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हिमाचल पुलिस की एडवाइजरी: गाड़ी बेचकर निश्चिंत न हों, आरसी ट्रांसफर नहीं हुई तो पुराने मालिक पर आएगी आफत

Tue, 08 Sep 2026 09:34 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 08 Sep 2026 09:34 PM IST
सार

पुलिस के अनुसार वाहन बिक्री के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्वामित्व हस्तांतरण कराना जरूरी है। आरसी अपडेट नहीं होने पर वाहन से जुड़ी दुर्घटना, ई-चालान या किसी आपराधिक गतिविधि की स्थिति में पुराने मालिक से भी जवाब-तलब हो सकता है। 

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Himachal Police Advisory: Don't rest easy after selling your vehicle; if the RC isn't transferred
पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

वाहन बेचने के बाद केवल गाड़ी और उसकी चाबी खरीदार को सौंप देना पर्याप्त नहीं है। जब तक पंजीकरण प्रमाण पत्र (आरसी) में नए मालिक का नाम दर्ज नहीं होता, तब तक पुराने मालिक के लिए कानूनी परेशानी खड़ी हो सकती है। वाहन बिक्री से जुड़े विवादों को देखते हुए हिमाचल प्रदेश पुलिस ने वाहन मालिकों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। पुलिस के अनुसार वाहन बिक्री के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्वामित्व हस्तांतरण कराना जरूरी है। आरसी अपडेट नहीं होने पर वाहन से जुड़ी दुर्घटना, ई-चालान या किसी आपराधिक गतिविधि की स्थिति में पुराने मालिक से भी जवाब-तलब हो सकता है। विक्रेता को वाहन बेचने के 14 दिनों के भीतर फार्म-29 के माध्यम से क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) को हस्तांतरण की सूचना देनी होगी। वहीं खरीदार को वाहन खरीदने के 30 दिनों के भीतर फार्म-30 के जरिए स्वामित्व हस्तांतरण के लिए आवेदन करना होगा।

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पुलिस ने दोनों पक्षों को दी सलाह
पुलिस ने दोनों पक्षों को सलाह दी है कि आवेदन के बाद वाहन पोर्टल और संबंधित रिकॉर्ड में नए मालिक का नाम अपडेट हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि जरूर करें। आवेदन, रसीद और अन्य दस्तावेजों को भी सुरक्षित रखें। वाहन बिक्री के समय फार्म-29, फार्म-30, मूल आरसी, वैध बीमा और वाहन सुपुर्दगी रसीद की प्रमाणित प्रतियां दोनों पक्षों के पास होनी चाहिए। यदि खरीदार जानबूझकर आरसी अपने नाम नहीं कराता है तो विक्रेता को बिक्री की तारीख, फार्म-29 और सुपुर्दगी रसीद के साथ तत्काल संबंधित आरटीओ को सूचना देनी चाहिए।

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इससे भविष्य में वाहन के दुरुपयोग या कानूनी विवाद की स्थिति में बिक्री का प्रमाण प्रस्तुत किया जा सकेगा। कर्ज पर चल रहे वाहन के स्वामित्व हस्तांतरण से पहले संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था की एनओसी अथवा सहमति लेना जरूरी है। दूसरे राज्य में पंजीकृत वाहन को हिमाचल में ट्रांसफर कराने के लिए मूल राज्य के आरटीओ से वैध एनओसी समेत निर्धारित दस्तावेज जमा करने होंगे।

वाहन बेचने के बाद आरसी में स्वामित्व हस्तांतरण कराना विक्रेता और खरीदार दोनों की जिम्मेदारी है। निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर दुर्घटना, ई-चालान या अपराध की स्थिति में पुराने मालिक को भी कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। -अशोक तिवारी, पुलिस महानिदेशक

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