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Ghazipur News: पांचवें दिन मिला महिमा का शव, बहन माही की तलाश जारी
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करंडा। थाना क्षेत्र चोचकपुर स्थित मौनी बाबा गंगा घाट पर एक सितंबर की दोपहर गंगा में डूबीं दो सगी बहनों में से महिमा सिंह (13) का शव पांचवें दिन शनिवार को जमानिया कोतवाली के हरपुर परशुराम घाट पर शनिवार मिला। हालांकि दूसरी बहन माही सिंह (15) की तलाश अभी जारी है।
जमानिया कोतवाल योगेंद्र सिंह ने बताया कि हरपुर परशुराम घाट पर करंडा थाना क्षेत्र के बसंतपट्टी गांव निवासी महिमा सिंह का शव मिला। एक सितंबर को माही और महिमा सहेलियों के साथ मौनी बाबा गंगा घाट पर दर्शन करने गई थी। स्नान के दौरान गंगा की तेज धारा की चपेट में आने से दोनों बहनें डूब गई थीं। घटना के बाद से पुलिस, राजस्व विभाग और पीएसी के जवानों के साथ परिजन भी लगातार दोनों की तलाश में जुटे थे। लाइफ सपोर्ट बोट से गंगा में सर्च अभियान चलाया गया। जमानिया कोतवाल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। दूसरी किशोरी माही सिंह की तलाश अभी जारी है।
भाई किशन की आंखों से नहीं थम रहे आंसू
बहन महिमा का शव मिलने के बाद भाई किशन सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। एक ओर छोटी बहन महिमा का शव सामने है तो दूसरी ओर बड़ी बहन माही का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। बहनों को तलाशने के लिए कई दिनों से गंगा किनारे डटे किशन की आंखें अब भी माही के लौटने की उम्मीद में टिकी हैं। मां बबिता सिंह भी बेटियों को याद कर लगातार बिलख रही हैं।
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गांगी में डूबे मजदूर का शव घटना स्थल से 30 मीटर दूर मिला
करंडा। थाना क्षेत्र के मैनपुर गांव स्थित भवानी माई गांगी नदी घाट पर शुक्रवार की शाम डूबे मजदूर जितेंद्र (32) का शव शनिवार को स्थानीय गोताखोरों एवं ग्रामीणों ने खोज निकाला। घटना स्थल से करीब 30 मीटर की दूरी पर मृत अवस्था में मजदूर मिला। पुलिस शव को कब्जे में लेकर छानबीन में जुट गई।
थानाध्यक्ष संतोष पाठक ने बताया कि जितेंद्र बनवासी चार सितंबर की शाम गांगी नदी में स्नान करने के दौरान गहरे पानी में चले जाने से डूब गए थे। घटना के बाद से पुलिस और राजस्व विभाग की टीम की मौजूदगी में स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों द्वारा नदी में उनकी तलाश की जा रही थी। दूसरे दिन नाव के सहारे तलाश अभियान चलाया गया। इसी दौरान घटनास्थल से करीब 30 मीटर की दूरी पर शव मिल गया।
एसडीएम सदर विनोद जोशी ने बताया कि काफी खोजबीन के बाद शव बरामद हो गया है। थानाध्यक्ष संतोष कुमार पाठक ने बताया कि नदी में डूबे जितेंद्र बनवासी का शव बरामद कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
परिवार चलाने की चिंता
मजदूर जितेंद्र बनवासी की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शव बरामद होते ही बच्चों गुड़िया, महेंद्र, रोहित और झनकी, पत्नी निशा और मां तेतरी देवी के रोने-बिलखने से दरवाजे पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले जितेंद्र की मौत से बच्चों के सामने परिवार चलाने की चिंता भी खड़ी हो गई है।
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जमानिया कोतवाल योगेंद्र सिंह ने बताया कि हरपुर परशुराम घाट पर करंडा थाना क्षेत्र के बसंतपट्टी गांव निवासी महिमा सिंह का शव मिला। एक सितंबर को माही और महिमा सहेलियों के साथ मौनी बाबा गंगा घाट पर दर्शन करने गई थी। स्नान के दौरान गंगा की तेज धारा की चपेट में आने से दोनों बहनें डूब गई थीं। घटना के बाद से पुलिस, राजस्व विभाग और पीएसी के जवानों के साथ परिजन भी लगातार दोनों की तलाश में जुटे थे। लाइफ सपोर्ट बोट से गंगा में सर्च अभियान चलाया गया। जमानिया कोतवाल ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। दूसरी किशोरी माही सिंह की तलाश अभी जारी है।
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भाई किशन की आंखों से नहीं थम रहे आंसू
बहन महिमा का शव मिलने के बाद भाई किशन सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। एक ओर छोटी बहन महिमा का शव सामने है तो दूसरी ओर बड़ी बहन माही का अभी तक कोई पता नहीं चल सका है। बहनों को तलाशने के लिए कई दिनों से गंगा किनारे डटे किशन की आंखें अब भी माही के लौटने की उम्मीद में टिकी हैं। मां बबिता सिंह भी बेटियों को याद कर लगातार बिलख रही हैं।
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गांगी में डूबे मजदूर का शव घटना स्थल से 30 मीटर दूर मिला
करंडा। थाना क्षेत्र के मैनपुर गांव स्थित भवानी माई गांगी नदी घाट पर शुक्रवार की शाम डूबे मजदूर जितेंद्र (32) का शव शनिवार को स्थानीय गोताखोरों एवं ग्रामीणों ने खोज निकाला। घटना स्थल से करीब 30 मीटर की दूरी पर मृत अवस्था में मजदूर मिला। पुलिस शव को कब्जे में लेकर छानबीन में जुट गई।
थानाध्यक्ष संतोष पाठक ने बताया कि जितेंद्र बनवासी चार सितंबर की शाम गांगी नदी में स्नान करने के दौरान गहरे पानी में चले जाने से डूब गए थे। घटना के बाद से पुलिस और राजस्व विभाग की टीम की मौजूदगी में स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों द्वारा नदी में उनकी तलाश की जा रही थी। दूसरे दिन नाव के सहारे तलाश अभियान चलाया गया। इसी दौरान घटनास्थल से करीब 30 मीटर की दूरी पर शव मिल गया।
एसडीएम सदर विनोद जोशी ने बताया कि काफी खोजबीन के बाद शव बरामद हो गया है। थानाध्यक्ष संतोष कुमार पाठक ने बताया कि नदी में डूबे जितेंद्र बनवासी का शव बरामद कर लिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
परिवार चलाने की चिंता
मजदूर जितेंद्र बनवासी की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। शव बरामद होते ही बच्चों गुड़िया, महेंद्र, रोहित और झनकी, पत्नी निशा और मां तेतरी देवी के रोने-बिलखने से दरवाजे पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले जितेंद्र की मौत से बच्चों के सामने परिवार चलाने की चिंता भी खड़ी हो गई है।