फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Cyber fraudsters in Shivpuri unleash new conspiracy; 3.40 lakh rupees stolen from retired teacher account

शिवपुरी में साइबर ठगी: रिटायर्ड शिक्षक के खाते से 3.40 लाख रुपये साफ, एपीके फाइल डाउनलोड करते ही हुआ खेल

Sun, 01 Nov 2026 07:38 PM IST
शिवपुरी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी Published by: शिवपुरी ब्यूरो Updated Sun, 01 Nov 2026 07:38 PM IST
सार

शिवपुरी के खनियांधाना क्षेत्र में APK फाइल डाउनलोड करते ही सेवानिवृत्त शिक्षक कैलाश नारायण सोनी के बैंक खाते से 3.40 लाख रुपये निकल गए। पीड़ित ने पुलिस पर शिकायत दर्ज करने में देरी का आरोप लगाया है और रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई है।

 

विज्ञापन
Cyber fraudsters in Shivpuri unleash new conspiracy; 3.40 lakh rupees stolen from retired teacher account
पीड़ित - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिवपुरी जिले के खनियांधाना क्षेत्र में साइबर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बामोरकलां गांव के एक सेवानिवृत्त शिक्षक को ठगों ने APK फाइल के जरिए अपना शिकार बनाया। फाइल डाउनलोड करते ही उनके बैंक खाते से 3 लाख 40 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित की जीवनभर की जमा पूंजी एक झटके में साफ हो गई।

विज्ञापन

पीड़ित की पहचान बामोरकलां निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक कैलाश नारायण सोनी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक अनजान नंबर से लिंक के साथ APK फाइल भेजी गई थी। फाइल को देखकर उन्हें लगा कि यह कोई जरूरी दस्तावेज है। इसी भरोसे में उन्होंने उसे डाउनलोड कर लिया।

विज्ञापन

फाइल डाउनलोड करते ही उनके मोबाइल का कंट्रोल ठगों के हाथ में चला गया। इसके बाद ठगों ने उनके फोन में मौजूद बैंकिंग एप्लीकेशन तक पहुंच बना ली और धीरे-धीरे बैंक खाते से रकम निकालना शुरू कर दिया। जब मोबाइल पर लगातार पैसे कटने के मैसेज आने लगे, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

हैरानी की बात यह है कि ठगों ने इस पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए न तो पीड़ित का एटीएम कार्ड मांगा, न बैंक का पासवर्ड पूछा और न ही कोई ओटीपी लिया। केवल एक APK फाइल के जरिए उनके बैंक खाते से 3 लाख 40 हजार रुपये निकाल लिए गए।


पढे़ं: अवैध लहसुन कारोबार पर मंडी समिति का बड़ा एक्शन, 13 लाख रुपये से अधिक कीमत का 83 क्विंटल लहसुन जब्त

19 दिन बाद दर्ज हुई एफआईआर
पीड़ित कैलाश नारायण सोनी का आरोप है कि इस मामले में पुलिस ने भी लापरवाही बरती। उन्होंने बताया कि ठगी का पता चलते ही 8 अक्टूबर को बामोरकलां थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी थी। हालांकि, पुलिस ने उनकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई नहीं की। करीब 19 दिन बाद 27 अक्टूबर को उनकी एफआईआर दर्ज की गई।

पीड़ित का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो शायद उनकी रकम बचाई जा सकती थी। अब वे अपनी रकम वापस पाने के लिए बैंक, खनियांधाना थाने और शिवपुरी जिला साइबर सेल के चक्कर काट रहे हैं। परिवार ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई कर ठगी की रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई है।

APK फाइल से ठगी के बढ़ते मामले
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, आजकल ठग APK फाइल के जरिए लोगों को अपना निशाना बना रहे हैं। वे व्हाट्सएप पर बिजली बिल, पीएम किसान योजना, पैन कार्ड अपडेट या किसी सरकारी योजना के नाम पर APK फाइल भेजते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इसे डाउनलोड करता है, उसके मोबाइल का कंट्रोल ठगों के हाथ में जा सकता है और बैंक खाते से रकम निकालने का खतरा बढ़ जाता है।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed