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मध्यप्रदेश में खुलेंगे इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के K-12 स्कूल! जेम्स एजुकेशन ने दिखाई रुचि, भोपाल-इंदौर पर नजर
Tue, 08 Sep 2026 05:53 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Tue, 08 Sep 2026 05:53 PM IST
सार
मध्यप्रदेश में इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के K-12 स्कूल खुलने का रास्ता खुल सकता है। दुबई में AIM कांग्रेस के दौरान सीएम मोहन यादव से मुलाकात में जेम्स एजुकेशन ने भोपाल और इंदौर में स्कूल शुरू करने में रुचि दिखाई है।
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सीएम यादव उद्यमियों से चर्चा करते हुए
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
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मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा निवेश आने की संभावना है। दुबई में आयोजित AIM कांग्रेस-2026 के तीसरे दिन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जेम्स एजुकेशन के चेयरमैन-फाउंडर सनी वर्की से मुलाकात की। बातचीत के दौरान कंपनी ने मध्यप्रदेश के इंदौर और भोपाल में इंटरनेशनल स्टैंडर्ड के K-12 स्कूल शुरू करने में रुचि दिखाई। सीएम यादव ने बैठक में मध्यप्रदेश की एजुकेशन पॉलिसी और शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद प्रदेश में विद्यार्थियों की शिक्षा को लेकर नए प्रयोग किए जा रहे हैं। बैठक में सांदीपनि स्कूलों को लेकर भी चर्चा हुई।
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सिर्फ पढ़ाई नहीं, स्किल्स पर भी होगा फोकस
जेम्स एजुकेशन जिन स्कूलों को मध्यप्रदेश में शुरू करने पर विचार कर रही है, उनमें पारंपरिक पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने पर जोर रहेगा। स्कूलों में स्किल ट्रेनिंग, STEM, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और एंटरप्रेन्योरशिप जैसे क्षेत्रों में फ्यूचर-रेडी प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा टेक्नोलॉजी से लैस क्लासरूम विकसित किए जाएंगे। कंपनी स्थानीय जरूरतों और भविष्य में शिक्षा की बदलती मांग को ध्यान में रखते हुए नेशनल और इंटरनेशनल दोनों तरह के करिकुलम को लागू करने की योजना पर काम करेगी।
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शिक्षकों की ट्रेनिंग पर भी जोर
कंपनी की योजना सिर्फ स्कूल खोलने तक सीमित नहीं है। शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए टीचर ट्रेनिंग और स्कूल लीडरशिप डेवलपमेंट पर भी काम किया जाएगा। इससे शिक्षकों को नई तकनीक और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जोड़ने के साथ स्कूलों की संस्थागत गुणवत्ता मजबूत करने पर भी फोकस रहेगा।
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2000 में शुरू हुई कंपनी, कई देशों में नेटवर्क
सनी वर्की ने मुख्यमंत्री को बताया कि जेम्स एजुकेशन दुनिया के बड़े निजी K-12 शिक्षा प्रदाताओं में शामिल है। कंपनी अलग-अलग देशों में अलग-अलग करिकुलम वाले स्कूलों का नेटवर्क संचालित करती है। कंपनी की स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी और इसका मुख्यालय दुबई में है। इसका नेटवर्क मिडिल ईस्ट, एशिया, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका तक फैला हुआ है। कंपनी का फोकस क्वालिटी एजुकेशन, टीचर डेवलपमेंट और एजुकेशनल इनोवेशन पर है।
GIS-2027 के लिए सीएम ने दिया न्योता
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सनी वर्की को अगले साल होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS)-2027 में शामिल होने का न्योता दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में निवेश की काफी संभावनाएं हैं। जेम्स एजुकेशन जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनी का निवेश प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में नई संभावनाएं पैदा कर सकता है। अगर कंपनी की योजना आगे बढ़ती है तो भोपाल और इंदौर में शुरू होने वाले ये स्कूल प्रदेश के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा के साथ AI, कोडिंग, STEM और रोजगार से जुड़ी स्किल्स सीखने का अवसर दे सकते हैं।
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सिर्फ पढ़ाई नहीं, स्किल्स पर भी होगा फोकस
जेम्स एजुकेशन जिन स्कूलों को मध्यप्रदेश में शुरू करने पर विचार कर रही है, उनमें पारंपरिक पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने पर जोर रहेगा। स्कूलों में स्किल ट्रेनिंग, STEM, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और एंटरप्रेन्योरशिप जैसे क्षेत्रों में फ्यूचर-रेडी प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा टेक्नोलॉजी से लैस क्लासरूम विकसित किए जाएंगे। कंपनी स्थानीय जरूरतों और भविष्य में शिक्षा की बदलती मांग को ध्यान में रखते हुए नेशनल और इंटरनेशनल दोनों तरह के करिकुलम को लागू करने की योजना पर काम करेगी।
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शिक्षकों की ट्रेनिंग पर भी जोर
कंपनी की योजना सिर्फ स्कूल खोलने तक सीमित नहीं है। शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए टीचर ट्रेनिंग और स्कूल लीडरशिप डेवलपमेंट पर भी काम किया जाएगा। इससे शिक्षकों को नई तकनीक और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से जोड़ने के साथ स्कूलों की संस्थागत गुणवत्ता मजबूत करने पर भी फोकस रहेगा।
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2000 में शुरू हुई कंपनी, कई देशों में नेटवर्क
सनी वर्की ने मुख्यमंत्री को बताया कि जेम्स एजुकेशन दुनिया के बड़े निजी K-12 शिक्षा प्रदाताओं में शामिल है। कंपनी अलग-अलग देशों में अलग-अलग करिकुलम वाले स्कूलों का नेटवर्क संचालित करती है। कंपनी की स्थापना वर्ष 2000 में हुई थी और इसका मुख्यालय दुबई में है। इसका नेटवर्क मिडिल ईस्ट, एशिया, यूरोप और नॉर्थ अमेरिका तक फैला हुआ है। कंपनी का फोकस क्वालिटी एजुकेशन, टीचर डेवलपमेंट और एजुकेशनल इनोवेशन पर है।
GIS-2027 के लिए सीएम ने दिया न्योता
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सनी वर्की को अगले साल होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS)-2027 में शामिल होने का न्योता दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में निवेश की काफी संभावनाएं हैं। जेम्स एजुकेशन जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनी का निवेश प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में नई संभावनाएं पैदा कर सकता है। अगर कंपनी की योजना आगे बढ़ती है तो भोपाल और इंदौर में शुरू होने वाले ये स्कूल प्रदेश के विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा के साथ AI, कोडिंग, STEM और रोजगार से जुड़ी स्किल्स सीखने का अवसर दे सकते हैं।
