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लड़का होगा या लड़की?: झोलाछाप कर रहा था भ्रूण लिंग जांच, हरियाणा की टीम ने किया स्टिंग ऑपरेशन; छह दबोचे
Tue, 22 Sep 2026 12:25 AM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Tue, 22 Sep 2026 12:25 AM IST
सार
सोनीपत की टीम ने रैकेट को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। सोमवार को भ्रूण की जांच करने वाले लोग टीम को लगातार गुमराह करते रहे। शाम को इटोरा स्थित संस्कार हॉस्पिटल ले गए। इस पर टीम ने हास्पिटल में छापा मार दिया।
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अस्पताल और गिरोह से बरामद मशीन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा में एक बार फिर भ्रूण लिंग परीक्षण का बड़ा रैकेट पकड़ा गया। मलपुरा में बिना पंजीकरण संचालित संस्कार हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में सोमवार को सोनीपत (हरियाणा) की पीसीपीएनडीटी टीम ने छापा मारा। बिना पंजीकरण संचालित हास्पिटल में भ्रूण लिंग परीक्षण कराया जा रहा था। टीम डमी गर्भवती को लेकर आई थी। स्टिंग ऑपरेशन के बाद संचालक सहित छह को पकड़ लिया। हास्पिटल झोलाछाप का है। चीन निर्मित पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन गर्भ में पल रहे भ्रूण का लिंग परीक्षण किया जा रहा था। मशीन को जब्त कर लिया गया।
हरियाणा स्वास्थ्य विभाग और एसटीएफ की टीम ने पिछले दिनों एक गिरोह पकड़ा था, जो भ्रूण लिंग परीक्षण करता था। इसके तार आगरा से जुड़े होने के साक्ष्य मिले थे। इस पर एक महिला (डिकाय) बनाया गया। इसके बाद एजेंट से संपर्क किया। गर्भ में बेटे-बेटी का पता करने के लिए बात की गई। 90 हजार में भ्रूण लिंग परीक्षण करना तय हुआ। 40 हजार दलाल को एडवांस के रूप में दे दिए गए। बाकी रकम परीक्षण के बाद दी जानी थी। पीसीपीएनडीटी सेल के प्रभारी एसीएमओ सुशील कुमार ने बताया कि सोनीपत की टीम ने रैकेट को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। सोमवार को भ्रूण की जांच करने वाले लोग टीम को लगातार गुमराह करते रहे। शाम को इटोरा स्थित संस्कार हॉस्पिटल ले गए। इस पर टीम ने हास्पिटल में छापा मार दिया।
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हरियाणा स्वास्थ्य विभाग और एसटीएफ की टीम ने पिछले दिनों एक गिरोह पकड़ा था, जो भ्रूण लिंग परीक्षण करता था। इसके तार आगरा से जुड़े होने के साक्ष्य मिले थे। इस पर एक महिला (डिकाय) बनाया गया। इसके बाद एजेंट से संपर्क किया। गर्भ में बेटे-बेटी का पता करने के लिए बात की गई। 90 हजार में भ्रूण लिंग परीक्षण करना तय हुआ। 40 हजार दलाल को एडवांस के रूप में दे दिए गए। बाकी रकम परीक्षण के बाद दी जानी थी। पीसीपीएनडीटी सेल के प्रभारी एसीएमओ सुशील कुमार ने बताया कि सोनीपत की टीम ने रैकेट को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। सोमवार को भ्रूण की जांच करने वाले लोग टीम को लगातार गुमराह करते रहे। शाम को इटोरा स्थित संस्कार हॉस्पिटल ले गए। इस पर टीम ने हास्पिटल में छापा मार दिया।
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एजेंट से संपर्क के बाद टीम आगरा तक पहुंची
एसीएमओ ने बताया कि अस्पताल का संचालन सैंया निवासी भानु प्रताप कर रहा है। उसके साथ ही इटाैरा का ओम नारायण, फतेहाबाद का मयंक शर्मा, माकराैल का जगवीर सिंह, मनीष कुशवाहा, कुशीनगर का पवन कुशवाहा, सोनीपत का शंकर राणा पकड़ा है। शमसाबाद की मंजू से भानु और प्रदीप ने दो महीने पहले संस्कार हास्पिटल चलाने के लिए भवन किराए पर लिया था। तीन कमरे में संचालित हास्पिटल में आईसीयू की सुविधा का भी बोर्ड लगा था। पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। पहली मंजिल पर दुकान हैं। चार से पांच महीने पहले भवन में ठाकुरदास के नाम से हास्पिटल संचालित हो रहा था। बाद में हास्पिटल बंद हो गया। अस्पताल में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त की गई। इसमें टैबलेट के माध्यम से भ्रूण की जांच किए जाने की जानकारी मिली। मौके पर जांच में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण भी मिले, जो चार्जिंग पर लगे हुए थे। टीम ने उपकरणों को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। शंकर राणा ने ही महिला से संपर्क किया था।
हरियाणा से आई स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम की ओर से मलपुरा थाने में लिखित शिकायत दी जा रही है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, जांच के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। -जसवीर सिंह सिरोही, एसीपी सैंया
एसीएमओ ने बताया कि अस्पताल का संचालन सैंया निवासी भानु प्रताप कर रहा है। उसके साथ ही इटाैरा का ओम नारायण, फतेहाबाद का मयंक शर्मा, माकराैल का जगवीर सिंह, मनीष कुशवाहा, कुशीनगर का पवन कुशवाहा, सोनीपत का शंकर राणा पकड़ा है। शमसाबाद की मंजू से भानु और प्रदीप ने दो महीने पहले संस्कार हास्पिटल चलाने के लिए भवन किराए पर लिया था। तीन कमरे में संचालित हास्पिटल में आईसीयू की सुविधा का भी बोर्ड लगा था। पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। पहली मंजिल पर दुकान हैं। चार से पांच महीने पहले भवन में ठाकुरदास के नाम से हास्पिटल संचालित हो रहा था। बाद में हास्पिटल बंद हो गया। अस्पताल में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त की गई। इसमें टैबलेट के माध्यम से भ्रूण की जांच किए जाने की जानकारी मिली। मौके पर जांच में इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण भी मिले, जो चार्जिंग पर लगे हुए थे। टीम ने उपकरणों को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। शंकर राणा ने ही महिला से संपर्क किया था।
हरियाणा से आई स्वास्थ्य विभाग और पुलिस टीम की ओर से मलपुरा थाने में लिखित शिकायत दी जा रही है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, जांच के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। -जसवीर सिंह सिरोही, एसीपी सैंया