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Kushinagar News: फिर गांव की ओर मुड़ी गंडक, महदेवा में कटान की आहट से सहमे ग्रामीण
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खड्डा। वर्ष 2023 में महदेवा गांव से दूर हुई गंडक नदी की मुख्य धारा ने एक बार फिर अपना रुख बदल लिया है। करीब एक सप्ताह के भीतर नदी का तेज बहाव गांव से सटकर होने लगा है। सोमवार को नदी की तेज और गहरी होती धारा देखकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई। हालांकि अभी कटान शुरू नहीं हुआ है, लेकिन पहले के भयावह मंजर को देख ग्रामीण सहमे हुए हैं। उनका कहना है कि धारा का दबाव इसी तरह बढ़ता रहा तो कभी भी कटान शुरू हो सकता है।
महदेवा गांव के लिए गंडक का कटान नया खतरा नहीं है। वर्ष 2023 से पहले करीब पांच वर्षों तक नदी ने क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई थी। इस दौरान 500 एकड़ से अधिक उपजाऊ खेत गंडक की धारा में समा गए थे। कटान बढ़ते-बढ़ते नदी गांव से महज करीब 20 मीटर दूर पहुंच गई थी। हालात इतने गंभीर हो गए थे कि करीब 20 परिवारों के विस्थापन की योजना तक बनाई गई थी। ग्रामीणों के मुताबिक, वर्ष 2023 में गंडक की मुख्य धारा अचानक गांव से दूर चली गई। इसके बाद महदेवा के पास नदी की केवल पतली धारा बह रही थी और ग्रामीणों ने कुछ राहत की सांस ली थी। लेकिन अब एक सप्ताह से मुख्य धारा फिर गांव की ओर मुड़ गई है। देखते ही देखते नदी का पूरा दबाव महदेवा की तरफ बढ़ने लगा है। सोमवार की शाम नदी की तेज धारा देखकर ग्रामीणों में कटान की आशंका और गहरी हो गई। प्रधान प्रतिनिधि नथुनी कुशवाहा, भोला, अर्जुन समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी की लगातार निगरानी कराने और समय रहते कटानरोधी उपाय शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कटान शुरू होने के बाद कार्रवाई करने से नुकसान नहीं रुकेगा, इसलिए खतरा बढ़ने से पहले ही बचाव के इंतजाम किए जाएं। इस संबंध में एसडीएम खड्डा संतराज सिंह बघेल ने बताया कि तहसीलदार सहित राजस्व टीम को महदेवा गांव में भेजा जा रहा है। नदी के हालात और मौके पर उत्पन्न खतरे का आकलन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वह सरकारी कार्य से बाहर हैं और तहसील पहुंचते ही मौके का निरीक्षण करेंगे।
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महदेवा गांव के लिए गंडक का कटान नया खतरा नहीं है। वर्ष 2023 से पहले करीब पांच वर्षों तक नदी ने क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई थी। इस दौरान 500 एकड़ से अधिक उपजाऊ खेत गंडक की धारा में समा गए थे। कटान बढ़ते-बढ़ते नदी गांव से महज करीब 20 मीटर दूर पहुंच गई थी। हालात इतने गंभीर हो गए थे कि करीब 20 परिवारों के विस्थापन की योजना तक बनाई गई थी। ग्रामीणों के मुताबिक, वर्ष 2023 में गंडक की मुख्य धारा अचानक गांव से दूर चली गई। इसके बाद महदेवा के पास नदी की केवल पतली धारा बह रही थी और ग्रामीणों ने कुछ राहत की सांस ली थी। लेकिन अब एक सप्ताह से मुख्य धारा फिर गांव की ओर मुड़ गई है। देखते ही देखते नदी का पूरा दबाव महदेवा की तरफ बढ़ने लगा है। सोमवार की शाम नदी की तेज धारा देखकर ग्रामीणों में कटान की आशंका और गहरी हो गई। प्रधान प्रतिनिधि नथुनी कुशवाहा, भोला, अर्जुन समेत अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी की लगातार निगरानी कराने और समय रहते कटानरोधी उपाय शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि कटान शुरू होने के बाद कार्रवाई करने से नुकसान नहीं रुकेगा, इसलिए खतरा बढ़ने से पहले ही बचाव के इंतजाम किए जाएं। इस संबंध में एसडीएम खड्डा संतराज सिंह बघेल ने बताया कि तहसीलदार सहित राजस्व टीम को महदेवा गांव में भेजा जा रहा है। नदी के हालात और मौके पर उत्पन्न खतरे का आकलन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि वह सरकारी कार्य से बाहर हैं और तहसील पहुंचते ही मौके का निरीक्षण करेंगे।
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