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मध्य प्रदेश: प्रसूता की मौत के बाद रीवा मेडिकल कॉलेज में बड़ा फेरबदल, सुनील अग्रवाल को हटाया, अब गर्ग बने डीन
Sun, 06 Sep 2026 08:44 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Sun, 06 Sep 2026 08:44 PM IST
सार
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत के बाद लगातार कार्रवाई हो रही है। दो डॉक्टर और दो नर्सिंग स्टाफ के निलंबन के बाद अब मेडिकल कॉलेज के डीन को भी हटा दिया गया है।
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रीवा मेडिकल कॉलेज के डीन को बदला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अस्पताल की व्यवस्था पर उठ रहे सवालों और परिजनों के विरोध के बीच शासन ने अब श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील कुमार अग्रवाल को भी हटा दिया है। उनका तबादला सतना मेडिकल कॉलेज किया गया है। वहीं, सतना मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. शशिधर प्रसाद गर्ग को रीवा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। रविवार को लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया। घटना के बाद से अस्पताल प्रशासन पर लगातार कार्रवाई का दबाव बना हुआ था। कल्पना मिश्रा की मौत के बाद अस्पताल में अब तक कई स्तर पर कार्रवाई हो चुकी है। दो ड्यूटी डॉक्टरों को निलंबित किया गया है। इसके अलावा दो नर्सिंग कर्मचारियों पर भी निलंबन की कार्रवाई हुई है। अस्पताल के अधीक्षक को भी पहले ही पद से हटाया जा चुका है। अब मेडिकल कॉलेज के डीन को हटाए जाने के बाद कार्रवाई में एक और बड़ा नाम जुड़ गया है। हालांकि, शासन के आदेश में डीन के तबादले को प्रशासनिक कार्रवाई के तौर पर बताया गया है।
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26 अगस्त को हुई थी घटना
मामला 26 अगस्त का है। संजय गांधी अस्पताल में इलाज के दौरान कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई थी। इसके बाद घटना से जुड़ा वीडियो सामने आया, जिसके बाद अस्पताल में इलाज और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। मामला बढ़ने के साथ अस्पताल परिसर में विरोध और अनशन भी शुरू हो गया।
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तबादले के बाद भी नहीं थमा परिजनों का विरोध
डीन को हटाए जाने के बावजूद कल्पना मिश्रा के परिजनों का आंदोलन जारी है। मृतका के पिता और परिवार के अन्य सदस्य अस्पताल परिसर में अनशन कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि अधिकारियों को हटाना या कर्मचारियों को निलंबित करना ही पर्याप्त नहीं है। वे घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
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दिग्विजय सिंह के दौरे से पहले फैसला
मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह रीवा पहुंचकर मृतका के परिवार से मुलाकात करने वाले हैं। उनके दौरे से पहले डीन के तबादले का आदेश सामने आया है। ब सबकी नजर इस बात पर है कि परिजनों की आपराधिक कार्रवाई की मांग पर शासन और प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है। फिलहाल, जच्चा-बच्चा की मौत का यह मामला रीवा में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल बन गया है।
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मामला 26 अगस्त का है। संजय गांधी अस्पताल में इलाज के दौरान कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई थी। इसके बाद घटना से जुड़ा वीडियो सामने आया, जिसके बाद अस्पताल में इलाज और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। मामला बढ़ने के साथ अस्पताल परिसर में विरोध और अनशन भी शुरू हो गया।
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तबादले के बाद भी नहीं थमा परिजनों का विरोध
डीन को हटाए जाने के बावजूद कल्पना मिश्रा के परिजनों का आंदोलन जारी है। मृतका के पिता और परिवार के अन्य सदस्य अस्पताल परिसर में अनशन कर रहे हैं। परिजनों का कहना है कि अधिकारियों को हटाना या कर्मचारियों को निलंबित करना ही पर्याप्त नहीं है। वे घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
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दिग्विजय सिंह के दौरे से पहले फैसला
मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह रीवा पहुंचकर मृतका के परिवार से मुलाकात करने वाले हैं। उनके दौरे से पहले डीन के तबादले का आदेश सामने आया है। ब सबकी नजर इस बात पर है कि परिजनों की आपराधिक कार्रवाई की मांग पर शासन और प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है। फिलहाल, जच्चा-बच्चा की मौत का यह मामला रीवा में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल बन गया है।
