बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव गुधनी स्थित प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में रविवार को आर्य समाज का साप्ताहिक सत्संग श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ यज्ञ एवं वैदिक मंत्रोच्चार से हुआ। आर्य संस्कारशाला के बच्चों ने सुंदर भजन प्रस्तुत कर वातावरण भक्तिमय बना दिया।
आचार्य संजीव रूप ने कहा कि मनुष्य के जीवन का वास्तविक कल्याण आत्मज्ञान, सत्य, सदाचार और सेवा में है। वेद श्रेष्ठ जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। यज्ञ और सत्संग से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक विचारों का विकास होता है। प्रश्रय आर्य ने कहा कि बच्चों में संस्कार निर्माण में आर्य संस्कारशाला महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। नियमित सत्संग और वैदिक शिक्षा से बच्चों में अच्छे संस्कारों के साथ समाजसेवा की भावना भी विकसित होती है। परिवार में प्रतिदिन सत्य, सदाचार और ईश्वर चिंतन का वातावरण बनाने से आने वाली पीढ़ी संस्कारवान और चरित्रवान बनती है। इस मौके पर सूरजवती देवी, राकेश आर्य, लीलावती देवी, बद्रीप्रसाद आर्य, कमलेश रानी, कौशिकी आदि मौजूद रहे।