिक्रमण हटवाया था। सितंबर महीने में कोपागंज नगर पंचायत द्वारा नाले से 20 जगहों पर अतिक्रमण हटाया गया था। लेकिन कुछ दिनों बाद हालत जस की तस हो गई।
नगर पालिका में कुछ जगहों को वेंडिंग जोन बनाया गया है। वहां दुकानें आवंटित की गई हैं या नहीं इसकी जांच कराई जाएगी। सड़क की पटरियों पर अतिक्रमण को लेकर हमेशा हिदायत दी जाती है। अतिक्रमण हटवाना निरंतर चलने वाला अभियान है। जहां जहां अतिक्रमण किया गया है, वहां से हटवाया जाएगा। - प्रवेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी मऊ