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यूपी: प्रदेश के शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में होगा ड्रग फ्री जोन, नहीं बिक सकेंगे मादक पदार्थ
Fri, 25 Sep 2026 10:36 PM IST
रोहित मिश्र
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: रोहित मिश्र
Updated Fri, 25 Sep 2026 10:36 PM IST
सार
Drugs will not be sold: मुख्य सचिव ने जिलों में चिन्हित हॉट स्पॉट की निरंतर निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही, प्रदेश भर के स्कूलों एवं कॉलेजों में नशा मुक्ति एवं जागरूकता के लिए विशेष अभियान संचालित करने को कहा।
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मुख्य सचिव एसपी गोयल ने दिए निर्देश। डेमो पिक।
- फोटो : विभाग
विस्तार
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने शैक्षणिक संस्थानों के आसपास 500 मीटर के दायरे को ‘ड्रग फ्री जोन’ घोषित करने और इस व्यवस्था को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया। वह शुक्रवार को नारकोटिक्स कंट्रोल एवं समन्वय तंत्र (एनकॉर्ड) की राज्य स्तरीय समिति की तृतीय बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी एवं अवैध व्यापार पर प्रभावी नियंत्रण, नशा मुक्ति एवं जागरूकता अभियान, मादक पदार्थों के निस्तारण तथा विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय की समीक्षा भी की।
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मुख्य सचिव ने जिलों में चिन्हित हॉट स्पॉट की निरंतर निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही, प्रदेश भर के स्कूलों एवं कॉलेजों में नशा मुक्ति एवं जागरूकता के लिए विशेष अभियान संचालित करने को कहा। सभी जिलों में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के स्रोत, नेटवर्क एवं वितरण तंत्र पर कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही प्री-कर्सर रसायनों, एसीटिक एनहाइड्राइड, कंट्रोल्ड सब्सटेंस एवं नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध डायवर्जन की रोकथाम के लिए सख्त निगरानी एवं कार्रवाई का निर्देश दिया। मादक पदार्थों से पीड़ित युवाओं की काउंसलिंग कराने और पुनर्वास पर भी जोर दिया। एनडीपीएस एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई को प्रभावी बनाने तथा अवैध मादक पदार्थों से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया। बैठक में पुलिस, एनसीबी, सीबीएन, एफएसडीए, एफएसएल, डीआरआई, जीएसटी एवं आबकारी विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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20 हाई वैल्यू टारगेट चिन्हित
बैठक में आईजी एएनटीएफ अब्दुल हमीद ने बताया कि 10 प्रमुख हॉट स्पॉट लखनऊ, कानपुर, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, आगरा, बरेली, शामली, बाराबंकी, सहारनपुर व सोनभद्र को चिन्हित किया गया है। प्रत्येक क्षेत्र में 20 हाई वैल्यू टारगेट चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। वर्ष 2026 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 3,737 अभियोग पंजीकृत किए गए जबकि 5,390 आरोपियों को गिरफ्तार कर 32,768 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ बरामद किया गया। वर्ष 2022 से अगस्त 2026 तक 4,37,902 किग्रा मादक पदार्थों का निस्तारण किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1,925 करोड़ रुपये है। आरोपियों की 78 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की गई। सर्वाधिक एनडीपीएस मामले वाले शीर्ष 25 जिलों में विशेष न्यायालयों के लिए पद सृजित हो चुके हैं तथा न्यायालयों के गठन का प्रस्ताव प्रक्रियाधीन है। बैठक में बताया गया कि अवैध अफीम की खेती की सूचना देने के लिए सीबीएन एवं सेंट्रल इकोनॉमिक इंटेलिजेंस ब्यूरो द्वारा व्हाट्सएप नंबर 986855002 जारी किया गया है, जिस पर अवैध खेती की फोटो अपलोड करने की सुविधा है।
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