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मध्य प्रदेश: स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश का जलवा, टॉप-4 में इंदौर, जबलपुर और भोपाल
Tue, 08 Sep 2026 09:27 AM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 08 Sep 2026 09:27 AM IST
सार
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में मध्यप्रदेश के तीन शहरों ने देश के टॉप-4 में जगह बनाई है। इंदौर दूसरे, जबलपुर तीसरे और भोपाल चौथे स्थान पर रहा, बेहतर वायु गुणवत्ता और प्रदूषण नियंत्रण के प्रयासों के चलते शहरों को यह उपलब्धि मिली है।
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फाइल फोटो
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विस्तार
मध्यप्रदेश के तीन शहरों ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में देश के शीर्ष चार शहरों में जगह बनाई है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में इंदौर दूसरे, जबलपुर तीसरे और भोपाल चौथे स्थान पर रहे। शहरों के वायु गुणवत्ता सुधार और पर्यावरण प्रबंधन के बेहतर प्रदर्शन के चलते उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। इस श्रेणी में लखनऊ पहले स्थान पर रहा। इंदौर ने लगातार बेहतर वायु गुणवत्ता और पर्यावरण प्रबंधन के प्रयासों के चलते देश में दूसरा स्थान हासिल किया। हालांकि, पिछले साल इंदौर पहले स्थान पर था। इस बार वह एक पायदान नीचे खिसककर दूसरे स्थान पर पहुंचा है। इंदौर के वायु गुणवत्ता प्रबंधन में बेहतर प्रदर्शन के चलते उसे राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) के तहत 15वें वित्त आयोग की इंसेंटिव ग्रांट भी मिली है। इंदौर में वायु गुणवत्ता की निगरानी, धूल नियंत्रण, स्वच्छ ईंधन, ई-मोबिलिटी, हरित क्षेत्र बढ़ाने और लोगों की भागीदारी जैसे प्रयास किए गए हैं। इन्हीं प्रयासों के चलते शहर ने देश के शीर्ष शहरों में जगह बनाई है।
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भोपाल ने सुधारा स्कोर, रैंकिंग भी बेहतर
राजधानी भोपाल ने इस बार अपने प्रदर्शन में सुधार किया है। भोपाल ने 192 अंक हासिल कर चौथा स्थान प्राप्त किया। पिछले साल भोपाल को 191 अंक के साथ छठा स्थान मिला था। यानी इस बार भोपाल ने अपना स्कोर एक अंक सुधारने के साथ ही रैंकिंग में भी दो पायदान की छलांग लगाई है। भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 को भी वार्ड श्रेणी में चुना गया है। वार्ड में वायु गुणवत्ता सुधार, हरित क्षेत्र बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर किए गए प्रयासों के चलते उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
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जबलपुर तीसरे स्थान पर
मध्यप्रदेश का जबलपुर भी देश के टॉप-4 शहरों में शामिल हुआ है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में जबलपुर ने तीसरा स्थान हासिल किया है। वायु प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए गए प्रयासों के चलते जबलपुर को यह उपलब्धि मिली है। इसके साथ ही इंदौर, जबलपुर और भोपाल ने देश के बड़े शहरों के बीच स्वच्छ हवा के मामले में मध्यप्रदेश की मजबूत स्थिति दर्ज कराई है।
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130 शहरों के प्रदर्शन का हुआ आकलन
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत देश के 130 शहरों में वायु गुणवत्ता सुधार के प्रयासों का आकलन किया गया। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि स्वच्छ हवा कोई विलासिता नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की बुनियादी जरूरत है। उन्होंने प्रदूषण कम करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। सर्वेक्षण के मुताबिक 130 में से 108 शहरों में पीएम10 के स्तर में सुधार दर्ज किया गया। इनमें 72 शहर ऐसे रहे, जहां पीएम10 में 20 प्रतिशत से अधिक कमी आई। वहीं, 14 शहर राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में सफल रहे।
उपलब्धि के साथ चुनौती भी बरकरार
मध्यप्रदेश के तीन शहरों का देश के शीर्ष चार में शामिल होना बड़ी उपलब्धि है। खासकर भोपाल ने पिछले साल की तुलना में अपना स्कोर और रैंकिंग दोनों बेहतर की है। हालांकि, शहरों में वायु प्रदूषण अब भी चुनौती बना हुआ है। ऐसे में धूल नियंत्रण, स्वच्छ ईंधन, हरित क्षेत्र बढ़ाने, सार्वजनिक परिवहन और ई-मोबिलिटी के साथ आम लोगों की भागीदारी को और मजबूत करना जरूरी होगा। शहरों के मौजूदा प्रदर्शन को बनाए रखना और वायु गुणवत्ता में और सुधार करना अगली चुनौती होगी।
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भोपाल ने सुधारा स्कोर, रैंकिंग भी बेहतर
राजधानी भोपाल ने इस बार अपने प्रदर्शन में सुधार किया है। भोपाल ने 192 अंक हासिल कर चौथा स्थान प्राप्त किया। पिछले साल भोपाल को 191 अंक के साथ छठा स्थान मिला था। यानी इस बार भोपाल ने अपना स्कोर एक अंक सुधारने के साथ ही रैंकिंग में भी दो पायदान की छलांग लगाई है। भोपाल नगर निगम के वार्ड क्रमांक-60 को भी वार्ड श्रेणी में चुना गया है। वार्ड में वायु गुणवत्ता सुधार, हरित क्षेत्र बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर किए गए प्रयासों के चलते उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
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जबलपुर तीसरे स्थान पर
मध्यप्रदेश का जबलपुर भी देश के टॉप-4 शहरों में शामिल हुआ है। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में जबलपुर ने तीसरा स्थान हासिल किया है। वायु प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में किए गए प्रयासों के चलते जबलपुर को यह उपलब्धि मिली है। इसके साथ ही इंदौर, जबलपुर और भोपाल ने देश के बड़े शहरों के बीच स्वच्छ हवा के मामले में मध्यप्रदेश की मजबूत स्थिति दर्ज कराई है।
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130 शहरों के प्रदर्शन का हुआ आकलन
राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के तहत देश के 130 शहरों में वायु गुणवत्ता सुधार के प्रयासों का आकलन किया गया। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि स्वच्छ हवा कोई विलासिता नहीं, बल्कि हर व्यक्ति की बुनियादी जरूरत है। उन्होंने प्रदूषण कम करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। सर्वेक्षण के मुताबिक 130 में से 108 शहरों में पीएम10 के स्तर में सुधार दर्ज किया गया। इनमें 72 शहर ऐसे रहे, जहां पीएम10 में 20 प्रतिशत से अधिक कमी आई। वहीं, 14 शहर राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों को पूरा करने में सफल रहे।
उपलब्धि के साथ चुनौती भी बरकरार
मध्यप्रदेश के तीन शहरों का देश के शीर्ष चार में शामिल होना बड़ी उपलब्धि है। खासकर भोपाल ने पिछले साल की तुलना में अपना स्कोर और रैंकिंग दोनों बेहतर की है। हालांकि, शहरों में वायु प्रदूषण अब भी चुनौती बना हुआ है। ऐसे में धूल नियंत्रण, स्वच्छ ईंधन, हरित क्षेत्र बढ़ाने, सार्वजनिक परिवहन और ई-मोबिलिटी के साथ आम लोगों की भागीदारी को और मजबूत करना जरूरी होगा। शहरों के मौजूदा प्रदर्शन को बनाए रखना और वायु गुणवत्ता में और सुधार करना अगली चुनौती होगी।
