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सात्विक-चिराग ने रचा इतिहास: पहली बार चाइना मास्टर्स का खिताब जीता, फाइनल में चीन की जोड़ी को हराया
Sun, 06 Sep 2026 04:27 PM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, शेनझेन
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, शेनझेन
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Sun, 06 Sep 2026 04:27 PM IST
सार
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चाइना मास्टर्स सुपर 750 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में चीन के हे जी तिंग और रेन शियांग यू को 11-21, 21-13, 21-17 से हराया। 2023 और 2025 में उपविजेता रहने के बाद सात्विक-चिराग ने इस बार खिताब का सूखा खत्म किया।
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चिराग और सात्विक
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत की स्टार पुरुष युगल जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने आखिरकार चाइना मास्टर्स का खिताब अपने नाम कर लिया। सुपर 750 टूर्नामेंट के फाइनल में भारतीय जोड़ी ने चीन के घरेलू पसंदीदा हे जी तिंग और रेन शियांग यू की जोड़ी को तीन गेम तक चले मुकाबले में शिकस्त दी। सात्विक और चिराग ने मुकाबला 11-21, 21-13, 21-17 से अपने नाम किया। इसके साथ ही भारतीय जोड़ी ने इस टूर्नामेंट में पिछले दो फाइनल की निराशा को भी पीछे छोड़ दिया।
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2023 और 2025 में रह गए थे उपविजेता
चाइना मास्टर्स सात्विक-चिराग के लिए लंबे समय से चुनौतीपूर्ण टूर्नामेंट रहा था। भारतीय जोड़ी 2023 और 2025 में फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन दोनों ही मौकों पर उसे उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा था। इस बार भी फाइनल में उनके सामने चीन की घरेलू जोड़ी थी, लेकिन सात्विक और चिराग ने दबाव में शानदार वापसी करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया। चीन की धरती पर यह जीत भारतीय जोड़ी के लिए खास उपलब्धि है।
चाइना मास्टर्स सात्विक-चिराग के लिए लंबे समय से चुनौतीपूर्ण टूर्नामेंट रहा था। भारतीय जोड़ी 2023 और 2025 में फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन दोनों ही मौकों पर उसे उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा था। इस बार भी फाइनल में उनके सामने चीन की घरेलू जोड़ी थी, लेकिन सात्विक और चिराग ने दबाव में शानदार वापसी करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया। चीन की धरती पर यह जीत भारतीय जोड़ी के लिए खास उपलब्धि है।
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पहले गेम में पिछड़े, फिर पलट दिया मुकाबला
फाइनल में हे जी तिंग और रेन शियांग यू ने आक्रामक शुरुआत की। चीनी जोड़ी ने सात्विक-चिराग को पहले गेम में ज्यादा मौके नहीं दिए और 21-11 से गेम अपने नाम कर लिया। पहले गेम में पिछड़ने के बाद भारतीय जोड़ी ने दूसरे गेम में अपने खेल का स्तर बढ़ाया। सात्विक और चिराग ने बेहतर तालमेल और सूझबूझ के साथ खेलते हुए चीनी जोड़ी पर दबाव बनाया। इसका फायदा उन्हें मिला और उन्होंने दूसरा गेम 21-13 से जीतकर मुकाबले को 1-1 की बराबरी पर ला दिया।
फाइनल में हे जी तिंग और रेन शियांग यू ने आक्रामक शुरुआत की। चीनी जोड़ी ने सात्विक-चिराग को पहले गेम में ज्यादा मौके नहीं दिए और 21-11 से गेम अपने नाम कर लिया। पहले गेम में पिछड़ने के बाद भारतीय जोड़ी ने दूसरे गेम में अपने खेल का स्तर बढ़ाया। सात्विक और चिराग ने बेहतर तालमेल और सूझबूझ के साथ खेलते हुए चीनी जोड़ी पर दबाव बनाया। इसका फायदा उन्हें मिला और उन्होंने दूसरा गेम 21-13 से जीतकर मुकाबले को 1-1 की बराबरी पर ला दिया।
निर्णायक गेम में दिखाया चैंपियन वाला खेल
तीसरे गेम में मुकाबला काफी करीबी रहा, लेकिन निर्णायक मौकों पर भारतीय जोड़ी ने धैर्य बनाए रखा। सात्विक-चिराग ने दबाव को बेहतर तरीके से संभाला और 21-17 से तीसरा गेम जीत लिया। तीसरा गेम अपने नाम करते ही भारतीय जोड़ी ने चाइना मास्टर्स के खिताब पर भी कब्जा जमा लिया। इस तरह 2023 और 2025 के फाइनल में मिली हार के बाद सात्विक-चिराग ने आखिरकार इस टूर्नामेंट की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
तीसरे गेम में मुकाबला काफी करीबी रहा, लेकिन निर्णायक मौकों पर भारतीय जोड़ी ने धैर्य बनाए रखा। सात्विक-चिराग ने दबाव को बेहतर तरीके से संभाला और 21-17 से तीसरा गेम जीत लिया। तीसरा गेम अपने नाम करते ही भारतीय जोड़ी ने चाइना मास्टर्स के खिताब पर भी कब्जा जमा लिया। इस तरह 2023 और 2025 के फाइनल में मिली हार के बाद सात्विक-चिराग ने आखिरकार इस टूर्नामेंट की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
इस सीजन का दूसरा बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब
चाइना मास्टर्स की जीत सात्विक और चिराग के लिए इस सीजन का दूसरा बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब है। इससे पहले भारतीय जोड़ी ने सिंगापुर ओपन का खिताब भी अपने नाम किया था। चाइना मास्टर्स का यह खिताब ऐसे समय आया है, जब आगामी एशियाई खेलों की चुनौती सामने है। ऐसे में चीन की धरती पर सुपर 750 खिताब जीतना सात्विक-चिराग के आत्मविश्वास के लिए बेहद अहम माना जा सकता है।
चाइना मास्टर्स की जीत सात्विक और चिराग के लिए इस सीजन का दूसरा बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब है। इससे पहले भारतीय जोड़ी ने सिंगापुर ओपन का खिताब भी अपने नाम किया था। चाइना मास्टर्स का यह खिताब ऐसे समय आया है, जब आगामी एशियाई खेलों की चुनौती सामने है। ऐसे में चीन की धरती पर सुपर 750 खिताब जीतना सात्विक-चिराग के आत्मविश्वास के लिए बेहद अहम माना जा सकता है।
एन से यंग ने लगाई खिताबी हैट्रिक
महिला एकल में वर्ल्ड नंबर-1 एन से यंग ने टोमोका मियाजाकी को 21-17, 21-6 से मात देकर लगातार तीसरे साल चाइना मास्टर्स का खिताब अपने नाम कर लिया है। यह इस सीजन उनका सातवां व्यक्तिगत खिताब भी है। इसी के साथ साउथ कोरिया की एन से यंग 'चाइना मास्टर्स' में खिताबी हैट्रिक लगाने वाली पहली खिलाड़ी बन गईं हैं। उन्होंने जापान की मियाजाकी के खिलाफ अपना अजेय रिकॉर्ड 8-0 तक पहुंचा दिया।
एन से यंग इस समय प्रचंड फॉर्म में हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ओलंपिक और विश्व चैंपियन इस टूर्नामेंट में एक भी गेम नहीं हारीं और किसी भी प्रतिद्वंद्वी ने एक मैच में उनके खिलाफ 28 से ज्यादा अंक नहीं बनाए। वर्ल्ड नंबर-नौ खिलाड़ी मियाजाकी ने एन से यंग को फाइनल की शुरुआत में कड़ी टक्कर दी। उन्होंने आक्रामक खेल दिखाते हुए एन को कोर्ट पर दौड़ाया और उनकी लय बिगाड़ने की कोशिश की।
हालांकि, एन से यंग ने धीरे-धीरे खेल पर अपना नियंत्रण वापस हासिल किया और दूसरे गेम में निर्णायक बढ़त बना ली। एन अब आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 की तैयारी के लिए घर लौटेंगी, जहां वह इस महीने के आखिर में अपने गोल्ड मेडल का बचाव करने की कोशिश करेंगी।
महिला एकल में वर्ल्ड नंबर-1 एन से यंग ने टोमोका मियाजाकी को 21-17, 21-6 से मात देकर लगातार तीसरे साल चाइना मास्टर्स का खिताब अपने नाम कर लिया है। यह इस सीजन उनका सातवां व्यक्तिगत खिताब भी है। इसी के साथ साउथ कोरिया की एन से यंग 'चाइना मास्टर्स' में खिताबी हैट्रिक लगाने वाली पहली खिलाड़ी बन गईं हैं। उन्होंने जापान की मियाजाकी के खिलाफ अपना अजेय रिकॉर्ड 8-0 तक पहुंचा दिया।
एन से यंग इस समय प्रचंड फॉर्म में हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ओलंपिक और विश्व चैंपियन इस टूर्नामेंट में एक भी गेम नहीं हारीं और किसी भी प्रतिद्वंद्वी ने एक मैच में उनके खिलाफ 28 से ज्यादा अंक नहीं बनाए। वर्ल्ड नंबर-नौ खिलाड़ी मियाजाकी ने एन से यंग को फाइनल की शुरुआत में कड़ी टक्कर दी। उन्होंने आक्रामक खेल दिखाते हुए एन को कोर्ट पर दौड़ाया और उनकी लय बिगाड़ने की कोशिश की।
हालांकि, एन से यंग ने धीरे-धीरे खेल पर अपना नियंत्रण वापस हासिल किया और दूसरे गेम में निर्णायक बढ़त बना ली। एन अब आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स 2026 की तैयारी के लिए घर लौटेंगी, जहां वह इस महीने के आखिर में अपने गोल्ड मेडल का बचाव करने की कोशिश करेंगी।