क्या आपका बच्चा स्वस्थ और फिट है, उसका विकास सही तरीके से हो रहा है?
अब तक बच्चों के विकास को समझने के लिए दो चीजों-बच्चे की उम्र के हिसाब से लंबाई और वजन को सबसे अहम माना जाता रहा है। लेकिन क्या सिर्फ लंबाई और वजन देखकर यह पता लगाया जा सकता है कि बच्चा सही दिशा में बढ़ रहा है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चे की शारीरिक बनावट, उम्र के साथ होने वाले बदलाव और विकास की रफ्तार भी उसकी सेहत को समझने के लिए जरूरी है। इन्हीं जरूरत को ध्यान में रखते हुए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने हाल ही में बच्चों के लिए नया ग्रोथ स्टैंडर्ड तैयार किया है।
इसका मकसद यह समझना है कि भारतीय बच्चों की ग्रोथ किस तरह होती है और उम्र के अलग-अलग पड़ाव पर उनके शारीरिक विकास को किस पैमाने से बेहतर तरीके से आंका जा सकता है। नए मानक तैयार होने के बाद डॉक्टरों और माता-पिता के लिए यह समझना आसान हो सकता है कि बच्चा सिर्फ लंबा या भारी हो रहा है या वास्तव में उसकी ग्रोथ स्वस्थ दिशा में आगे बढ़ रही है?
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बच्चों के विकास पर दें ध्यान
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पांच पैमानों से तय होगा बच्चा कितना स्वस्थ?
बच्चों के लिए नया ग्रोथ चार्ट तैयार करने के लिए 2 से 18 साल के बच्चों का अध्ययन किया जा रहा है। अब इसमें लंबाई-वजन के साथ शरीर का अनुपात भी देखा जाएगा।
- बच्चे की उम्र के हिसाब से उसकी लंबाई या कद कितना है? यह सबसे अहम माप में शामिल होगा।
- उम्र के हिसाब से बच्चे का वजन कितना है, इसकी भी जांच होगी।
- बच्चा कितना लंबा या कितना भारी है, यह ही पर्याप्त नहीं है। शरीर के अलग-अलग माप और उनके आपसी अनुपात को भी देखा जाएगा।
- बच्चों का ब्लड प्रेशर भी दर्ज किया जाएगा। ताकि पता चले कि विकास के साथ हार्ट हेल्थ कैसी है।
- बच्चों के खून में मौजूद जैविक संकेतकों की भी जांच होगी, जो आगे हार्ट व मेटाबॉलिक बीमारियों के खतरे को समझने में मदद कर सकते हैं।
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बच्चों के लिए हेल्दी डाइट जरूरी
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बच्चों के विकास को कैसे दें बढ़ावा?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बच्चे की अच्छी ग्रोथ के लिए सिर्फ उसका वजन बढ़ना जरूरी नहीं है, बल्कि उसे संतुलित पोषण, पर्याप्त नींद और रोजाना शारीरिक गतिविधि भी मिलनी चाहिए।
- खाने में दाल, दूध, अंडा, हरी सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज, मेवे और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करें।
- बच्चों को बार-बार पैकेट वाले स्नैक्स, मीठे पेय और ज्यादा चीनी वाली चीजें देने से बचें।
- बच्चे की नींद भी उसकी ग्रोथ का अहम हिस्सा है। उम्र के मुताबिक पर्याप्त नींद मिलने से शरीर के विकास और रोजमर्रा की सक्रियता को सहारा मिलता है।
- इसके साथ बच्चे को रोज कुछ समय बाहर खेलने, दौड़ने या दूसरी शारीरिक गतिविधियों में लगाने की आदत डालें।
सबसे जरूरी बात यह है कि हर बच्चे की ग्रोथ एक जैसी नहीं होती। इसलिए समय-समय पर बच्चे की लंबाई, वजन और विकास को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ट्रैक करें। अगर ग्रोथ अचानक रुकती दिखे या लंबे समय तक अपेक्षित बदलाव न हो, तो बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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