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Gonda News: विहिप नेता व तीन अन्य को अग्रिम जमानत नहीं
Mon, 21 Sep 2026 11:33 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Mon, 21 Sep 2026 11:33 PM IST
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गोंडा। नवाबगंज के खरगूपुर में भूमि विवाद को लेकर हुई फायरिंग के मामले में सत्र न्यायाधीश दुर्ग नरायन सिंह ने चार आरोपियों की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। इस प्रकरण में आरोपी शारदाकांत पांडेय विश्व हिंदू परिषद के विभाग संयोजक हैं।
सत्र न्यायाधीश ने 19 सितंबर को अमरकांत पांडेय उर्फ गौरव, अमन पांडेय उर्फ पवन, शारदाकांत पांडेय और नीरजकांत पांडेय की अग्रिम जमानत अर्जियों पर सुनवाई की। चारों के खिलाफ नवाबगंज थाने में एफआईआर दर्ज है। शिकायतकर्ता दिनेश कुमार पांडेय का आरोप है कि नौ अगस्त की रात 10:30 बजे शारदाकांत, नीरजकांत, अमन, संतोष कुमार, अमरकांत और उनके सहयोगी विवादित जमीन पर निर्माण करा रहे थे। जानकारी मिलने पर शिकायतकर्ता अपने बेटे जितेंद्र, भांजे विकास, अभय और परिवार के अन्य लोगों के साथ वहां पहुंचे। आरोप है कि विपक्षियों ने एकजुट होकर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। बचाव पक्ष ने आरोप निराधार बताया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद पाया कि अग्रिम जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं है।
निगरानी याचिका खारिज
गोंडा। एडीजे फूलचंद्र कुशवाहा ने श्यामलली की दांडिक निगरानी याचिका खारिज कर दी। याचिका में एसीजेएम प्रथम के 23 मार्च 2022 के आदेश को चुनौती दी गई थी। न्यायालय ने पाया कि परिवादिनी लगातार अनुपस्थित रही और धारा 200 के तहत उसका बयान भी दर्ज नहीं हुआ। धारा 202 के तहत जांच या अन्वेषण रिपोर्ट भी अभिलेख पर नहीं थी। ऐसे में निचली अदालत ने धारा 203 के तहत परिवाद खारिज कर सही न्यायिक विवेक का प्रयोग किया था। (संवाद)
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दुष्कर्म का आरोपी दोषमुक्त
गोंडा। शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और धमकी के मामले में आरोपी देवनरायन शुक्ल को एडीजे/द्रुतगामी न्यायालय प्रथम मनोज कुमार की अदालत ने दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन के अनुसार 22 फरवरी 2024 को पति से विवाद के बाद मायके जा रही विवाहिता को आरोपी शादी का झांसा देकर करनैलगंज से रगड़गंज स्थित फर्नीचर वर्कशॉप ले गया और वहां दुष्कर्म किया। दो अप्रैल को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। (संवाद)
एससी-एसटी एक्ट में आरोपी दोषमुक्त
गोंडा। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट आलोक शर्मा की अदालत ने मारपीट, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के मामले में आरोपी भोलू को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन के अनुसार 17 अगस्त 2011 को गाय के खेत में चले जाने को लेकर भोलू पर मनीराम को पीटने का आरोप लगा था। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। (संवाद)
सरकारी काम में बाधा के दो आरोपी बरी
गोंडा। छपिया के कनगईया बाजार में बिजली चोरी रोकने गई टीम से मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में आरोपी प्रदीप कुमार उर्फ बब्बू तिवारी और सुरेंद्र कुमार को एडीजे/विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट रघुलचंद्र कुशवाहा ने दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन के अनुसार 26 अगस्त 2017 को बिजली चोरी रोकने और राजस्व वसूली अभियान के दौरान कनगईया बाजार में बिजली विभाग की टीम पहुंची थी। आरोप है कि प्रदीप तिवारी, सुरेंद्र कुमार, राजेंद्र प्रसाद और अन्य लोगों ने टीम के साथ गाली-गलौज व मारपीट की और सरकारी काम में बाधा डाली। बिजली चोरी के लिए बाईपास कनेक्शन का भी आरोप लगाया गया था। मामले में 29 अगस्त 2017 को रिपोर्ट दर्ज हुई थी। (संवाद)
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सत्र न्यायाधीश ने 19 सितंबर को अमरकांत पांडेय उर्फ गौरव, अमन पांडेय उर्फ पवन, शारदाकांत पांडेय और नीरजकांत पांडेय की अग्रिम जमानत अर्जियों पर सुनवाई की। चारों के खिलाफ नवाबगंज थाने में एफआईआर दर्ज है। शिकायतकर्ता दिनेश कुमार पांडेय का आरोप है कि नौ अगस्त की रात 10:30 बजे शारदाकांत, नीरजकांत, अमन, संतोष कुमार, अमरकांत और उनके सहयोगी विवादित जमीन पर निर्माण करा रहे थे। जानकारी मिलने पर शिकायतकर्ता अपने बेटे जितेंद्र, भांजे विकास, अभय और परिवार के अन्य लोगों के साथ वहां पहुंचे। आरोप है कि विपक्षियों ने एकजुट होकर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। बचाव पक्ष ने आरोप निराधार बताया। न्यायालय ने सुनवाई के बाद पाया कि अग्रिम जमानत देने का पर्याप्त आधार नहीं है।
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निगरानी याचिका खारिज
गोंडा। एडीजे फूलचंद्र कुशवाहा ने श्यामलली की दांडिक निगरानी याचिका खारिज कर दी। याचिका में एसीजेएम प्रथम के 23 मार्च 2022 के आदेश को चुनौती दी गई थी। न्यायालय ने पाया कि परिवादिनी लगातार अनुपस्थित रही और धारा 200 के तहत उसका बयान भी दर्ज नहीं हुआ। धारा 202 के तहत जांच या अन्वेषण रिपोर्ट भी अभिलेख पर नहीं थी। ऐसे में निचली अदालत ने धारा 203 के तहत परिवाद खारिज कर सही न्यायिक विवेक का प्रयोग किया था। (संवाद)
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दुष्कर्म का आरोपी दोषमुक्त
गोंडा। शादी का झांसा देकर दुष्कर्म और धमकी के मामले में आरोपी देवनरायन शुक्ल को एडीजे/द्रुतगामी न्यायालय प्रथम मनोज कुमार की अदालत ने दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन के अनुसार 22 फरवरी 2024 को पति से विवाद के बाद मायके जा रही विवाहिता को आरोपी शादी का झांसा देकर करनैलगंज से रगड़गंज स्थित फर्नीचर वर्कशॉप ले गया और वहां दुष्कर्म किया। दो अप्रैल को रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। (संवाद)
एससी-एसटी एक्ट में आरोपी दोषमुक्त
गोंडा। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट आलोक शर्मा की अदालत ने मारपीट, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के मामले में आरोपी भोलू को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन के अनुसार 17 अगस्त 2011 को गाय के खेत में चले जाने को लेकर भोलू पर मनीराम को पीटने का आरोप लगा था। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। (संवाद)
सरकारी काम में बाधा के दो आरोपी बरी
गोंडा। छपिया के कनगईया बाजार में बिजली चोरी रोकने गई टीम से मारपीट और सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में आरोपी प्रदीप कुमार उर्फ बब्बू तिवारी और सुरेंद्र कुमार को एडीजे/विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट रघुलचंद्र कुशवाहा ने दोषमुक्त कर दिया। अभियोजन के अनुसार 26 अगस्त 2017 को बिजली चोरी रोकने और राजस्व वसूली अभियान के दौरान कनगईया बाजार में बिजली विभाग की टीम पहुंची थी। आरोप है कि प्रदीप तिवारी, सुरेंद्र कुमार, राजेंद्र प्रसाद और अन्य लोगों ने टीम के साथ गाली-गलौज व मारपीट की और सरकारी काम में बाधा डाली। बिजली चोरी के लिए बाईपास कनेक्शन का भी आरोप लगाया गया था। मामले में 29 अगस्त 2017 को रिपोर्ट दर्ज हुई थी। (संवाद)