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Shimla News: कपिंग थैरेपी और पंचकर्म पद्धतियों को बढ़ावा देगी सरकारी
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नाड़ी परीक्षण समेत विभिन्न आयुर्वेदिक पद्धतियों के बारे में लोगों को किया जाएगा जागरूक
23 से 25 सितंबर तक रिज मैदान में लगेगी प्रदर्शनी
सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू करेंगे बतौर मुख्यातिथि शिरकत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर अग्निकर्म, मर्म चिकित्सा, कपिंग थैरेपी, पंचकर्म, योग, नाड़ी परीक्षण, प्रकृति परीक्षण और आयुर्वेदिक आहार-विहार जैसी पद्धतियों पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।
11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस का राज्यस्तरीय कार्यक्रम 23 से 25 सितंबर तक शिमला में होगा। कार्यक्रम का उद्घाटन गेयटी थियेटर में होगा। इसमें मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे जबकि आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा भी मौजूद रहेंगे। इस वर्ष राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस का विषय स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद है। इसका उद्देश्य लोगों को निवारक स्वास्थ्य देखभाल, स्वस्थ जीवनशैली और समग्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। आयुर्वेद के आहार, दिनचर्या, ऋतुचर्या और रोगों से बचाव संबंधी सिद्धांतों को आधुनिक जीवनशैली में अपनाने के बारे में जानकारी दी जाएगी।
23 से 25 सितंबर तक शिमला के रिज मैदान पर विशेष आयुष जागरूकता प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें लोगों को प्रदेश में उपलब्ध विभिन्न आयुष सेवाओं और उपचार पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी। आयुष विभाग के विशेषज्ञ मौके पर लोगों को उपचार पद्धतियों की जानकारी, उनका प्रदर्शन और परामर्श देंगे। इसके माध्यम से लोगों को विभिन्न उपचार पद्धतियों के उचित उपयोग और सरकारी आयुष संस्थानों में उपलब्ध सेवाओं के बारे में बताया जाएगा। आयुष निदेशक रोहित जमवाल ने लोगों से रिज मैदान पर आयोजित तीन दिवसीय प्रदर्शनी में भाग लेने और आयुष उपचार पद्धतियों एवं स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जानकारी प्राप्त करने की अपील की है।
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दवा निर्माताओं और किसानों के बीच होंगे एमओयू
आयुष दवा निर्माताओं और किसानों के बीच औषधीय उत्पादों की खरीद और बिक्री को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी किए जाएंगे। इससे किसानों को बाजार उपलब्ध कराने और आयुष उद्योग के साथ उनके संबंध मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती करने वाले प्रगतिशील किसानों और मान्यता प्राप्त नर्सरी संचालकों को सम्मानित किया जाएगा।
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23 से 25 सितंबर तक रिज मैदान में लगेगी प्रदर्शनी
सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू करेंगे बतौर मुख्यातिथि शिरकत
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस पर अग्निकर्म, मर्म चिकित्सा, कपिंग थैरेपी, पंचकर्म, योग, नाड़ी परीक्षण, प्रकृति परीक्षण और आयुर्वेदिक आहार-विहार जैसी पद्धतियों पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से लोगों को जागरूक भी किया जाएगा।
11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस का राज्यस्तरीय कार्यक्रम 23 से 25 सितंबर तक शिमला में होगा। कार्यक्रम का उद्घाटन गेयटी थियेटर में होगा। इसमें मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे जबकि आयुष मंत्री यादविंद्र गोमा भी मौजूद रहेंगे। इस वर्ष राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस का विषय स्वस्थ कल के लिए आयुर्वेद है। इसका उद्देश्य लोगों को निवारक स्वास्थ्य देखभाल, स्वस्थ जीवनशैली और समग्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। आयुर्वेद के आहार, दिनचर्या, ऋतुचर्या और रोगों से बचाव संबंधी सिद्धांतों को आधुनिक जीवनशैली में अपनाने के बारे में जानकारी दी जाएगी।
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23 से 25 सितंबर तक शिमला के रिज मैदान पर विशेष आयुष जागरूकता प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इसमें लोगों को प्रदेश में उपलब्ध विभिन्न आयुष सेवाओं और उपचार पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी। आयुष विभाग के विशेषज्ञ मौके पर लोगों को उपचार पद्धतियों की जानकारी, उनका प्रदर्शन और परामर्श देंगे। इसके माध्यम से लोगों को विभिन्न उपचार पद्धतियों के उचित उपयोग और सरकारी आयुष संस्थानों में उपलब्ध सेवाओं के बारे में बताया जाएगा। आयुष निदेशक रोहित जमवाल ने लोगों से रिज मैदान पर आयोजित तीन दिवसीय प्रदर्शनी में भाग लेने और आयुष उपचार पद्धतियों एवं स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जानकारी प्राप्त करने की अपील की है।
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दवा निर्माताओं और किसानों के बीच होंगे एमओयू
आयुष दवा निर्माताओं और किसानों के बीच औषधीय उत्पादों की खरीद और बिक्री को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) भी किए जाएंगे। इससे किसानों को बाजार उपलब्ध कराने और आयुष उद्योग के साथ उनके संबंध मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती करने वाले प्रगतिशील किसानों और मान्यता प्राप्त नर्सरी संचालकों को सम्मानित किया जाएगा।