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Shimla News: चमियाना में लिए बायोप्सी सैंपल की जांच के लिए आईजीएमसी तक भटक रहे मरीज

Mon, 21 Sep 2026 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 21 Sep 2026 11:59 PM IST
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Get the Shanti Vihar land inspected by IIT engineers.
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में दोपहर बाद सैंपल जांच की व्यवस्था नहीं, सुविधाओं के अभाव से बेहाल हो रहे मरीज
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दोपहर दो बजे के बाद मरीजों को स्वयं ले जाने पड़ते हैं सैंपल
आदित्य सोफत
शिमला। अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशलिटी (एआईएमएसएस) चमियाना में बायोप्सी सैंपल जांच करवाने के लिए मरीजों को भटकना पड़ रहा है। मजबूरी में मरीज और तीमारदार सैंपल जमा करवाने के लिए चमियाना अस्पताल से इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) आ रहे हैं।

यही नहीं जब रिपोर्ट तैयार हो जाती है तो 15 से 20 दिन बाद मरीजों को रिपोर्ट लेने के लिए भी आईजीएमसी जाना पड़ रहा है। इससे मरीजों की परेशानी कम होने की बजाय दोगुनी हो गई है। इस बारे अस्पताल में सूचना भी लगाई गई है। इससे सुपर स्पेशलिटी अस्पताल पर प्रश्न चिह्न भी लग रहा है क्योंकि अस्पताल के भीतर बायोप्सी जांच नहीं हो रही है। यह हालात वर्तमान में नहीं बने हैं जबकि शुरुआत से ही मरीजों को इसी तरह से बायोप्सी सैंपल जमा करवाने के लिए एक से दूसरे संस्थान में जाना पड़ता है।
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मरीजों को दोपहर बाद ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है क्योंकि सुबह 8:00 से दोपहर 1:00 बजे तक एकत्र किए गए बायोप्सी सैंपल सरकारी वाहन के माध्यम से भेज दिए जाते हैं। इसके बाद लिए जाने वाले सैंपल मरीजों को स्वयं लेकर आईजीएमसी पहुंचना पड़ता है। शाम 4:00 बजे तक सैंपल जमा न हुआ तो मरीजों को अगले दिन का इंतजार करना पड़ता है।
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वहीं अगर आपातस्थिति है तो सैंपल को निजी लैब में जमा करवाना पड़ता है। इस कारण मरीजों की जेब पर भी बोझ बढ़ जाता है। बायोप्सी सैंपल जांच के लिए निजी लैब में अगल-अगल शुल्क निर्धारित किया है। चमियाना अस्पताल में यूरिन कल्चर और फ्लूड टेस्ट भी दोपहर बाद निजी लैब में करवाने पड़ रहे हैं। आईजीएमसी में जांच किए जाने वाले यूरिन समेत ब्लड कल्चर और बॉडी फ्लूड टेस्ट रिपोर्ट में तीन से सात दिन का समय लग रहा है।



आईजीएमसी से चमियाना है 10 किमी दूर
आईजीएमसी से सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना की दूरी करीब 10 किलोमीटर है। ऐसे में मरीजों को आने-जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल से आईजीएमसी के लिए एचआरटीसी के ट्रैवलर भी करीब एक-एक घंटे बाद आते जाते हैं। सैंपल जमा करवाने में भी मरीजों को जद्दोजहद करनी पड़ती है क्योंकि मेडिकल कॉलेज में केवल 4:00 बजे तक सैंपल एक किए जाते हैं।






कोट
दोपहर एक बजे तक लिए जाने वाले बायोप्सी सैंपल सरकारी वाहन से आईजीएमसी जांच के लिए भेजे जाते हैं। आईजीएमसी में 4:00 बजे तक ही सैंपल प्रयोगशाला में जमा होते हैं।
-डॉ. सुधीर शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना
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