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Ambedkar Nagar News: सरयू के पानी से घिरे गांव, 70 बीघे फसल जलमग्न
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टांडा तहसील क्षेत्र में थिरुआ नाले का पानी उफनाने के कारण खेत में भरा पानी। संवाद
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राजेसुल्तानपुर/सद्दरपुर/विद्युतनगर। सरयू नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से माझा क्षेत्र में बाढ़ का खतरा गहराने लगा है। इटौरा ढोलीपुर के पूरब माझा क्षेत्र में 70 बीघे से अधिक धान की फसल जलमग्न हो गई है। वहीं, नदी का पानी गांवों के निचले हिस्सों तक पहुंच गया है। जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से ग्रामीणों में दहशत है। लोग घरों का सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था में जुट गए हैं।
रविवार को सरयू का जलस्तर 85.52 मीटर से बढ़कर 85.46 मीटर दर्ज किया गया। इस तरह 24 घंटे में छह सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। नदी खतरे के निशान से महज चार सेंटीमीटर नीचे बह रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो नदी जल्द ही खतरे के निशान को पार कर सकती है।
आराजी देवारा बंधे के किनारे तक पानी पहुंचने से करिया लोनिया का पूरा गांव तीन तरफ से पानी से घिर गया है। ग्रामीण संतोष, धर्मेंद्र, राधेश्याम और पारस ने बताया कि पानी निचले हिस्सों से होते हुए गांव के तीनों ओर पहुंच चुका है। जलस्तर और बढ़ा तो हंसू का पूरा और प्रसाद कुर्मी का पूरा भी प्रभावित हो सकता है। माझा कम्हरिया के कई मजरे भी बाढ़ की चपेट में आने की आशंका है।
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तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ने बताया कि जलस्तर बढ़ा है, लेकिन फिलहाल नदी खतरे के निशान से नीचे है। आराजी देवारा और माझा कम्हरिया क्षेत्र में तीन नाव लगा दी गई हैं। बरोही पांडेय का पूरा स्थित बाढ़ शरणालय को कर्मचारियों की तैनाती के साथ सक्रिय कर दिया गया है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त नावों की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
कटान से किसान परेशान
इटौरा ढोलीपुर के किसान तालुकदार सिंह, राघवेंद्र सिंह, स्वर्णजीत सिंह, कन्हैया, हरेंद्र शर्मा और हरिवंश समेत कई किसानों की 70 बीघे से अधिक धान की फसल पानी में डूब गई है। किसान तालुकदार सिंह ने बताया कि हर साल बाढ़ के कारण फसल बर्बाद होने के साथ कटान से खेत भी नदी में समाते जा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि कटान में गई जमीन का अब तक मुआवजा नहीं मिला है। पूर्व में बर्बाद हुई फसलों की भरपाई भी नहीं की गई। किसानों ने समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
थिरुआ नाला उफनाया, 100 बीघा फसल डूबी
फोटो 35
सद्दरपुर। लगातार बारिश और सरयू के बढ़ते जलस्तर के कारण थिरुआ नाला भी उफान पर है। राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर से बेलहरी और गौरा गुर्जर तक करीब 100 बीघा खेत जलमग्न हो गए हैं। खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान सुबह-शाम खेतों पर पहुंचकर पानी के घटने-बढ़ने की स्थिति देख रहे हैं। किसानों का कहना है कि थिरुआ नाले में जलकुंभी की भरमार है। इससे पानी की निकासी बाधित हो रही है और खेतों में पानी जमा है। सियाराम वर्मा, विजय कुमार वर्मा, सुशील कुमार शर्मा, रामदुलार वर्मा और हीरालाल वर्मा समेत कई किसानों की फसल प्रभावित हुई है। किसानों ने नाले की सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
गांवों के किनारे पहुंचा बाढ़ का पानी
विद्युतनगर। टांडा तहसील क्षेत्र के उल्टहवा माझा, अवसानपुर, केवटला, डुहियां, महरीपुर माझा कला, माझा चिंतौरा, नैपुरा, सलोनाघाट और ढेलमऊ समेत करीब एक दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। उल्टहवा माझा के प्रधान शिवप्रसाद ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से गांव चारों तरफ से पानी से घिर गया है। हालांकि अभी आबादी प्रभावित नहीं हुई है। वार्ड नंबर एक नेहरूनगर के सभासद मन्नू कन्नौजिया ने बताया कि पानी मेहनिया और बिछावट के करीब पहुंच गया है। मुबारकपुर निवासी संदीप माझी के अनुसार, नदी का पानी बढ़ने से लोगों को पिछले वर्षों की बाढ़ की चिंता सताने लगी है। एसडीएम टांडा संजीव सिंह ने बताया कि बाढ़ को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। लेखपालों को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। नाव और नाविकों को भी अलर्ट कर दिया गया है।
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रविवार को सरयू का जलस्तर 85.52 मीटर से बढ़कर 85.46 मीटर दर्ज किया गया। इस तरह 24 घंटे में छह सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। नदी खतरे के निशान से महज चार सेंटीमीटर नीचे बह रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो नदी जल्द ही खतरे के निशान को पार कर सकती है।
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आराजी देवारा बंधे के किनारे तक पानी पहुंचने से करिया लोनिया का पूरा गांव तीन तरफ से पानी से घिर गया है। ग्रामीण संतोष, धर्मेंद्र, राधेश्याम और पारस ने बताया कि पानी निचले हिस्सों से होते हुए गांव के तीनों ओर पहुंच चुका है। जलस्तर और बढ़ा तो हंसू का पूरा और प्रसाद कुर्मी का पूरा भी प्रभावित हो सकता है। माझा कम्हरिया के कई मजरे भी बाढ़ की चपेट में आने की आशंका है।
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तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ने बताया कि जलस्तर बढ़ा है, लेकिन फिलहाल नदी खतरे के निशान से नीचे है। आराजी देवारा और माझा कम्हरिया क्षेत्र में तीन नाव लगा दी गई हैं। बरोही पांडेय का पूरा स्थित बाढ़ शरणालय को कर्मचारियों की तैनाती के साथ सक्रिय कर दिया गया है। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त नावों की व्यवस्था की जाएगी। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
कटान से किसान परेशान
इटौरा ढोलीपुर के किसान तालुकदार सिंह, राघवेंद्र सिंह, स्वर्णजीत सिंह, कन्हैया, हरेंद्र शर्मा और हरिवंश समेत कई किसानों की 70 बीघे से अधिक धान की फसल पानी में डूब गई है। किसान तालुकदार सिंह ने बताया कि हर साल बाढ़ के कारण फसल बर्बाद होने के साथ कटान से खेत भी नदी में समाते जा रहे हैं। किसानों का आरोप है कि कटान में गई जमीन का अब तक मुआवजा नहीं मिला है। पूर्व में बर्बाद हुई फसलों की भरपाई भी नहीं की गई। किसानों ने समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।
थिरुआ नाला उफनाया, 100 बीघा फसल डूबी
फोटो 35
सद्दरपुर। लगातार बारिश और सरयू के बढ़ते जलस्तर के कारण थिरुआ नाला भी उफान पर है। राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर से बेलहरी और गौरा गुर्जर तक करीब 100 बीघा खेत जलमग्न हो गए हैं। खेतों में पानी भरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। किसान सुबह-शाम खेतों पर पहुंचकर पानी के घटने-बढ़ने की स्थिति देख रहे हैं। किसानों का कहना है कि थिरुआ नाले में जलकुंभी की भरमार है। इससे पानी की निकासी बाधित हो रही है और खेतों में पानी जमा है। सियाराम वर्मा, विजय कुमार वर्मा, सुशील कुमार शर्मा, रामदुलार वर्मा और हीरालाल वर्मा समेत कई किसानों की फसल प्रभावित हुई है। किसानों ने नाले की सफाई और जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।
गांवों के किनारे पहुंचा बाढ़ का पानी
विद्युतनगर। टांडा तहसील क्षेत्र के उल्टहवा माझा, अवसानपुर, केवटला, डुहियां, महरीपुर माझा कला, माझा चिंतौरा, नैपुरा, सलोनाघाट और ढेलमऊ समेत करीब एक दर्जन गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। उल्टहवा माझा के प्रधान शिवप्रसाद ने बताया कि जलस्तर बढ़ने से गांव चारों तरफ से पानी से घिर गया है। हालांकि अभी आबादी प्रभावित नहीं हुई है। वार्ड नंबर एक नेहरूनगर के सभासद मन्नू कन्नौजिया ने बताया कि पानी मेहनिया और बिछावट के करीब पहुंच गया है। मुबारकपुर निवासी संदीप माझी के अनुसार, नदी का पानी बढ़ने से लोगों को पिछले वर्षों की बाढ़ की चिंता सताने लगी है। एसडीएम टांडा संजीव सिंह ने बताया कि बाढ़ को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। लेखपालों को निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। नाव और नाविकों को भी अलर्ट कर दिया गया है।

टांडा तहसील क्षेत्र में थिरुआ नाले का पानी उफनाने के कारण खेत में भरा पानी। संवाद

टांडा तहसील क्षेत्र में थिरुआ नाले का पानी उफनाने के कारण खेत में भरा पानी। संवाद