MP News: अपील वापस लेने हाईकोर्ट में पेश किया फर्जी आवेदन, एकलपीठ ने दिए न्यायिक रजिस्ट्रार को जांच के आदेश
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में अपील वापस लेने के लिए फर्जी शपथ-पत्र और कथित फर्जी एनओसी पेश करने का मामला सामने आया। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने जांच के आदेश दिए हैं। न्यायिक रजिस्ट्रार को चार सप्ताह में जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। आपराधिक गतिविधि मिलने पर एफआईआर कराने को कहा गया है।
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हाईकोर्ट में अपील को वापस लेने फर्जी शपथ-पत्र के साथ आवेदन पेश किया। जिस अधिवक्ता द्वारा आवेदन दायर किया था उसने अपने फर्जी एनओसी के साथ आवेदन प्रस्तुत किया था। हाईकोर्ट जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने पाया कि जिस अधिवक्ता ने उक्त शपथ-पत्र पेश किया था उसे अपीलकर्ता ने नियुक्त नहीं किया था। एकलपीठ ने इस संबंध में न्यायिक रजिस्ट्रार को जांच के आदेश जारी किए हैं। एकलपीठ ने न्यायिक रजिस्ट्रार को निर्देशित किया है कि जांच में आपराधिक गतिविधि प्रतीत होती है तो पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाएं। ताकि दोषियों को सजा मिल सके।
भोपाल निवासी शालिनी शर्मा ने भोपाल न्यायालय द्वारा पारित एक आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। अपील पर गत 14 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान उपस्थित अधिवक्ता की तरफ से बताया गया कि अपीलकर्ता ने अपील वापस लेने के लिए कोई आवेदन नहीं दिए हैं। एकलपीठ ने रिकॉर्ड का अवलोकन करते हुए पाया कि अपीलकर्ता ने अधिवक्ता एसपी मिश्रा, फाल्गुनी यादव, जितेंद्र मोहन शर्मा के माध्यम से उक्त अपील दायर की थी। अपीलकर्ता ने गत 5 अगस्त को अधिवक्ता के रूप में अजय कुमार यादव को नियुक्त करने आवेदन किया था। आवेदन के साथ अधिवक्ता एसपी मिश्रा की एनओसी भी प्रस्तुत की गई थी। इसके बाद अधिवक्ता वाले शपथ-पत्र के साथ 11 अगस्त 2024 को अपील वापस लेने का आवेदन अधिवक्ता अजय कुमार यादव की तरफ से पेश किया गया था।
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अपील की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने उपस्थित अपीलकर्ता शालिनी ने एकलपीठ को बताया कि वह अधिवक्ता अजय कुमार यादव के पक्ष में कभी कोई वकालतनामा निष्पादित नहीं किया गया है। वह अधिवक्ता अजय कुमार यादव को पहचानती तक नहीं है। अधिवक्ता एसपी मिश्रा की तरफ से बताया गया कि उनकी तरफ से भी कोई एनओसी नही दी गई है। एकलपीठ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिवक्ता अजय कुमार यादव तथा शपथ-पत्र निष्पादित करने वाले शपथ आयुक्त (ओथ कमिश्नर) को दूसरे व तीसरे चरण की सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत रूप से तलब किया। अधिवक्ता अजय कुमार यादव ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। उनकी तरफ से कोई वकालतनामा दायर नहीं किया गया है और वह कोर्ट में उपस्थित अपीलकर्ता को नहीं पहचानते हैं।
शपथ आयुक्त लक्ष्मी देवी सिंह भी ने बताया कि रविवार 9 अगस्त 2026 को एक महिला इस शपथ-पत्र को तैयार करवाने के लिए आई थी। जिस महिला ने इस हलफनामे को बनवाने के लिए उनसे संपर्क किया था और जिनका नाम उनके रजिस्टर में सीरियल नंबर 1037 पर दर्ज है। अपीलकर्ता के रूप में उपस्थित महिला वह महिला नहीं थी। कोर्ट में उपस्थित अधिवक्ता अजय कुमार यादव वह व्यक्ति नहीं थे, जो महिला के साथ आए थे। एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि शपथ आयुक्त के रजिस्टर में कई जगह ओवर-राइटिंग है और बीत चुकी तारीखों के लिए कई खाली पन्ने हैं। रविवार 9 अगस्त 2026 के लिए चार खाली पन्ने हैं। एकलपीठ ने रजिस्टर जब्त करने के आदेश जारी किए थे।
एकलपीठ ने न्यायिक रजिस्ट्रार को चार सप्ताह में मामले की जांच करने के आदेश जारी किए हैं। एकलपीठ को अपने आदेश में कहा है कि शपथ आयुक्त के जब्त किए गए रजिस्टर को जांच में शामिल किया जाए। आपराधिक गतिविधि प्रतीत होती है तो पुलिस में एफआईआर दर्ज कराएं, जिससे दोषियों को सजा मिल सके।
