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वृंदावन: बांके बिहारी के नाम पर भी धोखा, पुलिस ने गिरफ्तार किया अजीत चौधरी; दीपदान के नाम पर मांग रहा था पैसा
Sat, 31 Oct 2026 10:03 AM IST
Dhirendra Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 31 Oct 2026 10:03 AM IST
सार
श्रीबांकेबिहारी मंदिर में दीपदान के नाम पर सोशल मीडिया से श्रद्धालुओं से ऑनलाइन धन मांगने वाला आरोपी गिरफ्तार। अमर उजाला की खबर के बाद पुलिस हरकत में आई, अब वायरल क्यूआर कोड से जुटाई गई रकम की जांच।
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दीपदान के इस पोस्टर को लेकर ही की गई शिकायत।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
वृंदावन के ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर में कार्तिक मास में दीपदान के नाम पर श्रद्धालुओं से ऑनलाइन धन की मांग करने के मामले में पुलिस ने एक व्यक्ति के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है। धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचाने के आरोप में पुलिस ने नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध कार्रवाई की है।
गत दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्टर जारी हुआ था। इसमें कार्तिक मास में श्रीबांकेबिहारी मंदिर में तुलसी पूजन और दीपदान के नाम परदीपदान के नाम पर देवी-देवताओं की कृपा व राजसी सुख प्राप्ति का लालच देकर श्रद्धालुओं से नाम और गोत्र लिखकर पैसे भेजने को कहा जा रहा था। इसके लिए मोबाइल नंबर और एक यूपीआई आईडी जारी की गई थी।
इस वायरल पोस्ट की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो पुलिस अधिकारी हरकत में आ गए। श्रीबांकेबिहारी पुलिस चौकी प्रभारी शिवकुमार शर्मा ने मामले की जांच की और मंदिर के सेवायत सुमित गोस्वामी से भी जानकारी ली। इसमें स्पष्ट हुआ कि आरोपी द्वारा यह कार्य न केवल मंदिर की पवित्रता और मर्यादा के विरुद्ध है बल्कि इससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को भी गहरी ठेस पहुंची है।
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सुमित गोस्वामी ने इस संबंध में मंदिर हाई पावर्ड प्रबंध कमेटी को भी अवगत कराया था। जांच के बाद पुलिस ने मूलरूप से अलीगढ़ एवं फिलहाल नवादा के रजत विहार में रह रहे अजीत चौधरी के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है।
सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर कार्रवाई की जा रही है। वायरल पोस्ट, मोबाइल नंबर और यूपीआई के आधार पर अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है। अभी तक वायरल क्यूआर कोड के जरिये कितना धन दीपदान के नाम पर श्रद्धालुओं से लिया गया, इसकी जांच की जा रही है।
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गत दिनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्टर जारी हुआ था। इसमें कार्तिक मास में श्रीबांकेबिहारी मंदिर में तुलसी पूजन और दीपदान के नाम परदीपदान के नाम पर देवी-देवताओं की कृपा व राजसी सुख प्राप्ति का लालच देकर श्रद्धालुओं से नाम और गोत्र लिखकर पैसे भेजने को कहा जा रहा था। इसके लिए मोबाइल नंबर और एक यूपीआई आईडी जारी की गई थी।
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इस वायरल पोस्ट की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो पुलिस अधिकारी हरकत में आ गए। श्रीबांकेबिहारी पुलिस चौकी प्रभारी शिवकुमार शर्मा ने मामले की जांच की और मंदिर के सेवायत सुमित गोस्वामी से भी जानकारी ली। इसमें स्पष्ट हुआ कि आरोपी द्वारा यह कार्य न केवल मंदिर की पवित्रता और मर्यादा के विरुद्ध है बल्कि इससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को भी गहरी ठेस पहुंची है।
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सुमित गोस्वामी ने इस संबंध में मंदिर हाई पावर्ड प्रबंध कमेटी को भी अवगत कराया था। जांच के बाद पुलिस ने मूलरूप से अलीगढ़ एवं फिलहाल नवादा के रजत विहार में रह रहे अजीत चौधरी के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है।
सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर कार्रवाई की जा रही है। वायरल पोस्ट, मोबाइल नंबर और यूपीआई के आधार पर अन्य संलिप्त लोगों की तलाश जारी है। अभी तक वायरल क्यूआर कोड के जरिये कितना धन दीपदान के नाम पर श्रद्धालुओं से लिया गया, इसकी जांच की जा रही है।