राम मंदिर: सुभाष कहता था- 'अपने लोग हैं, चेकिंग न करो', मास्टरमाइंड अनुकल्प ने चार साथियों की कराई नियुक्ति
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की चार्जशीट में गणना कक्ष की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए गए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने गणना और छंटाई की जिम्मेदारी का फायदा उठाकर चढ़ावे की रकम तक पहुंच बनाई। चार्जशीट में कई कर्मचारियों की नियुक्ति और कथित आपराधिक षड्यंत्र का भी उल्लेख है।
विस्तार
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की चार्जशीट में गणना कक्ष की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पुलिस के मुताबिक गणना कक्ष प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव की मौजूदगी में आरोपी कैश बंडल व अन्य सामान हटाते और नोट जेब में रखते रहे, लेकिन उन्हें रोकने की कार्रवाई नहीं की गई। कर्मचारियों के बयान के अनुसार सुभाष ने चेकिंग करने वालों से कहा था, सभी अपने लोग हैं, विश्वसनीय हैं, इनकी चेकिंग न करो, जाने दो।
चार्जशीट के मुताबिक छह फरवरी 2025 के सामान्य दिशा-निर्देशों में सुभाष को गणना कक्ष प्रभारी बनाया गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कहा है कि उसकी मौजूदगी में अन्य आरोपी कैश बंडल व सामान हटाते दिखे। पुलिस के अनुसार सुभाष ने निर्धारित व्यवस्था के तहत उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की। गणना कर्मियों के ड्रेस कोड का पालन भी नहीं कराया गया और आने-जाने वालों की चेकिंग नहीं हुई।
सुभाष से पहले टिन्नू के पास थीं दानपात्र की चाबियां
चार्जशीट के अनुसार 2020 से 2022 के बीच दानपात्र की चाबियां रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास थीं। सात सितंबर 2020 से छह जनवरी 2022 के जमा रजिस्टर से दान-चढ़ावे की धनराशि व बहुमूल्य वस्तुओं को हस्ताक्षर के साथ एसबीआई में जमा करने की पुष्टि का दावा किया गया है।
सात जनवरी 2022 से गिनती और एसबीआई नयाघाट शाखा में जमा कराने की जिम्मेदारी सुभाष को दी गई। पुलिस ने बैंक रजिस्टर पर उसके हस्ताक्षर को आधार बताया है। चार्जशीट में कहा गया है कि गणना कार्य की निगरानी के दौरान टिन्नू और सुभाष की पहचान हुई।
रचा आपराधिक षड्यंत्र
राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की चार्जशीट में पुलिस ने वर्ष 2025 में गणना कर्मियों की नियुक्ति को आरोपियों के नेटवर्क की अगली कड़ी बताया है। पुलिस के मुताबिक, अनुकल्प मिश्रा ने एसबीआई और सैनिक सिक्योरिटी सर्विसेज से संपर्क कर अपनी, लवकुश मिश्रा, करुणेश पांडेय और अविनाश शुक्ला उर्फ शनि की गणना कर्मी के रूप में नियुक्ति कराई। पुलिस का आरोप है कि इन चारों ने पहले से गणना कार्य कर रहे रमाशंकर मिश्रा के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचा।
चार्जशीट में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और गणना कक्ष प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव के सहयोग का भी दावा किया गया है। पुलिस ने मनीष कुमार यादव की नियुक्ति को भी इसी कड़ी से जोड़ा है। पुलिस के अनुसार, गणना कक्ष में दान-चढ़ावे की बड़ी रकम देखकर अनुकल्प को अधिक धनराशि निकालने के लिए अतिरिक्त साथियों की जरूरत महसूस हुई। इसके बाद उसने टिन्नू से संपर्क किया और उसके भतीजे मनीष कुमार यादव को भी गणना कर्मी के रूप में नियुक्त कराने का आरोप है।
गणना और छंटाई के लिए नियुक्त किए गए थे आरोपी
चार्जशीट के मुताबिक, चढ़ावा प्रक्रिया से पहले से जुड़े टिन्नू, गणना कक्ष प्रभारी सुभाष, पुराने गणनाकर्मी रमाशंकर मिश्रा और वर्ष 2025 में नियुक्त अनुकल्प, लवकुश, करुणेश व अविनाश इस कड़ी में शामिल बताए गए हैं। बाद में मनीष की नियुक्ति को भी इसी नेटवर्क से जोड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी चढ़ावा धनराशि तक किसी बाहरी व्यक्ति के तौर पर नहीं पहुंचे थे। उन्हें गणना और छंटाई के काम के लिए विधिवत नियुक्त किया गया था। उनका दायित्व रकम को निर्धारित प्रक्रिया के तहत छांटना, गिनना और अधिकृत बैंक अथवा ट्रस्ट कर्मियों को सौंपना था। पुलिस का दावा है कि इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर आरोपियों ने चढ़ावे की रकम तक पहुंच बनाई।