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संसार की चमक-दमक में नजर नहीं आती मृत्यु की छाया : बाबा फुलसंदे
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अमरोहा। बिजनौर रोड स्थित बैंक्वेट हॉल में सोमवार को आयोजित सत्संग में संतों ने कहा कि संसार की चकाचौंध में मनुष्य जीवन की नश्वरता भूल जाता है। इसलिए सांस-सांस परमात्मा का स्मरण करते हुए सत्कर्म और धर्म के मार्ग पर चलना चाहिए।
ऋषि सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले ने कहा कि मानव जीवन पाप-पुण्य के कर्मों का फल है और शरीर में ज्योति स्वरूप आत्मा का वास है। जीवन आत्मचिंतन और सत्कर्म का अवसर है। सतगुरु की सीख अपनाकर निराकार परमात्मा का स्मरण करने से आत्मा में प्रकाश बढ़ता है। सत्संग, प्रभु स्मरण और सतगुरु की सीख से जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। इससे कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति भी मिलती है।
सत्संग के समापन पर कई श्रद्धालुओं ने मंत्र दीक्षा ग्रहण की। इस दौरान राहुल, विवेक चाहल, भारत सिंह, नीरा, हर्षित, कनिष, अनिता, मुनेश, कुसुम आदि मौजूद रहे।
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ऋषि सतपुरुष बाबा फुलसंदे वाले ने कहा कि मानव जीवन पाप-पुण्य के कर्मों का फल है और शरीर में ज्योति स्वरूप आत्मा का वास है। जीवन आत्मचिंतन और सत्कर्म का अवसर है। सतगुरु की सीख अपनाकर निराकार परमात्मा का स्मरण करने से आत्मा में प्रकाश बढ़ता है। सत्संग, प्रभु स्मरण और सतगुरु की सीख से जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। इससे कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति भी मिलती है।
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सत्संग के समापन पर कई श्रद्धालुओं ने मंत्र दीक्षा ग्रहण की। इस दौरान राहुल, विवेक चाहल, भारत सिंह, नीरा, हर्षित, कनिष, अनिता, मुनेश, कुसुम आदि मौजूद रहे।
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