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पंथक सम्मेलन: धामी बोले-अकाल तख्त के हुक्मनामे को लागू करेगा खालसा पंथ, सीएम मान पर दिया ये बयान
Sun, 05 Jul 2026 05:05 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sun, 05 Jul 2026 05:05 PM IST
सार
पंथिक एकत्रीकरण के बाद पत्रकारों से बातचीत में धामी ने कहा कि अकाल तख्त साहिब सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था है और इतिहास गवाह है कि इससे टकराने वाले कभी सफल नहीं हुए।
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एसजीपीसी अध्यक्ष धामी और सीएम मान
- फोटो : संवाद
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विस्तार
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने पंथक सम्मेलन में कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के स्थापना दिवस पर आयोजित पंथिक एकत्रीकरण में खालसा पंथ ने महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए हैं। इनमें 15 जून को जारी अकाल तख्त साहिब के हुक्मनामे को पूरी तरह लागू करने का निर्णय शामिल है।
पंथिक एकत्रीकरण के बाद पत्रकारों से बातचीत में धामी ने कहा कि अकाल तख्त साहिब सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था है और इतिहास गवाह है कि इससे टकराने वाले कभी सफल नहीं हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के हालिया बयानों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि कुछ ताकतें उन्हें टकराव की राजनीति की ओर धकेल रही हैं।
बैठक में सिंह साहिबान, निहंग सिंह जत्थेबंदियां, कार सेवा प्रमुख, निर्मला और उदासी संप्रदायों के प्रतिनिधियों तथा किसान संगठन के नेताओं ने भाग लिया और अकाल तख्त साहिब के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि 24 जुलाई को मनाए जाने वाले मीरी-पीरी दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे तथा जल्द ही जिलेवार कार्यक्रमों की रूपरेखा जारी की जाएगी। साथ ही उन्होंने सिख इतिहास और संघर्ष पर आधारित फिल्मों को समाज तक पहुंचाने की भी वकालत की।
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पंथिक एकत्रीकरण के बाद पत्रकारों से बातचीत में धामी ने कहा कि अकाल तख्त साहिब सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था है और इतिहास गवाह है कि इससे टकराने वाले कभी सफल नहीं हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के हालिया बयानों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि कुछ ताकतें उन्हें टकराव की राजनीति की ओर धकेल रही हैं।
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बैठक में सिंह साहिबान, निहंग सिंह जत्थेबंदियां, कार सेवा प्रमुख, निर्मला और उदासी संप्रदायों के प्रतिनिधियों तथा किसान संगठन के नेताओं ने भाग लिया और अकाल तख्त साहिब के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि 24 जुलाई को मनाए जाने वाले मीरी-पीरी दिवस पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे तथा जल्द ही जिलेवार कार्यक्रमों की रूपरेखा जारी की जाएगी। साथ ही उन्होंने सिख इतिहास और संघर्ष पर आधारित फिल्मों को समाज तक पहुंचाने की भी वकालत की।
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जत्थेदार गड़गज्ज ने पंजाब सरकार को दी चेतावनी
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने पंजाब सरकार को अकाल तख्त साहिब के खिलाफ कथित तौर पर चलाए जा रहे प्रचार को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि दो आईटी सेल समूह सोशल मीडिया के माध्यम से अकाल तख्त साहिब की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि इस अवधि के भीतर इन गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। यदि सरकार निर्धारित समय में कार्रवाई करने में विफल रहती है तो खालसा पंथ स्वयं मोर्चा संभालेगा और संबंधित आईटी सेल कार्यालयों की ओर कूच कर उनकी गतिविधियां बंद कराएगा।
जत्थेदार ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था है और इसके सम्मान के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो पंथ अगली रणनीति के तहत शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करेगा और अकाल तख्त साहिब की गरिमा की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने पंजाब सरकार को अकाल तख्त साहिब के खिलाफ कथित तौर पर चलाए जा रहे प्रचार को लेकर कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि दो आईटी सेल समूह सोशल मीडिया के माध्यम से अकाल तख्त साहिब की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
उन्होंने सरकार को 10 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि इस अवधि के भीतर इन गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। यदि सरकार निर्धारित समय में कार्रवाई करने में विफल रहती है तो खालसा पंथ स्वयं मोर्चा संभालेगा और संबंधित आईटी सेल कार्यालयों की ओर कूच कर उनकी गतिविधियां बंद कराएगा।
जत्थेदार ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख पंथ की सर्वोच्च संस्था है और इसके सम्मान के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो पंथ अगली रणनीति के तहत शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन करेगा और अकाल तख्त साहिब की गरिमा की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जाएगा।