{"_id":"6a9f18e5165571e609059fa3","slug":"relief-ganga-water-level-decreased-by-20-cm-in-a-day-chandauli-news-c-189-1-svns1012-154275-2026-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"राहत : एक दिन में 20 सेमी कम हुआ गंगा का जलस्तर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राहत : एक दिन में 20 सेमी कम हुआ गंगा का जलस्तर
विज्ञापन
टांडाकला में घटता गंगा का जलस्तर। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान के धौलपुर में पार्वती बांध से चंबल नदी में 2,50,207 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, लेकिन यह पानी अभी गंगा में नहीं पहुंचा है। ऐसे में गंगा के जल स्तर में लगातार कमी आ रही है। 24 घंटे में जल स्तर 20 सेंटीमीटर कम हुआ है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, सोमवार की शाम छह बजे गंगा का जल स्तर 69.56 मीटर रहा। रविवार की शाम यह 69.76 मीटर था। जल स्तर कम होने से तटवर्ती इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है। पिछले एक पखवाड़े से गंगा के तटवर्ती इलाकों के लोग जल स्तर में बढ़ोतरी से परेशान थे। दो सितंबर को जल स्तर चेतावनी बिंदु को पार कर गया था। तीन सितंबर को जल स्तर 70.60 मीटर तक पहुंच गया था। इसके बाद से पानी घटने लगा है। लगातार जल स्तर कम होने से गांवों तक पहुंचा पानी अब वापस गंगा में लौटने लगा है। वहीं, पानी कम होने के साथ तटवर्ती इलाकों में कटान की समस्या बढ़ने लगी है।
राजस्थान के धौलपुर में पार्वती बांध से रविवार को 2.50 लाख क्यूसेक पानी चंबल नदी में छोड़ा गया था। जिला प्रशासन ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि सोमवार को यह पानी जिले में पहुंचेगा। इससे गंगा का जल स्तर बढ़ने की आशंका है। हालांकि, सोमवार की शाम तक जल स्तर में बढ़ोतरी नहीं हुई थी। इससे तटवर्ती इलाकों के लोग एक बार फिर चिंतित हैं। नियामताबाद, सकलडीहा, चहनिया और धानापुर ब्लाक के 50 से अधिक गांव गंगा के तटवर्ती हैं।
विज्ञापन
बाढ़ आने पर इन गांवों के लोगों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ता है। जिले में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर, जबकि खतरे का निशान 71.262 मीटर पर है। वर्ष 1978 में जिले में बाढ़ आई थी।
विज्ञापन
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, सोमवार की शाम छह बजे गंगा का जल स्तर 69.56 मीटर रहा। रविवार की शाम यह 69.76 मीटर था। जल स्तर कम होने से तटवर्ती इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है। पिछले एक पखवाड़े से गंगा के तटवर्ती इलाकों के लोग जल स्तर में बढ़ोतरी से परेशान थे। दो सितंबर को जल स्तर चेतावनी बिंदु को पार कर गया था। तीन सितंबर को जल स्तर 70.60 मीटर तक पहुंच गया था। इसके बाद से पानी घटने लगा है। लगातार जल स्तर कम होने से गांवों तक पहुंचा पानी अब वापस गंगा में लौटने लगा है। वहीं, पानी कम होने के साथ तटवर्ती इलाकों में कटान की समस्या बढ़ने लगी है।
विज्ञापन
राजस्थान के धौलपुर में पार्वती बांध से रविवार को 2.50 लाख क्यूसेक पानी चंबल नदी में छोड़ा गया था। जिला प्रशासन ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि सोमवार को यह पानी जिले में पहुंचेगा। इससे गंगा का जल स्तर बढ़ने की आशंका है। हालांकि, सोमवार की शाम तक जल स्तर में बढ़ोतरी नहीं हुई थी। इससे तटवर्ती इलाकों के लोग एक बार फिर चिंतित हैं। नियामताबाद, सकलडीहा, चहनिया और धानापुर ब्लाक के 50 से अधिक गांव गंगा के तटवर्ती हैं।
विज्ञापन
बाढ़ आने पर इन गांवों के लोगों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ता है। जिले में गंगा का चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर, जबकि खतरे का निशान 71.262 मीटर पर है। वर्ष 1978 में जिले में बाढ़ आई थी।