बांसवाड़ा में कांग्रेस को झटका: वार्ड 12 में भाजपा की निर्विरोध जीत; डूंगरपुर में भी मतदान से पहले खुला खाता
बांसवाड़ा नगर परिषद चुनाव में नाम वापसी के अंतिम दिन कांग्रेस को बड़ा झटका लगा। वार्ड नंबर 12 से कांग्रेस प्रत्याशी रेखा कंसारा ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद भाजपा प्रत्याशी की निर्विरोध जीत तय हो गई। भाजपा जिलाध्यक्ष पूंजीलाल गायरी और नगर अध्यक्ष युगल उपाध्याय कंसारा को रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय लेकर पहुंचे थे।
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नगर परिषद चुनाव के बीच नाम वापसी के अंतिम दिन बांसवाड़ा में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। नगर परिषद के वार्ड नंबर 12 से कांग्रेस प्रत्याशी रेखा कंसारा ने गुरुवार को अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया। इसके बाद इस वार्ड में अब भाजपा प्रत्याशी ही चुनाव मैदान में रह गया है, जिससे उसकी निर्विरोध जीत तय हो गई है। नाम वापसी के अंतिम दिन हुए इस घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में चुनावी सरगर्मी बढ़ा दी है।
नाम वापसी के अंतिम दिन भाजपा ने कांग्रेस को दिया झटका
नगर निकाय चुनाव में नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख गुरुवार थी और दोपहर 3 बजे तक प्रत्याशियों को नाम वापस लेने का समय दिया गया था। वार्डों में चुनाव मैदान में मौजूद निर्दलीय प्रत्याशियों की नाम वापसी को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों के पदाधिकारी सुबह से ही सक्रिय थे। इसी दौरान वार्ड नंबर 12 में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। भाजपा पदाधिकारियों ने कांग्रेस प्रत्याशी रेखा कंसारा को अपने पाले में कर लिया। भाजपा जिलाध्यक्ष पूंजीलाल गायरी और नगर अध्यक्ष युगल उपाध्याय उन्हें अपने साथ लेकर रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय पहुंचे। वहां रेखा कंसारा ने अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया। नामांकन वापस होने के बाद वार्ड 12 में भाजपा प्रत्याशी ही चुनाव मैदान में रह गया है। ऐसे में मतदान से पहले ही इस वार्ड में भाजपा की जीत तय हो गई है।
कांग्रेस पदाधिकारी करते रहे प्रत्याशी का इंतजार
रेखा कंसारा के नामांकन वापस लेने की जानकारी कांग्रेस पदाधिकारियों को भी मिल गई थी। इसके बाद संगठन महासचिव मनीष एन. त्रिवेदी, प्रदेश सचिव राकेश सेठिया समेत अन्य कांग्रेस नेता कलेक्ट्री पहुंच गए। कांग्रेस पदाधिकारी अपनी प्रत्याशी के पहुंचने का इंतजार करते रहे, लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही रेखा कंसारा रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय में नामांकन वापस कर वहां से जा चुकी थीं। बाद में जब कांग्रेस नेताओं को इसकी जानकारी मिली तो उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।
जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में पहले निकाय चुनाव में झटका
बांसवाड़ा में कांग्रेस की कमान विधायक अर्जुनसिंह बामनिया के पास है। जिलाध्यक्ष बनने के बाद उनके नेतृत्व में यह पहला निकाय चुनाव है। ऐसे में चुनाव की शुरुआत में ही वार्ड 12 में प्रत्याशी का नामांकन वापस होना कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस के सामने बाकी वार्डों में चुनावी रणनीति और संगठन को मजबूत रखने की चुनौती बढ़ गई है। वहीं भाजपा इस घटनाक्रम को संगठन की मजबूती और अपने राजनीतिक प्रभाव के तौर पर देख रही है।
भाजपा जिलाध्यक्ष बोले- हमारी कार्यकर्ता से ही भरवाया था फॉर्म
पूरे घटनाक्रम को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष पूंजीलाल गायरी ने कहा कि वार्ड नंबर 12 में कांग्रेस के पास चुनाव लड़ने के लिए कोई अधिकृत प्रत्याशी नहीं था। उनके मुताबिक, कांग्रेस ने भाजपा की ही एक कार्यकर्ता को आगे कर फॉर्म भरवाया था और बाद में उसने स्वेच्छा से अपना नामांकन वापस ले लिया। गायरी ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की कड़ी मेहनत और संगठन की एकजुटता के कारण भाजपा मजबूत स्थिति में है।
डूंगरपुर में मतदान से पहले भाजपा के खाते में दो सीटें
इधर, डूंगरपुर नगर परिषद के चुनाव में भी भाजपा को मतदान से पहले ही दो सीटों पर बढ़त मिल गई है। नगर परिषद की कुल 40 सीटों में से दो सीटें भाजपा के खाते में आ गई हैं। वार्ड नंबर 23 में कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन पत्र पहले ही खारिज हो चुका था, जबकि वार्ड नंबर 28 से कांग्रेस प्रत्याशी ने अपना पर्चा वापस ले लिया। इन दोनों सीटों पर कांग्रेस प्रत्याशियों के चुनाव मैदान से बाहर होने के बाद भाजपा के खाते में मतदान से पहले ही दो सीटें आ गई हैं। बांसवाड़ा और डूंगरपुर में नाम वापसी के बाद अब निकाय चुनाव का मुकाबला और अधिक स्पष्ट हो गया है। प्रत्याशियों और राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार तेज कर दिया है और अब पूरा फोकस मतदाताओं को अपने पक्ष में करने पर है।