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Bahraich News: बारिश से धान-गन्ना को नुकसान, सर्वे की मांग
Sun, 01 Nov 2026 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sun, 01 Nov 2026 12:27 AM IST
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विजौवापुर में बारिश के बाद भीगी फसल। -संवाद
बहराइच। तराई में दो दिनों से हो रही बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में पानी भरने से धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। गन्ना और सब्जियों की खेती करने वाले किसान भी परेशान हैं। बारिश की चेतावनी के चलते कई किसानों ने धान का फसल काट ली थी, लेकिन उसे घर नहीं पहुंचा सके। अब भीगी फसल में अंकुरण होने और दाने खराब होने की आशंका है। किसानों ने प्रशासन से सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है।
तेजवापुर ब्लॉक में बारिश से खेतों में खड़ी और कटकर मड़ाई के इंतजार में पड़ी धान की फसल प्रभावित हुई है। किसान गुड्डू ने बताया कि खेत में कटी धान की फसल बारिश में भीग गई है। विजौवापुर निवासी अनिल और टिकोरा के राम मिलन ने बताया कि उनकी 50 प्रतिशत से अधिक फसल खराब हो गई है।
विशेश्वरगंज प्रतिनिधि के अनुसार कांधभारी, सिसहना, कुरसहा, दिगित पुरवा, गंगवल, राजापुर गिरंट, जलालपुर, डोलकुआं और प्रतापपुर उपरहर समेत कई गांवों में बारिश का व्यापक असर पड़ा है। किसान बृज किशोर पाठक, अखिलेश पाठक, निखिलेश पाठक, राजेंद्र कुमार विश्वकर्मा और सुरेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि करीब एक माह पहले हुई बारिश में भी धान की फसल गिरकर बर्बाद हो गई थी। बची हुई फसल को भी इस बारिश से नुकसान पहुंच रहा है।
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सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा
शनिवार को बारिश के चलते मुख्य बाजार और छोटी बाजार समेत अन्य स्थानों पर दुकानें खुलीं, लेकिन लोगों की आवाजाही कम रही। स्कूलों में भी छात्र-छात्राओं की संख्या कम दिखाई दी। बारिश के कारण विभिन्न स्थानों पर होने वाली खेलकूद प्रतियोगिताएं और अन्य आयोजन रद्द कर दिए गए।
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किसानों ने काट ली है 60 प्रतिशत फसल
जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूबेदार यादव ने बताया कि जिले में दो लाख हेक्टेयर में धान की बोआई हुई थी। इसमें से करीब 1.20 लाख हेक्टेयर की फसल किसान काट चुके हैं। शेष फसल सावधानी बरतने पर बच सकती है। हालांकि बारिश से सरसों, चना और मसूर की बोआई में देरी होगी।
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आज से मौसम खुलने की संभावना
मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि विभागीय आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार और शनिवार को तराई के जिलों में तेज हवा के साथ बारिश की संभावना थी। दो दिनों से हो रही बारिश के बाद रविवार से मौसम साफ होने की उम्मीद है।
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तेजवापुर ब्लॉक में बारिश से खेतों में खड़ी और कटकर मड़ाई के इंतजार में पड़ी धान की फसल प्रभावित हुई है। किसान गुड्डू ने बताया कि खेत में कटी धान की फसल बारिश में भीग गई है। विजौवापुर निवासी अनिल और टिकोरा के राम मिलन ने बताया कि उनकी 50 प्रतिशत से अधिक फसल खराब हो गई है।
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विशेश्वरगंज प्रतिनिधि के अनुसार कांधभारी, सिसहना, कुरसहा, दिगित पुरवा, गंगवल, राजापुर गिरंट, जलालपुर, डोलकुआं और प्रतापपुर उपरहर समेत कई गांवों में बारिश का व्यापक असर पड़ा है। किसान बृज किशोर पाठक, अखिलेश पाठक, निखिलेश पाठक, राजेंद्र कुमार विश्वकर्मा और सुरेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि करीब एक माह पहले हुई बारिश में भी धान की फसल गिरकर बर्बाद हो गई थी। बची हुई फसल को भी इस बारिश से नुकसान पहुंच रहा है।
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सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा
शनिवार को बारिश के चलते मुख्य बाजार और छोटी बाजार समेत अन्य स्थानों पर दुकानें खुलीं, लेकिन लोगों की आवाजाही कम रही। स्कूलों में भी छात्र-छात्राओं की संख्या कम दिखाई दी। बारिश के कारण विभिन्न स्थानों पर होने वाली खेलकूद प्रतियोगिताएं और अन्य आयोजन रद्द कर दिए गए।
किसानों ने काट ली है 60 प्रतिशत फसल
जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूबेदार यादव ने बताया कि जिले में दो लाख हेक्टेयर में धान की बोआई हुई थी। इसमें से करीब 1.20 लाख हेक्टेयर की फसल किसान काट चुके हैं। शेष फसल सावधानी बरतने पर बच सकती है। हालांकि बारिश से सरसों, चना और मसूर की बोआई में देरी होगी।
आज से मौसम खुलने की संभावना
मौसम विशेषज्ञ डॉ. पीएल त्रिपाठी ने बताया कि विभागीय आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार और शनिवार को तराई के जिलों में तेज हवा के साथ बारिश की संभावना थी। दो दिनों से हो रही बारिश के बाद रविवार से मौसम साफ होने की उम्मीद है।