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Ambedkar Nagar News: नाविक गायब, तमसा की धारा में फंसी जिंदगी
Tue, 08 Sep 2026 11:11 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Tue, 08 Sep 2026 11:11 PM IST
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भियांव विकासखंड की लखमीपुर ग्राम पंचायत का पुरवा करमुल्लाहपुर में नाव से सफर करते ग्रामीण।
जलालपुर। भियांव विकासखंड की लखमीपुर ग्राम पंचायत के पुरवा करमुल्लाहपुर में लकड़ी का पुल बह जाने के बाद प्रशासन ने नाव तो उपलब्ध करा दी, लेकिन नाविक के पिछले एक सप्ताह से नहीं आने के कारण ग्रामीणों के लिए नदी पार करना मुश्किल बना हुआ है। सोमवार को नाव से नदी पार करते समय बीए की छात्रा पूजा तेज बहाव में नाव से गिर गई। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे बचा लिया।
ग्रामीणों के अनुसार, 28 जुलाई को ग्राम पंचायत ने करीब 65 हजार रुपये की लागत से नाव मंगाई थी। नाव संचालन की जिम्मेदारी टांडा निवासी एक व्यक्ति को दी गई है, लेकिन वह पिछले एक सप्ताह से नहीं आ रहा है। तीन दिन पहले भी विपुल और आराध्या नाव से गिर गए थे। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। ग्रामीण शेर बहादुर यादव, हरबंस यादव, हरिओम, बृजभान, उदयभान, संतोष, जगतपाल और राकेश ने बताया कि गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को नदी पार कराने के लिए चारपाई या कंधे का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि आपदा राहत कोष से नाविक को करीब 15 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। इसके बावजूद नाविक के नियमित रूप से नहीं आने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलालपुर एसडीएम मधुमिता सिंह ने बताया कि संबंधित अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
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ग्रामीणों के अनुसार, 28 जुलाई को ग्राम पंचायत ने करीब 65 हजार रुपये की लागत से नाव मंगाई थी। नाव संचालन की जिम्मेदारी टांडा निवासी एक व्यक्ति को दी गई है, लेकिन वह पिछले एक सप्ताह से नहीं आ रहा है। तीन दिन पहले भी विपुल और आराध्या नाव से गिर गए थे। लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। ग्रामीण शेर बहादुर यादव, हरबंस यादव, हरिओम, बृजभान, उदयभान, संतोष, जगतपाल और राकेश ने बताया कि गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को नदी पार कराने के लिए चारपाई या कंधे का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि आपदा राहत कोष से नाविक को करीब 15 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता है। इसके बावजूद नाविक के नियमित रूप से नहीं आने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलालपुर एसडीएम मधुमिता सिंह ने बताया कि संबंधित अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
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